akhilesh yadav launches a major attack on bjp raises 10 questions said kuch adrishya shastra bhi han jo gupt roop se कुछ अदृश्य शस्त्र भी…, यूपी में शस्त्र लाइसेंस रिपोर्ट के बहाने अखिलेश यादव ने BJP पर कसा तंज, Uttar-pradesh Hindi News - Hindustan
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कुछ अदृश्य शस्त्र भी…, यूपी में शस्त्र लाइसेंस रिपोर्ट के बहाने अखिलेश यादव ने BJP पर कसा तंज

सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने बीजेपी और उसके सहयोगी संगठनों पर निशाना साधा है। सोशल मीडिया प्लेटफार्म ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में अखिलेश ने लिखा कि ‘असली शस्त्र के तो लाइसेंस बनते हैं लेकिन कुछ अदृश्य शस्त्र भी हैं, जो गुप्त रूप से देश, समाज और आपसी प्रेम पर अंदर से बेहद घातक हमला कर रहे हैं।’

Sat, 23 May 2026 12:05 PMAjay Singh लाइव हिन्दुस्तान
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कुछ अदृश्य शस्त्र भी…, यूपी में शस्त्र लाइसेंस रिपोर्ट के बहाने अखिलेश यादव ने BJP पर कसा तंज

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने उत्तर प्रदेश में शस्त्र लाइसेंसों के दुरुपयोग, आपराधिक पृष्ठभूमि वाले लोगों को लाइसेंस जारी किए जाने और हथियारों के सार्वजनिक प्रदर्शन पर कड़ा रुख अपनाते हुए राज्य सरकार तथा सभी जिलों के पुलिस-प्रशासनिक अधिकारियों से विस्तृत जवाब तलब किया है। साथ ही कोर्ट ने रघुराज प्रताप सिंह (राजा भैया), धनंजय सिंह जैसे 19 प्रभावशाली लोगों के शस्त्र लाइसेंस की जानकारी भी तलब की है। इसे लेकर यूपी में अब राजनीति भी शुरू हो गई है। समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने भाजपा और उसके सहयोगी संगठनों पर निशाना साधा है। सोशल मीडिया प्लेटफार्म ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में अखिलेश यादव ने लिखा कि ‘असली शस्त्र के तो लाइसेंस बनते हैं लेकिन कुछ अदृश्य शस्त्र भी हैं, जो गुप्त रूप से देश, समाज और आपसी प्रेम पर अंदर से बेहद घातक हमला कर रहे हैं।’

अखिलेश यादव ने इसे लेकर लंबा पोस्ट किया है। उन्होंने भाजपा से जुड़े लोगों पर अवैध रूप से घर, दुकान, कार्यालय आदि बनाने का आरोप लगाते हुए उनकी वैधता की जांच कराए जाने की भी मांग की। अखिलेश यादव ने कई और आरोप इस पोस्ट में लगाए हैं।

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सपा प्रमुख ने क्या लिखा है पोस्ट में

‘एक्स’ पर अपनी पोस्ट में सपा मुखिया ने लिखा-‘असली शस्त्र के तो लाइसेंस बनते हैं लेकिन कुछ अदृश्य शस्त्र भी हैं, जो गुप्त रूप से देश, समाज और आपसी प्रेम पर अंदर से बेहद घातक हमला कर रहे हैं।’ उन्होंने आगे लिखा- ‘वकील कह रहे हैं कि लगे हाथों- भाजपाइयों के घर, दुकान, कार्यालय, प्रतिष्ठान के काग़ज़-नक्शे मंगाकर उनकी वैधता भी जांच ली जाए। साथ ही भाजपा और उनके संगी-साथियों द्वारा निर्माणों, आयोजनों और आपदाओं के नाम पर ‘जगह-जगह’ से बटोरे गये ‘तरह-तरह’ के चंदे-फ़ंड का हिसाब भी माँगा जाए और उनका ऑडिट हो। और हाँ जनता ये भी पूछ रही है कि इस बात का भी क़ानूनी पहलू समझाया जाए कि ‘अनरजिस्टर्ड’ लोग ज़मीन किसके नाम से लेकर अपना निर्माण करते हैं और ये संपत्तियां कैसे बेनामी नहीं हैं?’

कौन उठा रहा खर्चा-पानी?

अखिलेश यादव ने आगे लिखा- ‘इसके अतिरिक्त जनता की जिज्ञासा ये भी है कि गुप्त-गतिविधियों में संलिप्त भाजपाई संगी-साथियों के ऐसे निर्माणों को ‘कार्यालय’ कहा जाए या ‘अड्डा’? ⁠इन ‘संगी-साथी’ अवैध लोगों का ख़र्चा-पानी कौन उठाता है? इसका कच्चा चिट्ठा तलाशकर खोला जाए। ⁠ये तथाकथित स्वदेशी ‘संगी-साथी’, विदेश भ्रमण करने क्यों जाते हैं?

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सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने का लगाया आरोप

अखिलेश यादव ने अपनी पोस्ट में आगे लिखा कि- ‘⁠ये ‘संगी-साथी’ औपनिवेशिक समय से किसकी कठपुतली हैं? ⁠इन ‘संगी-साथियों’ का इतिहास मुख़बिरी का क्यों रहा है? ⁠ये ‘संगी-साथी’ सामाजिक सौहार्द क्यों बिगाड़ते हैं? ⁠वकील ये भी पूछ रहे हैं कि अब ये ‘संगी-साथी’ किस नई साज़िश के तहत ‘मानस के मान’ पर लाठियां चलवा रहे हैं?’

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