Dalit woman murder case Meerut court premises turned into fortress accused Paras sent to jail by the court दलित महिला हत्याकांड: मेरठ कचहरी बनी छावनी, रूबी के कोर्ट में बयान दर्ज, हत्यारोपी पारस को जेल, Uttar-pradesh Hindi News - Hindustan
More

दलित महिला हत्याकांड: मेरठ कचहरी बनी छावनी, रूबी के कोर्ट में बयान दर्ज, हत्यारोपी पारस को जेल

मेरठ में दलित महिला की हत्या और बेटी के अपहरण के आरोपी पारस को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। रविवार को कोर्ट ने हत्यारोपी को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है। 

Sun, 11 Jan 2026 06:28 PMDinesh Rathour लाइव हिन्दुस्तान, मेरठ
share
दलित महिला हत्याकांड: मेरठ कचहरी बनी छावनी, रूबी के कोर्ट में बयान दर्ज, हत्यारोपी पारस को जेल

मेरठ जिले के कपसाड़ गांव में खेत जाते समय दलित महिला की हत्या और उसकी बेटी का अपहरण करने वाले हत्यारोपी को पुलिस ने 14 दिन के लिए जेल भेज दिया। अगवा की गई रूबी को रविवार दोपहर एसीजेएम-2 नम्रता सिंह की कोर्ट में पेश कराकर बयान कराए गए। सूत्रों की मानें तो रूबी ने पारस के खिलाफ बयान दर्ज कराए हैं। इसके बाद कोर्ट ने रूबी को वन-स्टॉप सेंटर यानी आशा ज्योति केंद्र भेजा है। दूसरी ओर, रविवार को ही पारस को स्पेशल सीजेएम कोर्ट में पेश किया गया। पारस का हत्या और अपहरण की धाराओं में रिमांड बनाया गया और 14 दिन की न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेजा गया है। कोर्ट में पारस ने खुद को निर्दोष बताया और कहा कि रूबी अपनी मर्जी से साथ गई थी।

कपसाड़ गांव निवासी पारस ने अपने ही गांव निवासी युवती रूबी का 8 जनवरी की सुबह गांव के बाहर से अपहरण किया और आरोप है कि विरोध करने पर रूबी की मां सुनीता की बलकटी से वार कर हत्या कर दी थी। पारस और रूबी को पुलिस ने शनिवार को हरिद्वार से बरामद कर लिया था। दोनों को देररात मेरठ लाया गया और पूछताछ की गई। रूबी को रविवार दोपहर कचहरी में एसीजेएम-2 नम्रता सिंह की कोर्ट में पेश किया गया। रूबी के बयान दर्ज किए गए और लिफाफे में बंद कर सीलबंद कर दिया गया। इस दौरान रूबी को वन स्टॉप सेंटर आशा ज्योति केंद्र भेज दिया गया। सूत्रों की मानें तो रूबी ने पारस के खिलाफ बयान दिए हैं और जबरन उठाकर ले जाने की बात कही है। दूसरी ओर, शाम करीब चार बजे पारस को स्पेशल सीजेएम की कोर्ट में पुलिस ने पेश कराया। कोर्ट ने पारस से नाम-पता पूछा। पारस ने कोर्ट में कहा कि मैंने हत्या नहीं की है। रूबी अपनी मर्जी से साथ गई थी। हमारा रिश्ता दो साल से है। पारस बोला कि मैं निर्दोष हूं। इसके बाद कोर्ट ने पारस का हत्या और अपहरण में रिमांड मंजूर किया। बाद में पारस को 14 दिन की न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेजा गया है।

जबरन लेकर गया था पारस, रूबी ने पुलिस के सामने दिया था बयान

पुलिस अधिकारियों की मानें तो रूबी ने पुलिस के सामने बयान दिया है कि पारस ने उसका अपहरण किया था। रूबी ने पुलिस को बताया कि उसकी मां की हत्या करने के बाद उसे भी कत्ल करने की धमकी देकर जबरन साथ ले गए। इस बयान के बाद पारस की मुश्किलें बढ़ गई हैं। वहीं पुलिस जांच में यह भी खुलासा हुआ कि जिस सुनील का नाम वारदात में सामने आया था, उसकी कोई भूमिका घटना में नहीं है। वारदात के समय केवल पारस ही मौके पर था।

read moreये भी पढ़ें:
ये भी पढ़ें:मानसिक बीमार निकला राम मंदिर में पकड़ा गया कश्मीरी, पुलिस ने परिजनों को सौंपा

