Elderly man surrenders in 27 year old case sentenced to stand until court rises 27 साल पुराने मामले में बुजुर्ग ने किया सरेंडर, जज ने सुनाई अदालत उठने तक खड़े रहने की सजा, Uttar-pradesh Hindi News - Hindustan
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27 साल पुराने मामले में बुजुर्ग ने किया सरेंडर, जज ने सुनाई अदालत उठने तक खड़े रहने की सजा

बागपत की एक अदालत ने करीब 27 वर्ष पुराने आपराधिक मामले में अनोखा फैसला दिया है। कोर्ट ने मामले का निस्तारण करते हुए 65 वर्षीय दोषी को अदालत की कार्यवाही समाप्त होने तक वहां खड़े रहने की सजा सुनाई। साथ ही उस पर एक हजार रुपये का जुर्माना लगाया। 

Mon, 8 June 2026 12:24 PMPawan Kumar Sharma संवाददाता, बागपत
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27 साल पुराने मामले में बुजुर्ग ने किया सरेंडर, जज ने सुनाई अदालत उठने तक खड़े रहने की सजा

UP News: यूपी के बागपत से एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है। जहां 27 साल पहले मारपीट और जान से मारने की धमकी देने के मामले में आरोपी ने अपनी वृद्धावस्था और बीमारी का हवाला देते हुए न्यायालय में सरेंडर कर दिया। साथ ही अपना जुर्म स्वीकार कर लिया। बुजुर्ग ने से कम से कम सजा और अर्थदंड लगाने की भी गुहार लगाई। वहीं, पत्रावली पर सुनवाई करते हुए न्यायाधीश ने बुर्जुग को न्यायालय उठने तक कोर्ट में मौजूद रहने की सजा सुनाई। एक हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया।

सरूरपुर कलां गांव के रहने वाले धारा सिंह ने 26 जून 1999 को अपने गांव के ही राजेंद्र समेत तीन लोगों पर गाली-गलौज कर जान से मारने की धमकी देने की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। अभियोजन अधिकारी अभिराम गौतम ने बताया कि आरोपी राजेंद्र की पत्रावली मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट मनिन्द्रपाल सिंह की अदालत में विचाराधीन थी। 65 वर्षीय आरोपी राजेंद्र लंबे समय से अदालत में पेश नहीं हो रहा था। उसके खिलाफ एनबीडब्ल्यू और मकान का कुर्की वारंट अदालत ने जारी कर दिया था। शनिवार को आरोपी राजेंद्र ने अदालत में आत्मसमर्पण करते हुए कहा कि वह गरीब परिवार से है। बार-बार अदालत आने में असमर्थ है। वृद्धावस्था और बीमारी से पीड़ित है। वह अपना जुर्म स्वीकार करता है। बताया कि वह पूर्व में जेल में निरुद्ध रह चुका है।

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अर्थदंड न देने पर 10 साल की सजा

बुजुर्ग ने न्यायाधीश ने अनुरोध किया कि कम से कम अर्थदंड की सजा देकर आज ही मुकदमे का निस्तारण कर दिया जाए। वहीं, अदालत ने पत्रावली पर सुनवाई करते हुए राजेंद्र को न्यायालय उठने तक कोर्ट में रहने की सजा सुनाई और एक हजार रुपये का अर्थदंड लगाया। अर्थदंड जमा न करने पर 10 दिन का कारावास भुगतने के आदेश दिए। शनिवार को सजा की अवधि पूर्ण कर और अर्थदंड अदा करने के बाद राजेंद्र अपने घर लौट गया।

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हत्यारोपी पिता-पुत्र को उम्रकैद, 70 हजार का अर्थदंड लगाया

जिले के ही एक अन्य में जिला एवं सत्र न्यायाधीश मनोज कुमार ने बडौत कोतवाली क्षेत्र के मलकपुर गांव में युवक की हत्या करने वाले पिता-पुत्र को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। साथ ही मुख्य हत्यारोपी पर 45 हजार रुपये ओर उसके साथी पर पर 25 हजार रुपये अर्थदंड लगाया। अर्थदंड अदा न करने पर एक साल के अतिरिक्त कारावास के आदेश जारी किए गए।

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डीजीसी राहुल सिंह नेहरा ने बताया कि मलकपुर गांव के पास मार्च 2022 में 24 वर्षीय युवक विशाल की छह गोलियां मारकर हत्या कर दी थी। इसमें विशाल के पिता शेषपाल ने मलकपुर गांव के ही आशीष, उसके पिता लोकेंद्र समेत चार को नामजद करते हुए बड़ौत कोतवाली में मुकदमा दर्ज कराया था। शेषपाल ने बताया कि अपने बेटे विशाल, विजय, राजेंद्र और अजय के साथ खेत में काम करने जा रहा था। रास्ते में नाले के तटबंध पर लोकेंद्र ने अपने बेटे आशीष और दो अन्य के साथ मिलकर ताबड़तोड़ गोलियां मारकर विशाल की हत्या कर दी थी।

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