Denied Permission by Administrator Swami Avimukteshwaranand Spent Night by Roadside स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद को सड़क किनारे क्यों बितानी पड़ी रात? आसपास पुलिस फोर्स भी रही तैनात, सामने आई बड़ी वजह, Uttar-pradesh Hindi News - Hindustan
More

स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद को सड़क किनारे क्यों बितानी पड़ी रात? आसपास पुलिस फोर्स भी रही तैनात, सामने आई बड़ी वजह

गो-विष्टि यात्रा पर निकले स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद को कन्नौज में रुकने की प्रशासन ने अनुमति नहीं दी। इसके बाद अविमुक्तेश्वरानंद ने वहीं चौराहे के किनारे शिविर में रात भर डेरा डाला। इस दौरान पुलिस फोर्स भी तैनात रही।  

Thu, 4 June 2026 05:27 PMDinesh Rathour लाइव हिन्दुस्तान, कन्नौज
share
स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद को सड़क किनारे क्यों बितानी पड़ी रात? आसपास पुलिस फोर्स भी रही तैनात, सामने आई बड़ी वजह

Swami Avimukteshwaranand: गाय को राष्ट्र माता घोषित करने की मांग को लेकर गो-विष्टि यात्रा पर निकले स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद को कन्नौज में सड़क किनारे रात गुजारनी पड़ गई। सड़क किनारे शिविर में रुके अविमुक्तेश्वरानंद के आसपास रात भर पुलिस फोर्स को भी तैनात किया गया। अविमुक्तेश्वरानंद ने सड़क किनारे रुकने के पीछे का कारण प्रशासन को बताया। उनका आरोप है कि वह एक प्राइवेट स्कूल में ठहरना चाहते थे, लेकिन प्रशासन ने उन्हें यहां ठहरने की अनुमति नहीं दी। प्रशासन द्वारा अनुमति नहीं मिलने के कारण उन्होंने सड़क किनारे शिविर में पूरी रात गुजारी। उनके सहयोगियों ने बताया कि स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद का रात्रि विश्राम छिबरामऊ के सलेमपुर स्थित आशा पब्लिक स्कूल में प्रस्तावित था। उन्होंने आरोप लगाया कि बुधवार की शाम के समय प्रशासन ने उन्हें सूचित किया कि वहां ठहरने की अनुमति नहीं दी गई है।

रोशनी और पंखों की भी नहीं थी व्यवस्था

सहयोगियों ने बताया कि अनुमति नहीं मिलने के बाद स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने पाल चौराहे पर बनाए गए स्वागत स्थल पर रुकने का निर्णय लिया, जहां उनके लिए एक अस्थायी शिविर स्थापित किया गया। उन्होंने बताया कि पूरी रात वहां पुलिस बल भी तैनात रहा। उनके सहयोगियों के अनुसार, भीषण गर्मी के बावजूद शिविर स्थल पर रोशनी और पंखों की पर्याप्त व्यवस्था नहीं थी। स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने बृहस्पतिवार सुबह फर्रुखाबाद रवाना होने से पहले संवाददाताओं से कहा कि उनकी यात्रा अब तक लगभग 150 विधानसभा क्षेत्रों से गुजर चुकी है और आगे भी जारी रहेगी। उन्होंने कहा कि यात्रा का उद्देश्य गाय को 'राष्ट्र माता' का दर्जा दिलाने की मांग को जन-जन तक पहुंचाना तथा गो-रक्षा, गो-संरक्षण और धार्मिक मूल्यों के प्रति जागरुकता फैलाना है।

read moreये भी पढ़ें:
ये भी पढ़ें:नीम करोली बाबा सर्किट और बुंदेलखंड फोर्ट सर्किट का होगा विकास: सीएम योगी

प्रयागराज माघ मेले के दौरान चर्चा में आए थे अविमुक्तेश्वरानंद

खुद को ज्योतिर्मठ का शंकराचार्य बताने वाले स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती इसी वर्ष जनवरी में प्रयागराज के माघ मेले के दौरान भी चर्चा में रहे थे। पुलिस द्वारा उनकी रथ यात्रा रोके जाने के बाद विवाद उत्पन्न हुआ था। इसके बाद मेला प्रशासन ने उन्हें आधी रात को नोटिस जारी कर 'शंकराचार्य' की उपाधि के उपयोग के उनके कानूनी अधिकार पर सवाल उठाया था। प्रशासन का कहना था कि शंकराचार्य की उपाधि को लेकर अविमुक्तेश्वरानंद से संबंधित मामला उच्चतम न्यायालय में विचाराधीन है। बाद में एक विशेष पॉक्सो (यौन अपराधों से बच्चों का संरक्षण) अदालत ने पुलिस को अविमुक्तेश्वरानंद और उनके कुछ शिष्यों के खिलाफ नाबालिग लड़कों से यौन उत्पीड़न के आरोपों में मामला दर्ज करने का आदेश दिया था।

read moreये भी पढ़ें:
ये भी पढ़ें:संभल दंगे में उजड़ा था परिवार, 48 साल बाद मिला न्याय; योगी सरकार ने दी जमीन
ये भी पढ़ें:योगी सरकार 1300 स्कूलों में करने जा रही बड़ा काम, सालभर छात्रों को देगी ट्रेनिंग

राम मंदिर प्राण-प्रतिष्ठा में शामिल होने से भी कर चुके थे मना

स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने अपने खिलाफ लगाए गए सभी आरोपों को निराधार बताते हुए उन्हें बदनाम करने की साजिश करार दिया था और अपनी बेगुनाही साबित करने के लिए सार्वजनिक रूप से 'नार्को-एनालिसिस' परीक्षण कराने की पेशकश की थी। इससे पहले, जनवरी 2024 में उन्होंने अयोध्या स्थित राम मंदिर के प्राण-प्रतिष्ठा समारोह में शामिल होने से यह कहते हुए इनकार कर दिया था कि मंदिर का निर्माण कार्य उस समय पूर्ण नहीं हुआ था और उनके अनुसार ऐसी स्थिति में प्राण-प्रतिष्ठा करना शास्त्रों के नियमों के अनुरूप नहीं था।

लेटेस्ट Hindi News, Lucknow News, Meerut News, Ghaziabad News, Agra News, Kanpur News , Pareet Yadav Death Live और UP News अपडेट हिंदी में पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।