गोरखपुर में देवरिया बाईपास और फर्रुखाबाद में इस रोड का चौड़ीकरण होगा, योगी सरकार का फैसला
उत्तर प्रदेश के गोरखपुर में देवरिया बाईपास और फर्रुखाबाद में मोहम्मदाबाद संकिसा मार्ग का चौड़ीकरण होगा।मुख्य सचिव एसपी गोयल की अध्यक्षता में हुई निर्माण परियोजनाओं में उच्च विशिष्टियों/पीसीयू् शिथिलीकरण की बैठक में यह फैसला हुआ।

UP News: उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने इन दो सड़कों के चौड़ीकरण का फैसला लिया है। इससे यहां के लोगों को बड़ी राहत मिलेगी। फर्रुखाबाद में मोहम्मदाबाद संकिसा मार्ग चौड़ीकरण व सुधारीकरण 30.39 करोड़ और गोरखपुर में देवरिया बाईपास मार्ग से तालकंदा, चाफा सनहा, चवरी मार्ग 1.5 लेन चौड़ीकरण के साथ सुधारीकरण 34.70 करोड़ रुपये से कराया जाएगा। मुख्य सचिव एसपी गोयल की अध्यक्षता में हुई निर्माण परियोजनाओं में उच्च विशिष्टियों/पीसीयू् शिथिलीकरण की बैठक में यह फैसला हुआ।
फर्रुखाबाद में मोहम्मदाबाद संकिसा चार लेन मार्ग (लंबाई-1.600 किमी) के चौड़ीकरण व सुदृढ़ीकरण होगा। इससे क्षेत्र में यातायात की सुगमता बढ़ेगी और स्थानीय व्यापार व कृषि उत्पादों के परिवहन को सुविधा मिलेगी। गोरखपुर में देवरिया बाईपास मार्ग से तालकंदा, चाफा सनहा, चवरी मार्ग का 1.5 लेन में चौड़ीकरण व सुदृढ़ीकरण का काम 11.800 किमी लंबाई में किया जाएगा। इससे गोरखपुर क्षेत्र की कनेक्टिविटी मजबूत होगी और यातायात का दबाव कम होगा।
समयसीमा में निर्माण कार्य को पूरा किया जाए
मुख्य सचिव एसपी गोयल ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि काम की गुणवत्ता बनाए रखते हुए निर्धारित समयसीमा में निर्माण कार्य को पूरा किया जाए। ये परियोजनाएं प्रदेश के बुनियादी ढांचे को और अधिक सुदृढ़ बनाने तथा यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होंगी। बैठक में प्रमुख सचिव लोक निर्माण अजय चौहान सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारीगण आदि उपस्थित थे।
आपदा प्रबंधन को लेकर भी फैसला
वहीं मुख्य सचिव एसपी गोयल की अध्यक्षता में उत्तर प्रदेश राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण की राज्य कार्यकारिणी समिति की महत्वपूर्ण बैठक में यूपी में आने वाली आपदाओं से निपटने के लिए 410 करोड़ रुपये की व्यवस्था की गई है। इससे प्राकृतिक आपदाओं से निपटने की तैयारी की जाएगी और बेमौसम बारिश से फसलों के नुकसान पर किसानों को तुरंत मुआवजा दिया जाएगा।मुख्य सचिव ने बैठक में आपदा प्रबंधन संबंधित 31 परियोजनाओं को मंजूरी दी। उन्होंने कहा कि राज्य में आपदा प्रबंधन की व्यवस्थाएं और बेहतर की जाएं। आपदा से बचाव संबंधी योजनाओं को समय से पूरी की जाएं। असमय आने वाली प्राकृतिक आपदाओं के प्रति पूरी तैयारी रखी जाए, ताकि आम जनमानस को किसी भी प्रकार की कठिनाई का सामना न करना पड़े। साथ ही, बेमौसम बारिश के कारण फसल क्षति से प्रभावित किसानों को शीघ्र मुआवजा उपलब्ध कराने के भी निर्देश दिए। स्वीकृत परियोजनाओं में मानव-वन्यजीव द्वंद्व को कम करने के लिए 34.75 करोड़ रुपये, अयोध्या में बाढ़ शरणालय के निर्माण 19.31 लाख तथा वाराणसी के घाटों पर फ्लोटिंग बैरियर निर्माण पर 5.28 करोड़ रुपये खर्च होंगे। बाढ़ प्रभावित 44 जिलों की तहसीलों में रबराइज्ड मोटर बोट की खरीद पर 40 करोड़, ग्राम स्तर पर आपदा प्रबंधन योजनाएं तैयार करने पर 43.45 करोड़, बाल तरणवीर कार्यक्रम पर 7.5 करोड़ रुपये खर्च होंगे।




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