अच्छे कामों के बाद भी दरकिनार किया गया, आईएएस रिंकू सिंह राही के इस्तीफे में ये बातें भी
आईएएस रिंकू सिंह राही ने रिंकू सिंह ने राष्ट्रपति को भेजे इस्तीफे में कहा है कि एसडीएम रहते हुए उनके द्वारा किए गए अच्छे कामों के बाद भी कार्रवाई करते हुए उन्हें दरकिनार कर दिया गया।

UP News: यूपी कॉडर के 2023 बैच के आईएएस अधिकारी रिंकू सिंह राही ने काम न मिलने से नाराज होकर मंगलवार को इस्तीफा दे दिया। उन्होंने इस्तीफा राष्ट्रपति को भेजा है और इसकी प्रति मुख्य सचिव, अध्यक्ष राजस्व परिषद के साथ प्रमुख सचिव नियुक्ति एवं कार्मिक को भेजी है। रिंकू सिंह ने राष्ट्रपति को भेजे इस्तीफे में कहा है कि एसडीएम रहते हुए उनके द्वारा किए गए अच्छे कामों के बाद भी कार्रवाई करते हुए उन्हें दरकिनार कर दिया गया। उनका कहना है कि उन्हें वेतन तो मिल रहा है, लेकिन जनसेवा का मौका नहीं मिल पा रहा है। जनसेवा के लिए जिलों में पोस्टिंग जरूरी है। जिलों में मिला अनुभव शासन में नीति निर्धारण में काम आता है। उन्होंने अपने इस्तीफे को नैतिक निर्णय बताया है।
रिंकू सिंह ने इस्तीफे में समाज कल्याण अधिकारी रहते हुए किए गए कामों का भी जिक्र किया है। इसमें उन पर हुए जानलेवा हमले का भी पूरा जिक्र है। वर्ष 2009 में मुजफ्फरनगर में समाज कल्याण अधिकारी रहते हुए एक बड़े घोटाले को उजागर करने के बाद उन पर जानलेवा हमला हुआ था, जिसमें उन्हें सात गोलियां लगी थीं। गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद वह बच गए और बाद में उन्होंने अपनी लड़ाई जारी रखी। समाज कल्याण विभाग में सेवा में रहते हुए ही उनका 2023 में आईएएस सेवा में चयन हुआ था। रिंकू सिंह मौजूदा समय राजस्व परिषद में संबद्ध हैं। वह अलीगढ़ के रहने वाले हैं और बीटेक एमए हैं। उन्होंने राष्ट्रपति से अपनी पूर्ववर्ती सेवा में समाज कल्याण विभाग में भेजने का अनुरोध किया है। रिंकू सिंह ने इस्तीफे की बात स्वीकारी है।
बिना काम के वेतन लेना उन्हें अच्छा नहीं लगता
उन्होंने कहा है कि बिना काम के वेतन लेना उन्हें अच्छा नहीं लगता है। उन्होंने 29 सितंबर 2025 और 27 दिसंबर 2025 को बिना काम के वेतन लेने से इनकार करते हुए इसे वापस लेने के लिए राजस्व परिषद के अध्यक्ष और आयुक्त एवं सचिव राजस्व परिषद को पत्र लिखा था। वह यह भी कहते हैं कि उनके बार-बार कहने के बाद भी उन्हें काम आवंटित नहीं किया गया। उनके अधीनस्थ भी उन्हें सहयोग नहीं कर रहे थे। उन्होंने इसीलिए आईएएस पद से इस्तीफा देने और पूर्व की सेवा में भेजने का अनुरोध किया है। रिंकू सिंह इससे पहले समाज कल्याण अधिकारी के पद पर कार्यरत थे।
उठक-बैठक लगाने पर चर्चा में आए थे
रिंकू सिंह ने इस्तीफे में कहा है कि उन्हें काम करने का अवसर नहीं दिया गया। इससे पहले वे शाहजहांपुर में एसडीएम के पद पर तैनात थे और वहां वकीलों के एक प्रदर्शन के दौरान धरनास्थल पर उनकी उठक-बैठक करने का वीडियो वायरल हुआ था। इस घटना के बाद सरकार ने उन्हें राजस्व परिषद से संबद्ध कर दिया था।




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