इंजीनियर ने फूड ब्लॉगर बनने की सनक में काटी गाय, आहत पिता ने हाते पर चलवाया बुलडोजर
फतेहपुर में अपने प्लॉट में एक दिन पहले गोवंश की निर्ममता से हत्या करने वाला मद्रास आईआईटी से इंजीनियरिंग स्नातक युवक पर फूड ब्लॉगर बनने का शौक चढ़ गया। उसने यू-ट्यूब और इंस्टाग्राम पर उनके वीडियो देखकर ही उसने गोवंश की हत्या की। वहीं, उसके काम से आहत पिता ने घर पर बुलडोजर चलवा दिया।

यूपी के फतेहपुर से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। यहां मद्रास IIT से इंजीनियरिंग की पढ़ाई कर चुके रोहन निषाद ने फूड ब्लॉगर बनने की सनक में अपने ही प्लॉट में गोवंश की निर्ममता से हत्या कर दी। युवक ने पुलिस पूछताछ में खुलासा किया कि उसने यूट्यूब और इंस्टाग्राम पर विदेशी फूड ब्लॉगर्स के वीडियो देखकर यह कदम उठाया। वह भी उन्हीं की तरह मांस काटने का वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर डालना चाहता था। उधर, बेटे की इस कृत से आहत पिता ने घर पर बुलडोजर चलवा दिया।
बताया जाता है कि रोहन पहले विदेश में 18 लाख रुपये सालाना पैकेज पर नौकरी कर रहा था। बुधवार को उसका एक वीडियो वायरल हुआ, जिसमें वह कटे हुए गोवंश के पास बांका लेकर टहलता नजर आया। घटना के बाद मोहल्ले में दहशत फैल गई। मोहल्ले वालों के अनुसार, सब्जी की देखभाल के लिए वह सुबह-शाम यहां आता था। करीब एक महीने पहले ही उसने हाते की बाउंड्री बनवाई थी। बुधवार सुबह करीब सात बजे अंदर से अजीब सी आवाजें सुनाई दे रहीं थीं। आरोपी ने घर से फ्राई पैन लाकर करीब तीन किलो गोवंश का मांस काटकर रखा था। वह फूड ब्लॉगर्स की तरह मोबाइल से वीडियो बनाते हुए बोल-बोलकर मांस को अलग करता जा रहा था।
कई साल से नहीं कटवाए थे दाढ़ी-बाल
स्थानीय लोग बताते हैं कि रोहन लंबे बाल और दाढ़ी रखता था। टोका-टोकी पर कहता था कि बाल कटवाने से क्या फायदा। सालों से उसने दाढ़ी बाल नहीं कटवाए थे। एक सप्ताह पहले ही दाढ़ी-बाल छोटे करवाए थे। दिनदहाड़े गोकशी से मोहल्ला अभी भी दहशत में है।
पिता ने दोनों बेटों के हिसाब से ले लिया था प्लाट
आरोपी रोहन के पिता मोहन निषाद भारतीय थल सेना से सूबेदार मेजर पद से रिटायर हैं। उन्होंने दोनों बेटों को अच्छी शिक्षा दिलाई। भविष्य के लिए प्रापर्टी भी बनाई। अशोक नगर में रोहन माता-पिता के साथ जिस घर में रहता था, वह दो मंजिला शानदार घर बना हुआ है। जिस हाते में रोहन ने गोकशी की, वह इस घर से करीब सौ मीटर दूर है। पिता ने दो बेटों के हिसाब से प्लॉट को करीब पांच साल पहले खरीदा था। सेवानिवृत्त सूबेदार मेजर मोहन ने अपने बेटे की करतूत पर शर्मिंदगी जताई। उन्होंने प्रशासन से आग्रह कर उस हाते आंगन को जमींदोज करवा दिया जहां गोकशी हुई थी। मोहन ने कहा जो बेटे ने किया है वह अक्षम्य अपराध है।
पुलिस ने माना-आरोपी की मानसिक हालत ठीक नहीं
पुलिस जांच में आरोपी की मानसिक स्थिति ठीक न होने की बात सामने आई है। इस बात की पुष्टि मोहल्ले के लोगों ने भी की है। करीब एक साल पहले जब रोहन विदेश से नौकरी छोड़कर शहर आ गया तभी से उसकी हालत ठीक नहीं थी। बेंगलुरू में उसका इलाज चल रहा था।
आईआईटी से पढ़ा, 18 लाख के पैकेज की नौकरी छोड़ी
रोहन कभी मेधावी छात्र हुआ करता था। आईआईटी मद्रास से इंजीनियरिंग की पढ़ाई पूरी करने के बाद उसे विदेश में 18 लाख रुपये सालाना का पैकेज मिला था। कुछ सालों तक विदेश में नौकरी करने के बाद अचानक मानसिक रूप से असंतुलित होता गया। नौकरी छोड़कर करीब एक साल पहले घर लौट आया और गुमसुम रहने लगा था।
कुछ पड़ोसियों ने बताया कि उसकी सनक, मानसिक रोग की झलक उस वक्त साफ दिखने लगी, जब उसने करीब पांच माह पूर्व पिता पर हमला करने की कोशिश की थी। वह बात-बात में झगड़ता, जान से मारने की धमकी देता और कई बार खुद से भी बात करता पाया गया। लोगों ने सोचा शायद डिप्रेशन है, लेकिन समय के साथ उसका गुस्सा और सनक इस तरह हिंसक हो गई। मोहल्ले के एक पूर्व सभासद ने बताया कि विदेश से लौटने के बाद रोहन ने खुद को सबसे अलग कर लिया था। न किसी से बातचीत करता न मेलजोल रखता था। मोहल्ले में लोग भी उससे बचकर रहते थे।




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