मैं कमिश्नर बोल रहा, तुम आतंकियों से मिली हो...महिला को डिजिटल अरेस्ट कर साइबर ठगों ने 21 लाख हड़पे
कानपुर में साइबर ठगों ने बुजुर्ग महिला को डिजिटल अरेस्ट कर 6 दिन तक बंधक रखा। और 21 लाख की ठगी कर ली। पुलिस मामले की जांच कर रही है।

कानपुर के किदवईनगर क्षेत्र में साइबर ठगी का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहां ठगों ने एक बुजुर्ग महिला को डिजिटल अरेस्ट कर 6 दिन तक मानसिक रूप से बंधक बनाए रखा और करीब 21 लाख रुपये हड़प लिए। पीड़िता स्नेहलता अकेले किराये के मकान में रहती हैं, जबकि उनके पति का निधन हो चुका है और बेटा-बेटी बाहर रहते हैं।
गुजरात में हुए आतंकी हमले में बताया नाम
पीड़िता के मुताबिक, 10 मार्च की सुबह उन्हें एक कॉल आया, जिसमें कॉल करने वाले ने खुद को गुजरात पुलिस का कमिश्नर बताया। उसने कहा कि गुजरात में हुए एक आतंकी हमले की जांच में उनका नाम सामने आया है और उन पर उग्रवादियों से संबंध रखने का आरोप है। ठग ने धमकी दी कि उन्हें गिरफ्तार कर जेल भेजा जाएगा और उनका घर सील कर दिया जाएगा। इसके बाद ठगों ने उन्हें वीडियो कॉल पर आने के लिए मजबूर किया।
बुजुर्ग महिला को डिजिटल अरेस्ट किया
वीडियो कॉल पर एक व्यक्ति पुलिस अधिकारी की तरह ऑफिस में बैठा दिखाई दिया, जिसने बेहद सख्त और अभद्र लहजे में बात कर महिला को डराया। उन्हें डिजिटल अरेस्ट बताकर कहा गया कि जब तक जांच पूरी नहीं होती, उन्हें लगातार कैमरा ऑन रखना होगा और किसी से संपर्क नहीं करना होगा। ठगों ने उन्हें घर से बाहर निकलने या किसी को घर में आने से भी मना कर दिया। डर के कारण महिला पूरी तरह उनके झांसे में आ गईं।
साइबर ठग ने कहा कि “मैं गुजरात पुलिस का कमिश्नर बोल रहा हूं। गुजरात में आतंकी हमले में 26 लोगों की जान गई थी। जांच में सामने आया है कि तुम उग्रवादियों और आतंकियों के साथ मिली हो। तुम्हे जेल भेजा जाएगा, घर सील कर दिया जाएगा। जब तक जांच पूरी नहीं हो जाती तुम्हें अपने मोबाइल का कैमरा ऑन रखना होगा, तुम्हें डिजिटल अरेस्ट किया गया है।”
महिला से 21 लाख रुपए ठगे
13 मार्च को ठगों ने उनके स्टेट बैंक ऑफ इंडिया खाते से 20 लाख रुपये ट्रांसफर करवा लिए। इसके बाद 16 मार्च को आरटीजीएस के जरिए 50 हजार, 49 हजार और 1 हजार रुपये और निकलवा लिए गए। इस तरह कुल 21 लाख रुपये की ठगी की गई।महिला ने बताया कि उन्होंने हाल ही में दिल्ली के विकास सदन में स्थित एलआईजी फ्लैट और कानपुर के कृष्णानगर की जमीन बेची थी, जिसकी रकम उनके खाते में जमा थी। इसी जानकारी के आधार पर ठगों ने उन्हें निशाना बनाया। कुछ दिनों बाद जब ठगों ने संपर्क करना बंद किया, तब महिला को अपने साथ हुई ठगी का अहसास हुआ।
जांच में जुटी पुलिस
इसके बाद उन्होंने पुलिस से शिकायत की। मामले में दीपेंद्र नाथ चौधरी ने बताया कि रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है और साइबर टीम पूरे मामले की जांच में जुटी है। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि इस तरह की धमकी भरी कॉल्स से सतर्क रहें और किसी भी अनजान व्यक्ति को अपनी बैंकिंग जानकारी साझा न करें।




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