बिहारी जी मंदिर में दर्शन को आए श्रद्धालु से विवाद, गोस्वामी ने बेंत मारकर सिर फोड़ा
मथुरा में शनिवार को बांके मंदिर बिहारी मंदिर में दर्शन को आए श्रद्धालु से गोस्वामी का किसी बात को लेकर विवाद हो गया। इसके बाद गोस्वामी ने बैंत मारकर श्रद्धालु का सिर फोड़ दिया।

यूपी के मथुरा में शनिवार को बांके मंदिर बिहारी मंदिर में दर्शन को आए श्रद्धालु से गोस्वामी का किसी बात को लेकर विवाद हो गया। इसके बाद गोस्वामी ने बैंत मारकर श्रद्धालु का सिर फोड़ दिया। घटना के बाद श्रद्धालु लहूलुहान हो गया। इसका किसी ने वीडियो बनाकर वायरल कर दिया। इधर सूचना पाकर पुलिस भी पहुंच गई। पुलिस ने गोस्वामी को हिरासत में ले लिया। घटना को लेकर श्रद्धालुओं में रोष भी व्याप्त है। घटना राधा बल्लभ मंदिर के पास सीढ़ियों वाले मार्ग पर हुई।
जानकारी के अनुसार गाजीपुर निवासी कुशलेंद्र यादव अपनी पत्नी के साथ दर्शन के लिए आए हुए थे। शनिवार को बांके बिहारी मंदिर के एक गोस्वामी किसी काम से जुगल घाट की ओर जा रहे थे। जब वह राधा बल्लभ मंदिर के पास सीढ़ियों वाले रास्ते पर पहुंचे, तभी वहां से गुजर रहे कुशलेंद्र से उनका विवाद हो गया। इस दौरान गोस्वामी ने श्रद्धालु पर बेंत से हमला कर दिया। एक बेंत श्रद्धालु के सिर पर जा लगी, जिससे उसके सिर से खून बहने लगा। श्रद्धालु के साथ मौजूद उसकी पत्नी उसे संभालती नजर आई। आसपास मौजूद लोगों ने किसी तरह श्रद्धालु को बचाया। इस दौरान गोस्वामी गलियां बता रहा और कहता रहा जा पुलिस में रिपोर्ट दर्ज करा।
बीच-बचाव में गोस्वामी ने मारा बैंत
श्रद्धालु कुशलेंद्र का आरोप है कि गोस्वामी किसी युवक से झगड़ रहे थे। बीच बचाव किया तो उस युवक को छोड़कर कुशलेंद्र से झगड़ने लगे। घटना की सूचना मिलते ही बांके बिहारी मंदिर की सुरक्षा में तैनात पुलिस कर्मी मौके पर पहुंचे और आरोपी गोस्वामी को पकड़ लिया। इसके बाद पुलिस उसे बांके बिहारी पुलिस चौकी ले गई। घटना के बाद श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश है। लोगों का कहना है कि आस्था के केंद्र वृंदावन में इस तरह की हिंसा बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है।
बांके बिहारी मंदिर में रेलिंग लगाकर दर्शन कराने की व्यवस्था शुरू
जग प्रसिद्ध ठाकुर बांके बिहारी मंदिर में श्रद्धालुओं की बढ़ती भीड़ को नियंत्रित करने के साथ-साथ श्रद्धालुओं को सुलभ दर्शन करने के उद्देश्य से शनिवार से मंदिर आंगन में रेलिंग लगाकर दर्शन व्यवस्था प्रारंभ कर दी गई। जिसके अंतर्गत ठाकुरजी के जगमोहन के सामने मंदिर के पूरे आंगन में घुमावदार रेलिंग लगाने का कार्य पूर्ण होने के पश्चात शनिवार सुबह से ही रेलिंग से होकर दर्शन व्यवस्था शुरू हो गई। जानकारी के अनुसार मंदिर प्रबंधन द्वारा श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए स्टील की स्थाई रेलिंग लगाने का कार्य सफलतापूर्वक पूरा होने पर अब मंदिर में प्रवेश से लेकर निकास तक श्रद्धालु कतार में रहकर ही आराध्य के दर्शन कर सकेंगे।
नई व्यवस्था के तहत अब मंदिर प्रांगण में श्रद्धालुओं का अनावश्यक ठहराव खत्म हो गया है। श्रद्धालु प्रवेश द्वार संख्या 4 और 5 से रेलिंग में प्रवेश करेंगे और चलते हुए ठाकुर जी के दर्शन कर सीधे निकास द्वार की ओर बढ़ेंगे। सुप्रीम कोर्ट द्वारा गठित हाई पावर्ड मैनेजमेंट कमेटी के सदस्य दिनेश गोस्वामी ने बताया कि कमेटी द्वारा लगातार ठाकुर बांके बिहारी के दर्शनार्थ आने वाले श्रद्धालुओं को सुविधा और सुरक्षा पूर्ण माहौल उपलब्ध कराने के हर संभव प्रयास किया जा रहे हैं। इसी कड़ी में आज से रेलिंग लगाकर दर्शन व्यवस्था पूरी तरह से सुचारू कर दी गई है। रेलिंग लगने के पश्चात मंदिर दर्शनों के लिए आ रही श्रद्धालुओं को बेहतर माहौल मिल रहा है और श्रद्धालु सरलता व सहजता के साथ अपने आराध्य ठाकुर बांके बिहारी के दर्शन कर पा रहे हैं। गौरतलब है कि मेरठ की कनिका कंस्ट्रक्शन कंपनी द्वारा इन विशेष स्टील रेलिंग को तैयार किया गया है। एक महीने पहले से लगातार ट्रायल चल रहा था, जिसमें शुरुआती दौर में कुछ तकनीकी दिक्कतें आई थीं। अब उन सभी खामियों को दूर कर शनिवार को पूरी मजबूती के साथ रेलिंग लगा दी गई हैं।




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