मथुरा हत्याकांड: DIG के समझाने पर भी नहीं माने लोग, गुस्साई भीड़ ने एसडीएम की गाड़ी पर किया पथराव
मथुरा में गो-रक्षक फरसे वाले बाबा की हत्या के बाद हालात पूरी तरह बेकाबू हो गए। दरअसल, गो-तस्करों का पीछा करने के दौरान उन्हें गाड़ी से कुचल दिया गया, जिसके बाद क्षेत्र में भारी आक्रोश फैल गया। समझाने पहुंचे डीआईजी की भी लोगों ने बात नहीं सुनी। इस घटना में करीब आधा दर्जन पुलिसकर्मी घायल हो गए।

मथुरा जिले के छाता क्षेत्र में गो-रक्षक फरसे वाले बाबा उर्फ चंद्रशेखर की मौत के बाद हालात पूरी तरह बेकाबू हो गए। बताया जा रहा है कि कोसी के कोटवन के पास गो-तस्करों का पीछा करने के दौरान पीछे से आ रही गाड़ी ने उन्हें कुचल दिया, जिसके बाद क्षेत्र में भारी आक्रोश फैल गया। घटना के विरोध में गुस्साए लोगों ने दिल्ली हाईवे जाम कर दिया। देखते ही देखते दोनों तरफ करीब 5-5 किलोमीटर लंबा जाम लग गया, जिसमें विदेशी नागरिक भी फंसे रहे। कई वाहन चालक जाम से निकलने के लिए गलत दिशा में गाड़ियां निकालने की कोशिश करते नजर आए, जिससे अव्यवस्था और बढ़ गई। समझाने पहुंचे डीआईजी की भी लोगों ने बात नहीं सुनी और पथराव कर दिया। इस घटना में आधा दर्शन पुलिसकर्मी घायल हो गए।
मौके पर पहुंचे डीआईजी और अन्य अधिकारियों ने लोगों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन प्रदर्शनकारी नहीं माने। इसके बाद स्थिति और बिगड़ गई और पुलिस तथा प्रदर्शनकारियों के बीच झड़प हो गई। भीड़ ने पथराव शुरू कर दिया, जिसके जवाब में पुलिस को आंसू गैस के गोले छोड़ने और रबर की गोलियां चलानी पड़ीं। उग्र भीड़ ने प्रशासनिक अधिकारियों की गाड़ियों को भी निशाना बनाया। एसपीआरए, सीओ छाता, गोविंद नगर, शेरगढ़ और एसडीएम समेत एडीएम प्रशासन की गाड़ियों में तोड़फोड़ की गई।
पथराव और पुलिस कार्रवाई के बाद हाईवे पर भगदड़ जैसे हालात बन गए। लोग इधर-उधर भागते नजर आए, जिससे पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई। स्थिति को देखते हुए मौके पर भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया है और आरोपियों की तलाश में पुलिस की टीमें रवाना कर दी गई हैं। प्रशासन हालात को नियंत्रित करने की कोशिश में जुटा हुआ है।
पुलिस ने गो तस्करी के बात से किया इनकार
इस मामले में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक मथुरा श्लोक कुमार ने बताया कि रात 3 से 4 बजे के बीच में चंद्रशेखर उर्फ फरसा बाबा के द्वारा एक वाहन को संदिग्ध मान करके रोका गया था, जिसमें कि कल घना कोहरा होने के कारण पीछे से एक ट्रक जो कि राजस्थान नंबर का था, उसके द्वारा आकर इनको हिट किया गया जिसमें कि इनकी मौत हो गई। जिस कंटेनर इनके द्वारा रोका गया था उसमें किराने का सामान पाया गया और जो ट्रक पीछे से आया, राजस्थान नंबर का, उसमें तार लदे हुए थे।




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