सार्वजनिक परिवहन का अभाव, निजी वाहनों पर ही 90 % निर्भरता
Etah News - प्रधानमंत्री द्वारा भविष्य में ऊर्जा संकट के संकेत और खपत में कमी की चेतावनी से जिलेवासियों की चिंताएं बढ़ गई हैं। वर्तमान में जिले के सभी 123 फ्यूल स्टेशनों पर पेट्रोल-डीजल का स्टॉक सामान्य है, लेकिन भविष्य में कमी से माल ढुलाई और कृषि कार्य प्रभावित हो सकते हैं।

प्रधानमंत्री द्वारा भविष्य में ऊर्जा संकट की ओर किए गए सांकेतिक इशारे और खपत कम करने की चेतावनी ने जिलेवासियों की चिंताएं बढ़ा दी है। हालांकि वर्तमान में जिले के सभी 123 फ्यूल स्टेशनों पर पेट्रोल-डीजल का स्टॉक, आपूर्ति और खपत सामान्य है। यदि आने वाले समय में उपलब्धता या खपत में कमी आती है, तो जिले की रफ्तार पूरी तरह थम सकती है। जिले की 90 फीसदी ग्रामीण आबादी शहर आने-जाने के लिए अभी भी निजी बाइकों, कारों, ट्रैक्टरों, डग्गामार वाहनों पर निर्भर है। रेल सेवाओं के नाम पर जिला केवल एक ब्रांच लाइन से जुड़ा है, जिसका लाभ नाममात्र की आबादी को मिलता है। ऐसे में पेट्रोल-डीजल बचाओ की अपील जिलेवासियों के लिए एक बड़ी चुनौती है। इसका मुख्य कारण है कि जिले में निजी संसाधनों एवं रोडवेज बसों के अलावा आवागमन का तीसरा कोई सस्ता या भरपूर सार्वजनिक जैसे सिटी बसों का विकल्प उपलब्ध ही नहीं है। जबकि जनपद एटा काफी बड़ा व्यापारिक केंद्र है, जहां रोजमर्रा की वस्तुओं से लेकर निर्माण सामग्री तक ट्रकों के जरिए आती है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि ईंधन की खपत को नियंत्रित किया जाता है, तो जिले में सबसे पहला असर माल ढुलाई पर पड़ेगा। डीजल की कमी या कीमतों में अस्थिरता का सीधा असर सब्जी, दूध और राशन की कीमतों में पड़ेगा। जिसमें बेतहाशा वृद्धि होनी संभावना रहेगी.
ट्रांसपोर्टरों और किसानों की चिंता
सोमवार को शहर के एटा गुड्स कैरियर, पालकी ट्रेवल्स समेत अन्य ट्रांसपोर्टर संचालकों ने बताया कि जिले में माल ढुलाई का कोई वैकल्पिक साधन न होने के कारण पूरा बोझ ट्रकों पर निर्भर है। ईंधन की सीमित आपूर्ति व्यापारिक गतिविधियों को ठप कर सकती है। वहीं कृषि कार्यों पर संकट गहरा सकता है। ट्रैक्टरों के जरिए खेतों की जुताई से लेकर पंपसेटों के जरिए सिंचाई तक हर कदम पर किसानों को डीजल की जरुरत होती है। यदि डीजल की उपलब्धता में कमी की गई तो खेती की लागत कई गुना बढ़ सकती है। इससे खाद्य वस्तुओं पर महंगाई बढ़ने के साथ किसानों की मुश्किलें भी बढ़ सकती है।
जिले में पर्यापत पेट्रोल-डीजल का स्टॉक
सोमवार को जिला पूर्ति अधिकारी कमलेश गुप्ता ने बताया कि जिले के सभी 123 पेट्रोल पंपों पर पेट्रोल-डीजल का भरपूर स्टॉक उपलब्ध है। वहीं पेट्रोल पंप संचालकों के अनुसार अभी उपभोक्ताओं को जरूरत के मुताबिक ईंधन मिल रहा है और कहीं भी किल्लत जैसी स्थिति नहीं है। हालांकि पीएम के सांकेतिक चेतावनी को देखते हुए भविष्य में जमाखोरी या मारामारी बढ़ने का अंदेशा बना सकता है।
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