Severe Heatwave in Deoria Temperature Hits 43 C Water Scarcity Affects Residents ऊपर से बरस रही आग, गर्मी से निपटने के इंतजाम नाकाफी, Deoria Hindi News - Hindustan
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ऊपर से बरस रही आग, गर्मी से निपटने के इंतजाम नाकाफी

Deoria News - देवरिया, निज संवाददाता। पारा बढ़ रहा है। भीषण गर्मी से लोग बेहाल हैं। तापमान

Tue, 28 April 2026 08:35 AMNewswrap हिन्दुस्तान, देवरिया
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ऊपर से बरस रही आग, गर्मी से निपटने के इंतजाम नाकाफी

देवरिया, निज संवाददाता। पारा बढ़ रहा है। भीषण गर्मी से लोग बेहाल हैं। तापमान 43 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच जा रहा है। तेज धूप में निकलने में मानो शरीर झुलसा जा रहा है। शहर में सड़कों पर निकलने में दोपहिया सवारों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है, वहीं पैदल राहगीरों को काफी मुश्किल हो रही है। गर्मी और धूप से बचाव के लिए इंतजाम नाकाफी साबित हो रहे हैं। न तो पेयजल के इंतजाम किए गए हैं और न ही छायादार स्थान ही लोगों को मिल पा रहा है। यहीं हाल अन्य सार्वजनिक स्थानों का भी है। घर से निकलने के बाद लोगों को दिक्कत हो रही है।------------शहर

