दिल्ली ब्लास्ट: जुलाई में अलीगढ़ आया था यासिर, किराए पर लिया कमरा, खुफिया एजेंसियों ने खंगाली कुंडली
दिल्ली धमाके के बाद हिरासत में लिए गए डॉ. आरिफ के करीबी डॉ. यासिर हुसैन ने जुलाई 2025 में अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के जेए मेडिकल कॉलेज में दाखिला लिया था।

दिल्ली धमाके के बाद हिरासत में लिए गए डॉ. आरिफ के करीबी डॉ. यासिर हुसैन ने जुलाई 2025 में अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के जेए मेडिकल कॉलेज में दाखिला लिया था। फिलहाल वह कैंपस के बाहर सिविल लाइन क्षेत्र में किराये पर कमरा लेकर रह रहा है। शनिवार को भी वह कैंपस में पहुंचा चूंकि अभी तक किसी एजेंसी ने आधिकारिक रूप से पुलिस या एएमयू प्रशासन से कोई संपर्क नहीं किया है। इसलिए यासिर से कोई बात नहीं की गई है। लेकिन, गोपनीय रूप से एजेंसियों ने यासिर की पूरी कुंडली खंगाल ली है।
दिल्ली में हुए धमाके के बाद कई एजेंसियां आतंकियों के नेटवर्क को खंगालने में जुटी हैं। साथ ही संदिग्धों को धरपकड़ जारी है। इस बीच हमले से जुड़े आतंकी उमर के सहपाठी होने के चलते कानपुर से डॉ. आमिर मीर को हिरासत में लिया गया। उससे पूछताछ में पता चला कि डॉ. यासिर हुसैन उसका करीबी है जो जेएन मेडिकल कॉलेज का छात्र है। एजेंसियों की पूछताछ में सामने आया कि नीट-सुपर स्पेशियलिटी की पहली काउंसिलिंग में डॉ. यासिर को कानपुर की एलपीएस कार्डियोलॉजी इंस्टीट्यूट में दाखिला मिला था।
मगर दूसरी काउंसिलिंग में उसने अलीगढ़ विकल्प चुना। कानपुर में फ्लैट में आरिफ के साथ रहने वाले डॉ. अभिषेक ने बताया कि यासिर ने ही डॉ. आरिफ को कमरा दिलाने के लिए कहा था। हालांकि करीब सवा महीने कानपुर में रहने के बाद जुलाई 2025 में यासिर यहां एएमयू में आ गया। इसके बाद एजेंसियों ने यासिर के बारे में जानकारी जुटाई। इसमें पता चला है कि यासिर कश्मीर का रहने वाला है। वह कैंपस से बाहर सिविल लाइन थाना क्षेत्र के इलाके में किराये पर रह रहा है। एसपी सिटी मृगांक शेखर पाठक ने बताया कि अभी तक किसी एजेंसी ने कोई मदद नहीं मांगी है। अगर कोई मदद मांगेगा तो सहयोग किया जाएगा।
परवेज के संपर्क सूत्रों की हो रही तलाश
उधर, लखनऊ से गिरफ्तार किए गए डॉ. परवेज के संपर्क सूत्रों की भी तलाश की जा रही है। चूंकि आगरा में पढ़ाई के दौरान अलीगढ़ के कई लोग उसके संपर्क में थे तो एजेंसियां उसके करीबियों को भी खंगाल रही है। इसे देखते हुए सुगबुगाहट है कि जांच एजेंसियां अलीगढ़ आ सकती हैं।
पाकिस्तानी व रोहिंग्या का हो रहा सत्यापन
जिले में पाकिस्तान मूल के 50 नागरिक लॉंग टर्म वीजा पर रह रहे हैं। दिल्ली घटना के बाद फिर से इनका सत्यापन किया जा रहा है। इसके अलावा शहर के कोतवाली नगर में कई रोहिंग्या परिवार रह रहे हैं। इन पर एलआईयू नजर रखती है। इनका भी रिकॉर्ड खंगाला जा रहा है। एएमयू प्रॉक्टर प्रोफेसर वसीम अली का कहना है कि यासिर जेएन मेडिकल कॉलेज के कॉर्डियोलॉजी विभाग का छात्र है। जुलाई 2025 में वह आया था। कश्मीर का रहने वाला है। हालांकि अभी तक किसी एजेंसी ने हमसे कोई जानकारी नहीं मांगी है।




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