डबल मर्डर केस में धनंजय सिंह बाइज्जत बरी, एमपी-एमएलए कोर्ट से पूर्व सांसद को बड़ी राहत
पूर्व सांसद धनंजय सिंह को एमपी-एमएलए कोर्ट से बड़ी राहत मिली है। कोर्ट ने15 साल पुराने दोहरे हत्याकांड मामले में पूर्व सांसद धनंजय सिंह समेत चार आरोपियों को बरी कर दिया है। ये फैसला अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश (चतुर्थ) एमएलए-एमपी कोर्ट ने दिया है।

पूर्व सांसद धनंजय सिंह को एमपी-एमएलए कोर्ट से बड़ी राहत मिली है। 15 साल पुराने दोहरे हत्याकांड मामले में पूर्व सांसद धनंजय सिंह समेत चार आरोपियों को बरी कर दिया है। ये फैसला अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश (चतुर्थ) एमएलए-एमपी कोर्ट के न्यायाधीश सारीक सिद्दीकी की अदालत ने दिया है।
केराकत थाना क्षेत्र के बेलांव घाट पर 15 वर्ष पूर्व हुए संजय निषाद व नंदलाल निषाद हत्याकांड में पूर्व सांसद धनंजय सिंह समेत कुल चारों आरोपियों कोर्ट को बरी कर दिया हैं। जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी लाल बहादुर पाल ने बताया कि एक अप्रैल 2010 को 5.15 बजे सुबह केराकत थाना क्षेत्र के बेलांव घाट बैरियर के पास टोल टैक्स के विवाद में संजय निषाद व नंदलाल निषाद की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। आरोप है कि ठेकेदारी की रंजिश को लेकर हत्याकांड को अंजाम दिया गया। पुलिस ने पूर्व सांसद धनंजय सिंह के साथ ही आशुतोष सिंह, पुनीत सिंह व सुनीत सिंह के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की थी। कोर्ट में गवाहों के बयान भी दर्ज हुए हैं।
इस मामले में पुलिस ने सभी को क्लीन चिट दे दिया था। बाद में सीबीसीआईडी ने जांच के बाद आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया था। एमएलए-एमपी कोर्ट एडीजे चतुर्थ की अदालत में मामले में विचारण चल रहा था, आज गुरुवार को अदालत ने पत्रावली पर उपलब्ध सबूत और साक्ष्यों का अवलोकन करने के पश्चात अपना निर्णय देते हुए पूर्व सांसद धनंजय सिंह सहित चारों आरोपियों को बरी कर दिया।
राजनीतिक रंजिश तहत फंसाया गया
वहीं, अदालत का फैसला आने के बाद धनंजय सिंह ने मीडिया से कहा कि इस मामले में उन्हें राजनीतिक रंजिश के तहत फंसाया गया था। लेकिन उन्हें न्यायपालिका पर भरोसा था। इस मामले में दोषमुक्त होने पर उन्होंने न्यायालय के प्रति आभार व्यक्त किया। पूर्व सांसद ने कहा कि उस समय वह बहुजन समाज पार्टी (बसपा) के सांसद थे। इस घटना की दो बार सीबीसीआईडी जांच हुई थी। जांच में और अन्य प्रक्रिया में उन्हें निर्दोष पाया गया था। आज आये फैसले के जरिये न्यायालय ने उनकी दोषमुक्ति पर मुहर लगा दी है।




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