छांगुर बाबा का दाउद इब्राहिम कनेक्शन, घर के पीछे कब्रिस्तान में छिपे हैं कई रहस्य
जांच एजेंसियों ने अब तक न्यायालय के क्लर्क के परिवारीजनों से जुड़े 12 संदिग्ध खातों की पहचान की है। जिसमें पिछले एक साल के अंदर छांगुर ने मोटी रकम भेजी थी। इन खातों में लाखों रुपये भेजे गए थे, जो संदेहास्पद रूप से सूचनाओं को लीक करने, गिरोह को संरक्षण देने के बदले में भेजे जा रहे थे।

छांगुर बाबा का सम्पर्क डॉन दाउद इब्राहिम गिरोह से भी रहा है। इसका फायदा उसे लखनऊ में आने पर मिलता रहा। दाउद गिरोह के इशारे पर उसे दाउद के रिश्तेदार के चिनहट स्थित होटल में ठहराया जाता था। यह होटल कुछ समय बाद दूसरे व्यापारी को बेच दिया गया था। इस व्यापारी की मौत हो चुकी है। अब एटीएस उसके करीबियों के बारे में सम्पर्क जुटा रही है। एटीएस यह पता करना चाह रही थी कि उस समय छांगुर को किस तरह की मदद दी जाती थी। कहीं उसने छांगुर के साथ देशी विरोध गतिविधि में हिस्सा तो नहीं लिया था। वहीं उतरौला के मधपुर स्थित छांगुर के घर के पीछे एक गुप्त कब्रिस्तान है। बताया जाता है कि इसमें कई रहस्य छिपे हुए हैं। यहां का रहस्य पता कराने के लिए जांच एजेंसियां इसे भी अपने रिपोर्ट में शामिल करेंगी। दरअसल छांगुर के घर के पीछे एक कब्रिस्तान है। इसमें कुछ मजारें बनी हुई हैं।
धर्मांतरण के आरोपी छांगुर के आईएसआई से कनेक्शन की बात पहले ही आ चुकी है। अब अंडरवर्ल्ड डॉन दाउद इब्राहिम से उसके सम्बन्ध होने की बात सामने आ रही है। सूत्र बताते हैं कि लखनऊ के एक दिवंगत होटल कारोबारी हाजी चचा के जरिये छांगुर दाउद के सम्पर्क में था। हाजी चचा की एक बेटी है, जिसका निकाह दाउद के भाई के साथ हुआ था। हाजी चचा और छांगुर एक दूसरे के जिगरी दोस्त थे। छांगुर जब भी लखनऊ में रहता था तो हाजी चचा का होटल ही उसका ठिकाना हुआ करता था।
बताया जाता है कि हाजी का यह होटल सुरक्षा एजेंसियों के रडार पर है। 90 के दशक में एक बम ब्लास्ट की घटना हुई थी, जिसके तार भी इस होटल से जुड़े हुए थे। यही कारण है कि न सिर्फ यह सुरक्षा एजेंसियों के रडार पर है बल्कि इंटरपोल इसका लेखा जोखा रखता है। सूत्रों की मानें तो इसी होटल से अभी कुछ समय पूर्व छांगुर और उसकी राजदार नसरीन को गिरफ्तार किया गया था। अब एजेंसियां होटल की पुरानी हिस्ट्री व यहां से छांगुर के रिश्तों की तलाश कर रही है।
12 संदिग्ध खाते पहचाने
जांच एजेंसियों ने अब तक न्यायालय के लिपिक के परिजनों से जुड़े 12 संदिग्ध खातों की पहचान की है। जिसमें पिछले एक साल के अंदर छांगुर ने मोटी रकम भेजी थी। इन खातों में लाखों रुपये भेजे गए थे, जो संदेहास्पद रूप से सूचनाओं को लीक करने, गिरोह को संरक्षण देने के बदले में भेजे जा रहे थे।
घर वापसी करने वाली पीड़िताओं को सुरक्षा दी जाए
लखनऊ में विश्व हिंदू रक्षा परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष गोपाल राय ने खुद की जान की रक्षा की मांग मुख्यमंत्री से की है। उनका आरोप है कि परिषद की ओर से धर्मांतरण के शिकार लोगों की घर वापसी कराने पर उन्हें कट्टरपंथी जिहादियों, छांगुर व जाकिर नाइक गैंग के सदस्य जानमाल की धमकियां दे रहे हैं। परिषद की ओर से पुराना हाईकोर्ट स्वास्थ्य भवन चौराहे से जुलूस निकालकर डीएम के माध्यम से मुख्यमंत्री के नाम संबोधित ज्ञापन सौंपा गया।
आगरा गिरोह के आईएसआई से भी संपर्क का शक गहराया
आगरा के धर्मांतरण गैंग के एक सदस्य का पाकिस्तान की गुप्तचर एजेंसी आईएसआई से संपर्क का शक गहरा गया है। उसका इंस्टाग्राम डाटा खंगाला जा रहा है। एनआईए और आईबी इस पर काम कर रही हैं। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इंस्टाग्राम पर जो रिवर्ट के जो ग्रुप बने हैं, उनमें कई पाकिस्तान के भी हैं। आगरा की सगी बहनों को पुलिस ने कोलकाता से मुक्त कराया था। साथ ही धर्मांतरण गैंग से जुड़े 14 लोगों को गिरफ्तार किया था। तीन आरोपित जेल भेजे जा चुके हैं।
धर्मांतरण गैंग का सरगना कुख्यात जमालुद्दीन उर्फ छांगुर ने अपनी राजदार नीतू उर्फ नसरीन के बैंक खातों के जरिये बलरामपुर में तैनात कई सरकारी अधिकारियों एवं कर्मचारियों के साथ उनके परिजनों के खातों में मोटी रकम भेजी थी। यह खुलासा बलरामपुर कोर्ट के क्लर्क राजेश उपाध्याय की गिरफ्तार के बाद उसके परिजनों के नाम से खुले 12 बैंक खातों की जांच के दौरान हुआ है। इन सभी खातों को ईडी ने फ्रीज कर दिया है। जांच में सामने आया है कि छांगुर ने रकम को सीधे किसी सरकारी अधिकारी व कर्मचारी के खाते में नहीं भेजा।




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