आईना पहले खुद देखो, फिर दिखाया करो; मंत्री एके शर्मा का बिजली कटौती पर अखिलेश को जवाब
यूपीमें बिजली व्यवस्था को लेकर सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव और ऊर्जा मंत्री एके शर्मा के बीच बयानबाजी तेज हो गई है। शर्मा ने दावा किया कि 2017 के बाद बिजली उत्पादन, उपभोक्ताओं की संख्या, ट्रांसमिशन क्षमता और ग्रामीण विद्युतीकरण में रिकॉर्ड वृद्धि हुई है। प्रदेश में 18 से 24 घंटे बिजली दी जा रही है।

उत्तर प्रदेश में बिजली व्यवस्था को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। समाजवादी पार्टी की ओर से प्रदेश की बिजली आपूर्ति व्यवस्था पर सवाल उठाए जाने के बाद सरकार की तरफ से विस्तृत आंकड़ों के साथ जवाब दिया गया है। सरकार ने दावा किया है कि वर्ष 2017 के बाद प्रदेश में बिजली उत्पादन, ट्रांसमिशन और वितरण व्यवस्था में ऐतिहासिक सुधार हुआ है। ऊर्जा मंत्री एके शर्मा ने अखिलेश यादव को जवाब देते हुए एक्स पर लिखा कि आज कल समाजवादी पार्टी के मुखिया को यूपी की बिजली व्यवस्था बहुत कमज़ोर दिख रही है। उनसे कहना चाहूंगा कि आईना जब भी उठाया करो, पहले खुद देखो फिर दिखाया करो। ऊर्जा मंत्री ने समाजवादी पार्टी के नेतृत्व पर निशाना साधते हुए कहा गया कि पहले अपने शासनकाल की स्थिति को देखना चाहिए।
ऊर्जा मंत्री एके शर्मा ने अखिलेश पर साधा निशाना
बयान में कहा गया कि वर्ष 2012 से 2017 के बीच प्रदेश की औसत पीक बिजली मांग करीब 13 हजार मेगावाट थी, जबकि पिछले चार वर्षों में यह बढ़कर लगभग 30 हजार मेगावाट तक पहुंच गई है। सरकार ने दावा किया कि उत्तर प्रदेश लगातार चार वर्षों से देश में सबसे अधिक पीक विद्युत आपूर्ति करने वाला राज्य बना हुआ है। वर्ष 2017 में प्रदेश में करीब 1.80 करोड़ बिजली उपभोक्ता थे, जबकि अब यह संख्या बढ़कर 3.70 करोड़ तक पहुंच चुकी है। साथ ही दावा किया गया कि वर्ष 1947 से 2017 तक जिन लगभग 1.70 लाख मजरों में बिजली नहीं पहुंच सकी थी, वहां अब विद्युतीकरण पूरा किया जा चुका है। ग्रामीण विद्युतीकरण और नगरीय स्ट्रीट लाइट कार्यक्रमों से प्रदेश की तस्वीर बदलने का दावा भी किया गया।
5160 से 9120 मेगावाट हुआ बिजली उत्पादन
ऊर्जा उत्पादन के आंकड़े पेश करते हुए कहा गया कि वर्ष 2017 में प्रदेश की तापीय बिजली उत्पादन क्षमता 5160 मेगावाट थी, जो अब बढ़कर 9120 मेगावाट हो गई है। सरकार ने मेजा में 2400 मेगावाट और मिर्जापुर में 1600 मेगावाट की नई तापीय ऊर्जा परियोजनाओं को मंजूरी मिलने की जानकारी भी दी। ट्रांसमिशन और वितरण व्यवस्था में सुधार का जिक्र करते हुए कहा गया कि बड़े उपकेंद्रों की क्षमता 39 हजार MVA से बढ़कर 2 लाख MVA तक पहुंच गई है।
इसके अलावा 1.59 लाख किलोमीटर जर्जर तार और करीब 30 लाख पुराने बिजली खंभों को बदला गया है। सरकार ने कहा कि आज प्रदेश के गांवों और शहरों में 18 से 24 घंटे तक बिजली आपूर्ति सुनिश्चित की जा रही है और बिजलीकर्मी लगातार व्यवस्था को बेहतर बनाए रखने में जुटे हैं।




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