दिल्ली में IRS की बेटी का हत्यारा नौकर ‘कॉल गर्ल्स वाली गंदी आदत’ में भी फंसा था, चाहता था एक बदला
दक्षिणी दिल्ली में एक आईआरएस अधिकारी के घर खौफनाक घटना को अंजाम देने वाले आरोपी राहुल मीणा ने कहा कि नौकरी से निकाले जाने पर उसे बेइज्जती महसूस हुई थी। वह इसका बदला लेना चाहता था। उसकी गंदी आदतों का भी पता चला है।

दक्षिणी दिल्ली में एक इंडियन रेवेन्यू सर्विस (IRS) अधिकारी की बेटी के साथ हैवानियत करके उसकी जान ले लेने वाले आरोपी पूर्व नौकर राहुल ने पुलिस पूछताछ में कई चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। उसने बताया है कि किस तरह उसकी नौकरी लगी, निकाला गया, बदले की भावना पैदा हुआ और बुरी आदतों क वजह से हुए पैसों की किल्लत ने उसे इतना खौफनाक अपराधी बना दिया। राहुल ना सिर्फ गेमिंग और जुए का आदि था, बल्कि प्रोस्टीट्यूट्स (वेश्या) के पास भी जाता था और अपनी कमाई का बड़ा हिस्सा इन गंदी आदतों में खर्च कर देता था।
23 साल के आरोपी राहुल मीणा ने बुधवार सुबह दिल्ली में अपने पूर्व मालिक की बेटी संग दुष्कर्म किया और उसे मार डाला। इसके बाद वह लूटपाट करके भाग गया। शाम को द्वारका के एक होटल में पकड़ा गया आरोपी अलवर से भी इसी तरह की वारदात को अंजाम देकर भागा था। आरोप है कि वहां उसने अपनी दोस्ती पत्नी के साथ दुष्कर्म किया और गला दबाकर मारने की कोशिश की। हालांकि, उसकी जान बच गई। वह रात को ही एक एंबुलेंस में बैठकर अलवर से दिल्ली आ गया था और सुबह-सुबह दूसरे घटना को अंजाम देने पहुंच गया था।
राहुल मीणा ने कैसे वारदात को दिया अंजाम
कैलाश हिल्स में जब आईआरएस अधिकारी अपनी पत्नी के साथ जिम के लिए निकल गए तो आरोपी वहां रखी दूसरी चाबी के जरिए घर में दाखिल हो गया। वह सीथे उस कमरे में गया जहां 22 साल की पीड़िता पढ़ाई कर रही थी। पुलिस का कहना है कि आरोपी ने पहले उससे पैसों की डिमांड की और इनकार करने पर हमला कर दिया। सिर पर किसी भारी चीज से वार करने की वजह से पीड़िता बेहोश हो गई। एक अधिकारी ने कहा, 'जांच में इस बात के संकेत मिले हैं कि जब पीड़िता बेहोश थी तो उसका यौन शोषण किया गया। इसके बाद वह उसे घसीटकर उस कमरे में ले गया जहां डिजिटल लॉक वाला लॉकर था। उसने पीड़िता के फिंगरप्रिंट से उसे खुलवाने की कोशिश की, लेकिन नाकाम रहने पर लॉक तोड़ डाला।' चार्जर केबल से पीड़िता का गला घोंटने के बाद वह कैश और गहने लेकर फरार हो गया।
पिता ने दिलाई थी नौकरी
आरोपी से पूछताछ कर रहे अधिकारियों का कहना है कि उसे किसी तरह का पछतावा नहीं है। वह सामान्य बातचीत कर रहा है और शांत है। पता चला कि उसके पिता आईआरएस अधिकारी के दफ्तर में ही काम करते हैं। राहुल के पिता ने अधिकारी को कहकर अपने बेटे को उनके घर काम पर रखवाया था। आईआरएस अधिकारी राहुल को हर महीने 20 हजार रुपये सैलरी देते थे। इसके अलावा राहुल ने कहा कि बोनस आदि भी मिलता था।
जुआ से कॉल गर्ल्स तक… बुरी आदतों में फंसा था राहुल
दिल्ली में रहने के दौरान ही राहुल बुरी आदतों में फंस चुका था। वह ना सिर्फ मोबाइल पर गेम खेलने में व्यस्त रहता था बल्कि जुआ भी खेलता था। इसके अलावा वह बुरी यौन आदतों से भी बिगड़ चुका था। वह कॉल गर्ल्स और वेश्याओं के पास अक्सर जाता था और अपनी कमाई का अधिकतर हिस्सा उन पर खर्च कर देता था। इसकी वजह से वह कर्ज जाल में भी फंसता गया। बाद में उसने जब अधिकारी के घर हिसाब-किताब में गड़बड़ी शुरू कर दी और अधिकारी को इसकी भनक लगी तो उन्होंने काम से हटा दिया।
निकाला तो बेइज्जती हुई, लेना था बदला
आरोपी ने कहा कि जब उसे काम से निकाला गया तो उसे बेइज्जती महसूस हुई। इसके बाद से ही वह बदला लेना चाहता था। काम से निकाले जाने के बाद वह गांव चला गया। वहां कुछ दिनों में वह और कर्ज में फंस गया। पैसों की तंगी हुई तो छटपटाहट में उसके मन में पूर्व मालिक के घर लूटपाट और बदले की भावना जाग गई। राहुल ने यह भी कबूल किया है कि काम के दौरान भी उसके मन में मालिक की बेटी को लेकर गंदे इरादे थे। हालांकि, पुलिस पूछताछ में उसने पीड़िता को 'दीदी' कहकर भी पुकारा और कहा कि, 'दीदी ने पैसे दे दिए होते तो ऐसा नहीं होता।'




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