विजिलेंस के जाल में फंस गए डीएसओ और एआरओ, रिश्वत लेते रंगे हाथ दबोचे गए दोनों अधिकारी
यूपी के बागपत और हापुड़ में विजिलेंस टीम ने बड़ी कार्रवाई की है। जिला पूर्ति अधिकारी और एआरओ को रिश्वत लेते विजिलेंस की टीम ने गिरफ्तार किया है। विजिलेंस टीम की कार्रवाई से हड़कंप मचा है।

Baghpat News: यूपी में जीरो टॉलरेंस नीति के तहत कार्रवाई की गई है। बागपत में विजिलेंस टीम ने दो रिश्वतखोर अधिकारियों को रंगे हाथ पकड़ा है। दोनों अधिकारियों को पकड़ने के लिए विजिलेंस टीम ने जाल बिछाया, जिसमें दोनों फंस गए। विजिलेंस टीम ने जिला पूर्ति अधिकारी अनूप तिवारी और एआरओ जोगेंद्र कुमार को शुक्रवार दोपहर राशन डीलर से रिश्वत लेते गिरफ्तार किया है।
जिला पूर्ति अधिकारी को 40 हजार रुपये रिश्वत लेते रंगेहाथ दबोचा गया, जबकि रिश्वत के पैसे लेकर फरार हुए एआरओ को टीम ने हापुड़ से गिरफ्तार कर लिया। दोनों अधिकारियों ने राशन के कमीशन के रूप में यह रिश्वत ली। राशन डीलर ने बताया कि जिला पूर्ति अधिकारी और एआरओ 25 रुपये प्रति कुंतल की दर से कमीशन मांग रहे थे। टीम ने जिला पूर्ति अधिकारी और एआरओ के खिलाफ बागपत कोतवाली में मुकदमा दर्ज कराया है।
राशन डीलर से मांगी थी रिश्वत
बालैनी के बुढ़सैनी गांव निवासी नरेंद्र सिंह को राशन दुकान आवंटित है। नरेंद्र ने बताया कि गत माह जैसे ही राशन आया तो जिला पूर्ति अधिकारी अनूप तिवारी और एआरओ जोगेंद्र कुमार उससे कमीशन मांगने लगे। उसने कमीशन नहीं दिया तो पांच अप्रैल को वे उसकी दुकान पर पहुंचे और राशन कम होने की बात कहकर ई-पॉश मशीन उठा लाए। अगले दिन जब वह जिला पूर्ति अधिकारी से मिलने कार्यालय पहुंचा तो उन्होंने उससे कमीशन पहुंचाने की बात कही और उसकी ई-पॉश मशीन लौटा दी। इसके बाद लगातार नरेंद्र के पास कार्यालय के अधिकारी और बाबू फोन करते रहे और कमीशन पहुंचाने की बात कहते रहे। धमकी दी कि कमीशन नहीं पहुंचाया तो दुकान निरस्त कर दी जाएगी। इससे परेशान होकर नरेंद्र ने मेरठ विजिलेंस टीम को 21 मई को सूचना दी।
हापुड़ से गिरफ्तार हुआ एआरओ
शुक्रवार को विजिलेंस टीम नरेंद्र के पास पहुंची और उन्हें केमिकल लगे नोट देकर जिला पूर्ति अधिकारी के पास भेजा। टीम का एक सदस्य भी नरेंद्र के साथ जिला पूर्ति अधिकारी के पास पहुंचा। जिला पूर्ति अधिकारी अनूप तिवारी ने जैसे ही पैसे लिए, वैसे ही टीम ने उसे रंगेहाथ दबोच लिया। इसके बाद टीम उन्हें पकड़कर कोतवाली ले गई। वहीं, 10 हजार रुपये रिश्वत लेकर फरार हुए एआरओ को टीम ने हापुड़ से गिरफ्तार कर लिया। फिलहाल टीम कोतवाली में आरोपी जिला पूर्ति अधिकारी और एआरओ से पूछताछ कर रही है। टीम प्रभारी सीओ विजिलेंस आजाद सिंह केसरी ने बताया कि जिला पूर्ति अधिकारी और एआरओ जोगेंद्र कुमार को गिरफ्तार कर लिया है। दोनों ने राशन डीलर से 50 हजार रुपये रिश्वत ली है। मुकदमा दर्ज करा दिया है। आरोपियों को मेरठ न्यायालय में पेश किया जाएगा।
कन्नौज में 60 हजार रुपये रिश्वत लेते सब रजिस्ट्रार व सहायक गिरफ्तार
वहीं दूसरी ओर कन्नौज में भी विजिलेंस की टीम ने कार्रवाई की है। टीम ने यहां तहसील परिसर स्थित सब रजिस्ट्रार कार्यालय में छापेमारी करते हुए उपनिबंधक और उनके निजी सहायक को 60 हजार रुपये के साथ रंगे हाथों दबोच लिया। टीम दोनो को लेकर कोतवाली पहुंची और कागजी कार्रवाई पूरी करने के बाद दोनो को लेकर कानपुर लेकर चली गई। यह पूरी कार्रवाई रजिस्ट्री के एवज में रिश्वत मांगे जाने की शिकायत पर हुई। मामला जमीन की रजिस्ट्री से जुड़ा हुआ है।शिकायतकर्ता शहर के छिपट्टी निवासी प्रवीन कुमार पुत्र गंगाराम ने कंदरौली वांगर परगना कन्नौज स्थित जमीन का बैनामा कराने के लिए सब रजिस्ट्रार कार्यालय में आवेदन किया था। आरोप है कि इस सरकारी कार्य के बदले सब रजिस्ट्रार अश्विन कुमार वर्मा द्वारा 60,000 रुपये की रिश्वत की मांग की जा रही थी। शिकायतकर्ता आरोपियों को रंगे हाथों पकड़वाना चाहता था। उसने 22 मई को कानपुर सेक्टर के सतर्कता अधिष्ठान कार्यालय में लिखित शिकायत दर्ज कराई।
विजिलेंस के एसपी ने मामले की गोपनीय जांच करवाई, जिसमें आरोप सही पाए गए। इसके तुरंत बाद आरोपियों को दबोचने के लिए सीओ विजिलेंस प्रदीप सिंह, इन्सपेक्टर इंदू यादव, इन्सपेक्टर धर्मवीर समेत नौ सदस्यों की एक विशेष ट्रैप टीम का गठन किया गया। तय रणनीति के तहत, शुक्रवार को शिकायतकर्ता ने सब रजिस्ट्रार कार्यालय तहसील सदर में आरोपी उप निबन्धक और उनके प्राइवेट सहयोगी जितेंद्र कुमार कुशवाहा को केमिकल लगे नोट दिए, वैसे ही पहले से घात लगाए बैठी विजिलेंस की टीम ने दोनों को रंगे हाथों दबोच लिया। उधर अचानक हुई इस कार्रवाई से उप निबंधक कार्यालय सहित तहसील परिसर में हड़कम्प मच गया। टीम उपनिबंधक और निजी सहायक को लेकर सदर कोतवाली पहुंची और वहां कागजी कार्रवाई पूरी करने के बाद दोनो को लेकर कानपुर रवाना हो गई। उधर कार्रवाई की खबर मिलने पर कई अधिवक्ता भी कोतवाली परिसर पहुंच गए।




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