रूबी के सामने हुआ था उसकी मां का कत्ल

पुलिस ने शनिवार रात हरिद्वार से पारस और रूबी को बरामद कर लिया था। पुलिस पूछताछ में खुलासा हुआ सुनीता की हत्या रूबी के सामने की गई। रूबी को ले जाने का विरोध करने पर सुनीता के सिर पर बलकटी से वार किया गया। रूबी को यह अंदाजा नहीं था उसकी मां की मृत्यु हो जाएगी। पुलिस ने बताया कि घटना के बाद रूबी और पारस मुजफ्फरनगर पहुंचे और वहां से दिल्ली रवाना हुए। दिल्ली में जिस जगह रुकने की प्लानिंग की वहां बात नहीं बनी। दोनों ट्रेन से हरिद्वार पहुंचे। शनिवार सुबह पुलिस ने पारस और उसके साथी पर 25-25 हजार रुपये का इनाम भी घोषित कर दिया था। पुलिस जांच में खुलासा हुआ है पारस की उम्र अभी 17 साल है जबकि रूबी बालिग है। पूछताछ के दौरान अभी खुलासा नहीं हुआ कि पारस और रूबी में प्रेम प्रसंग था।

सहारनपुर के रिश्तेदारों को भेजा था अपना और रूबी का फोटो

पुलिस की मानें तो हरिद्वार जाने के बाद पारस ने रूबी के साथ लिया फोटो सहारनपुर के रिश्तेदारों को भेजा था। यह फोटो किसी मंदिर का था। इसी फोटो के संबंध में मेरठ पुलिस को सूचना दी गई, जिसके बाद पारस की घेराबंदी हरिद्वार में की गई।

मृतका की बहन परिवार सहित धरने पर बैठी

कपसाड़ में सुनीता की बहन माया देवी निवासी गांव बहरामपुर परिवार के साथ गांव के बाहरी छोर पर रजवाहे पुल पर सकौती मार्ग पर धरने पर बैठ गईं। माया देवी का आरोप है पुलिस ने उन्हें पीड़ित परिवार के घर जाने से जबरन रोक दिया। पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे और उन्हें समझाने का प्रयास किया।

read moreये भी पढ़ें:
ये भी पढ़ें:बेटी के प्रेम-प्रसंग से बौखलाए परिजनों कर दी हत्या, शव जलाकर भागे

आप विधायकों-नेताओं को पुलिस ने काशी टोल पर रोका, तीखी नोकझोंक हुई

मेरठ के कपसाड़ में पीड़ित परिवार से मिलने जा रहे दिल्ली से आए आम आदमी पार्टी के प्रतिनिधिमंडल को काशी टोल पर पुलिस ने रोक दिया। इस दौरान आम आदमी पार्टी के दिल्ली विधायक सुरेंद्र चौधरी, विधायक कुलदीप कुमार, पश्चिमी यूपी अध्यक्ष सोमेंद्र ढ़ाका एडवोकेट, प्रदेश प्रवक्ता अंकुश चौधरी समेत पार्टी नेताओं की पुलिस से तीखी नोकझोंक एव झड़प हुई। पुलिस ने काशी टोल पर दूसरे दिन भी बैरियर लगाकर राजनीतिक दलों के लोगों की एंट्री को बैन रखा। आम आदमी पार्टी के विधायक और नेताओं की गाड़ियों का काफिला काशी टोल पर पहुंचा तो पुलिस ने उन्हें बैरिकेडिग कराकर रोक लिया। विधायकों एवं पार्टी नेताओं ने उस पर नाराजगी जताई और कहा कि पीड़ित पीड़ित परिवार के मिलने क्यों नहीं दिया जा रहा। पार्टी नेताओं ने कहा कि भाजपा नेताओं को पुलिस गांव में जाने दे रही है और विपक्ष को रोक रही है। आम आदमी पार्टी नेताओं ने भाजपा के एक नेता-पूर्व विधायक की गांव में मौजूदगी पर सवाल उठाते हुए कहा कि वह परिवार को लगातार धमका रहे और दवाब बना रहे है। आखिरकार पुलिस भाजपा के नेताओं को गांव में जाने दे रही है और अन्य को रोक रही है।

लेटेस्ट Hindi News, Lucknow News, Meerut News, Ghaziabad News, Agra News, Kanpur News , Pareet Yadav Death Live और UP News अपडेट हिंदी में पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।