Bundelkhand-based JE was involved child pornography business for 10 years his wife was also involved heinous act चाइल्ड पोर्न के धंधे में 10 साल से धंसा था बुंदेलखंड का जेई, घिनौनी करतूत में पत्नी का भी हाथ, Uttar-pradesh Hindi News - Hindustan
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चाइल्ड पोर्न के धंधे में 10 साल से धंसा था बुंदेलखंड का जेई, घिनौनी करतूत में पत्नी का भी हाथ

बुंदेलखंड के 34 बच्चों के यौन शोषण व उनके पोर्न वीडियो और अश्लील तस्वीरें बनाने के सनसनीखेज मामले में शुक्रवार को कोर्ट ने जेई रामभवन और उसकी पत्नी दुर्गावती को मृत्युदंड का फैसला सुनाया। 

Fri, 20 Feb 2026 08:29 PMDinesh Rathour चित्रकूट
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चाइल्ड पोर्न के धंधे में 10 साल से धंसा था बुंदेलखंड का जेई, घिनौनी करतूत में पत्नी का भी हाथ

रामभवन द्वारा बच्चों के यौन शोषण का मामला कई मायनों में अमेरिकी फाइनेंसर जेफरी एपस्टीन प्रकरण की याद दिलाता है। उसने एक दशक तक नाबालिग बच्चों को जाल में फंसाकर उनका यौन शोषण किया और कथित तौर पर उनके वीडियो बनाकर पोर्न साइट्स के जरिए बेचे थे। उसकी घिनौनी करतूतों ने पूरे देश को शर्मसार कर दिया था। इस गंदे खेल में उसकी पत्नी दुर्गावती भी सहयोगी रही है। जो भोले-भाले बच्चों को महंगे गिफ्ट का लालच देकर घर लाती थी।

जांच में पता चला था कि आरोपी बच्चों का सिर्फ यौन शोषण ही नहीं कर रहा था बल्कि उनकी वीडियोज पोर्न साइट्स को भी बेचता था। यह घिनौना काम वो पिछले दस सालों से कर रहा था। सीबीआई से पूछताछ में रामभवन ने कबूला था वह 50 से ज्यादा बच्चों के साथ घिनौना काम कर चुका है। सीबीआई जांच में यह भी साफ हुआ था कि उसने न सिर्फ चित्रकूट बल्कि बांदा और हमीरपुर में भी भोले-भाले बच्चों को अपना शिकार बनाया था।

पांच से दस साल के बच्चों को लालच देकर फंसाता था। दुर्गावती बच्चों को महंगे गिफ्ट, मोबाइल, घड़ी, पेन, चॉकलेट आदि का लालच देकर मिलने के लिए बुलाती था। बच्चे जब जाल में फंस जाते थे तो रामभवन उनके साथ यौन शोषण करके उसका वीडियो डार्क वेब और पोर्न साइट्स को बेच देता था। जांच में सामने आया था कि रामभवन ने अश्लील सामग्री बेचने के लिए डार्कवेब का इस्तेमाल किया था। इतना ही नहीं पैसों के लालच में उसने इन अश्लील वीडियो को देश-विदेश की कई साइटों पर भी अपलोड किए थे।

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दरिंदगी के 66 वीडियो, 600 फोटो किए थे बरामद

नौकरों, करीबियों, पड़ोसियों के पांच से 15 साल तक के बच्चों के साथ घिनौनी करतूतों के साक्ष्यों ने आखिरकार रामभवन और दुर्गावती को फांसी की सजा तक पहुंचा दिया। सीबीआई ने उसके पास से दरिंदगी के 66 वीडियो, 600 फोटो बरामद करने का दावा किया था। यह उन 50 बच्चों के थे, जिनका भरोसा जीत कर उसने छल किया। सीबीआई टीम को जिन शोषित बच्चों के साक्ष्य मिले, वे गरीब परिवारों के थे। वह बच्चों को मोबाइल, कपड़े और लुभावने ऑफर देकर जाल में फंसाता था। उसे सीबीआई के डिप्टी एसपी अमित कुमार की अगुवाई में 10 सदस्यीय टीम ने गिरफ्तार किया था।

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बच्चों को फंसाने का औजार था मोबाइल

सीबीआई के शिकंजे में फंसे जेई की कोई संतान नहीं थी पर वह घर पर बच्चों के लिए अलग मोबाइल रखता था। आसपास के बच्चों ने इसकी पुष्टि की थी। एक बच्चे ने कहा था कि मैं अक्सर जेई के घर जाकर थोड़ी देर यू-ट्यूब चलाता था। हालांकि वह यह काली करतूतें इस सफाई से करता रहा कि बरसों तक किसी को हवा नहीं लगी। उसकी गिरफ्तारी के वक्त चित्रकूट के एसपी रहे अंकित मित्तल ने कहा था-पुलिस के संज्ञान में उसके खिलाफ इस तरह की कोई शिकायत पहले कभी नहीं आई। रामभवन मूलरूप से खरौंच के देविनका पुरवा का रहनेवाला है। वह कर्वी में किराए के मकान में और उसके दोनों भाई राजा और रामप्रकाश नरैनी अतर्रा रोड के मकान में रहते थे।

जेई रामभवन की करतूतें उसकी सरलता के अभिनय के पीछे छिपी थीं। उसके दफ्तर में लोग कहते थे- कभी संदेह नहीं हुआ। वह इतनी विनम्रता के साथ लोगों से मिलता था कि ऐसे घिनौने कत्य के बारे में सोचा ही नहीं जा सकता था। हालांकि कॉलोनी के कुछ लोगों ने कहा कि रामभवन समाज से अलग थलग रहता था। उसने कभी विभागीय कॉलोनी में सरकारी आवास की मांग नहीं की। वह शुरू से ही किराए का मकान लेकर रहता रहा। दरअसल विभागीय परिसर में सीसीटीवी कैमरों की व्यवस्था थी, इसलिए जेई कॉलोनी में नहीं रहा।

कब क्या हुआ

17 अक्टूबर 2020 को इंटरपोल से सीबीआई को सूचना व एक पेनड्राइव मिली।
30 अक्टूबर 2020 को सीबीआई के थाना एससी-3 नई दिल्ली में मामला दर्ज किया।
30 अक्टूबर को सीबीआई के डिप्टी एसपी अमित कुमार को जांच सौंपी गई ।
16 नवंबर 2020 को रामभवन को चित्रकूट के एसडीएम कालोनी से सीबीआई ने गिरफ्तार किया।
28 दिसंबर 2020 को रामभवन की पत्नी दुर्गावती को सीबीआई ने गिरफ्तार किया।
24 फरवरी 2021 को सीबीआई ने दोनों के खिलाफ न्यायालय में चार्जशीट दाखिल कर दी।
2023 में कोर्ट ने रामभवन व दुर्गावती के विरूद्ध आरोप विचरित किए, दोनों ने आरोपों से इंकार किया।
20 फरवरी 2026 को रामभवन व उसकी पत्नी दुर्गावती को कोर्ट ने फांसी की सजा सुनाई।
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