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में नपा की पेयजय व्यवस्था फेल- शहर में निकलने पर लोगों को प्यास बुझाने के लिए पानी खरीद कर पीना पड़ रहा है। पर्याप्त पेयजल का इंतजाम नहीं है। देवरिया-गोरखपुर मुख्य मार्ग पर पुरवा चौराहे से लेकर सोंदा मोहल्ले तक सड़क के किनारे न तो प्याऊ और न ही स्टैंड पोस्ट लगाए गए हैं। मुख्य मार्ग होने के कारण इस पर काफी संख्या में लोगों का आना-जाना होता है। इस मार्ग पर डीएम आवास, विकास भवन, कलेक्ट्रेट, बस स्टैंड, एसपी कार्यालय, आईआईटी सहित अन्य कार्यालय व प्रतिष्ठान हैं। गर्मी में करीब छह किमी की दूर तय करने में प्यास बुझाने के लिए सरकारी इंतजाम नहीं किए जा सके हैं, जहां कही है जलकल की टोटी है, वहां भी दोपहर में टोटी सूखी पड़ी रहती है है। यही हाल शहर के अन्य मार्गों का है। भीषण गर्मी में कुछ ही देर में हलक सूख जा रही है, वहीं अधिक पानी पीने की सलाह दी जा रही है, लेकिन घर से निकलने पर पानी खरीद कर ही पीने को लोग मजबूर हैं। या फिर सामान्य हैंडपंप के दूषित जल कर सहारा लेना पड़ता है।-------------धूप से बिलबिला रहे यात्री- शहर में माडर्न बस स्टैंड बनाने के लिए तीन साल पहले पुराने भवनों को ध्वस्त करा दिया गया, लोगों को लगा कि जल्द निर्माण कार्य पूरा हो जाएगा और यात्रियों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध हो सकेंगी, लेकिन इस समय यात्री सुविधाओं का अभाव है। यात्रियों के लिए टिन शेड डालकर वैकल्पिक प्रतीक्षालय बनाया गया है, वह जगह भी यात्रियों की भीड़ के आगे कम पड़ रही है। भीषण गर्मी में टिन शेड तपने से लोगों को राहत मिलने के बजाए परेशानी होती है। गर्मी से बेहाल कुछ यात्रियों को परिसर में धूप में तो कुछ दुकानों के सामने व दीवार की आड़ में खड़े होकर बसों का इंतजार करना पड़ता है। यही स्थिति बारिश और ठंड के मौसम में भी रहती है। उन समय भी यात्रियों को सुरक्षित स्थान की तलाश करनी पड़ती है। इतना ही नहीं परिसर में कहीं भी शुद्ध पेयजल की व्यवस्था नहीं है। काफी दिनों पहले लगे वाटर पोस्ट भी बदहाल पड़े हुए हैं। यात्रियों को पानी खरीद का प्यास बुझानी पड़ती है।-----------धूप व गर्मी से बचने के लिए माल गोदाम पर नहीं है व्यवस्था- माल गोदाम पर हाड़-तोड़ की मेहनत करने वाले मजदूरों को गर्मी और धूप से बचाव के लिए कोई व्यवस्था नहीं है। मजबूरी में मजदूरों को धूप से बचने के लिए सड़क की फुटपाथों पर इधर-उधर शरण लेनी पड़ती है। बुलावा आने पर तेज धूप में ही ट्रकों पर माल लोड करते हैं। सीसी प्लेटफार्म होने के बाद धूप पड़ने से गर्म हो जाता है। नीचे की गर्मी और ऊपर से धूप की तपिस में कार्य करने को उन्हें मजबूर होना पड़ता है। इससे बचाव के लिए किसी का ध्यान नहीं है। करीब एक किमी की दूरी के प्लेटफार्म पर टिन शेड तो दूर कहीं भी पेयजल की व्यवस्था नहीं है, जिसके कारण मजदूरों को पानी के लिए भटकना पड़ता है। मजबूरी में बाजार में सड़क किनारे सामान्य हैंडपंप का पानी पीकर प्यास बुझानी पड़ती है, जिससे संक्रमण का खतरा बना रहता है। यही हाल बारिश और ठंड के मौसम रहता है। बारिश के दिनों में मालगाड़ी के बोगी के नीचे बैठकर बारिश से अपने को बचाते हैं, जबकि जाड़े में भी ठंड से बचने का इंतजाम नहीं रहता है।----------------धूप से राहगीरों के बचाव को नहीं है छायादार स्थल- शहर के मुख्य मार्ग पर राहगीरों को भीषण गर्मी में परेशानी का सामना करना पड़ता है। सड़क चौड़ीकरण के समय किनारे लगे छाएदार वृक्षों की कटाई कर दी गई है। इसके बाद मार्ग पर एक भी जगह राहगीरों को गर्मी व धूप से बचाव तथा विश्राम करने के लिए कोई इंतजाम नहीं किए गए। छोटे बच्चों को लेकर पैदल गुजरने वाले परिवार, बुजुर्गों को दूरी तय करने में दिक्कत होती है। नीचे से सड़क से उठ रही गर्मी और ऊपर से धूप की तपिस के कारण राहगीरों की मुश्किल बढ़ जाती है। नाला के ऊपर बड़े-बड़े स्लैब रखकर फुटपाथ बना है, लेकिन छाया न होने की वजह से उधर से लोग नहीं गुजरते हैं। धूप व गर्मी से राहत पाने के लिए राहगीरों को छाया तलाशना पड़ता है। कुछ लोग दुकान के सामने कुछ देर रुकते हैं तो लोग डीएम आवास के पास लगे पेड़ की छांव में कुछ देर आराम करते हैं, वहीं राहगीरों को धूप से बचाव व आराम करने के लिए कचहरी चौराहे पर स्थित शिव मंदिर के चबूतरे का सहारा लेना पड़ता है।------------मेडिकल कॉलेज के एमसीएच में गर्मी से बेहाल हैं प्रसूता- महर्षि देवरहा बाबा मेडिकल कॉलेज के एमसीएच विंग स्थित महिला अस्पताल में गर्मी से राहत के लिए किए गए इंतजाम नाकाफी साबित हो रहे हैं। भवन में प्रवेश करने पर बाल रोग विभाग और अल्ट्रा साउंड कक्ष के बाद बैठने का इंतजाम तो हैं, लेकिन कूलर नहीं लगा है। पंखा के सहारे लोग गर्मी से राहत पाते हैं। दूसरी मंजिल पर ओटी के सामने के वार्ड में 12 बेड पर मात्र तीन पंखा लगा है, इससे मरीजों को राहत नहीं मिल पा रही है। गर्मी से राहत के लिए घर से टेबल फैन लाकर लगाना पड़ता है। पहली मंजिल पर वार्ड में भी प्रसुताओं को गर्मी से निजात के लिए पंखे लगे हैं, इसमें भी कुछ बंद पड़े हैं, जिससे राहत नहीं मिल पा रही है, वहीं प्रसव से पहले गर्भवती के लिए बने स्थान पर भी पंखों की संख्या कम है। इतना ही पेयजल की भी पर्याप्त व्यवस्था नहीं है। ग्राउंड फ्लोर पर मात्र एक जगह आरो लगा है, जबकि किसी भी मंजिल पर पेयजल की व्यवस्था नहीं है। पहली मंजिल पर आरो खराब पड़ा है।----------पानी के लिए तय करनी पड़ती है दूरी- मेडिकल कॉलेज के पीआईसीयू में पेयजल की व्यवस्था नहीं है। भीषण गर्मी में पानी के लिए तीमारदारों को दूरी तय करनी पड़ती है, जिससे उन्हें परेशानी होती है। यहां लगा वाटर कूलर काफी दिनों से खराब पड़ा है।

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