कफ सिरप तस्करी: सरगना शुभम और पिता भोला समेत 18 पर 39000 पेज का आरोप पत्र तैयार
वाराणसी पुलिस ने कफ सिरप तस्करी के आरोपी शुभम जायसवाल और उसके पिता भोला प्रसाद समेत 18 लोगों के खिलाफ 39,000 पन्नों की चार्जशीट तैयार की है। दुबई में छिपे शुभम को कोर्ट ने भगोड़ा घोषित कर दिया है।

वाराणसी पुलिस ने नशीली दवाओं और कोडीन युक्त कफ सिरप की अंतरराष्ट्रीय तस्करी करने वाले सिंडिकेट के खिलाफ शिकंजा कस दिया है। कोतवाली थाने में दर्ज मुकदमे में मुख्य सरगना शुभम जायसवाल और उसके पिता भोला प्रसाद जायसवाल समेत 18 आरोपियों के खिलाफ पुलिस ने 39,000 पन्नों का विशालकाय आरोप पत्र (चार्जशीट) तैयार किया है। वाराणसी के न्यायिक इतिहास में यह संभवतः सबसे विस्तृत दस्तावेजी सबूतों वाली चार्जशीट में से एक है।
39 हजार पन्नों का दस्तावेजी सबूत
एसीपी कोतवाली विजय प्रताप सिंह के नेतृत्व में तैयार की गई इस चार्जशीट की गंभीरता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि इसकी केवल 'समरी' (सार) ही 60 पन्नों की है। इसमें सिंडिकेट द्वारा इस्तेमाल की गई फर्जी फर्मों के दस्तावेज, फर्जी ई-वे बिल, जीएसटी के कूटरचित कागजात और आरोपियों की लंबी कॉल डिटेल (CDR) को शामिल किया गया है। पुलिस इसे मंगलवार को अदालत में दाखिल करने की तैयारी में है।
शुभम जायसवाल भगोड़ा घोषित
कोडीन सिरप तस्करी के इस खेल में प्रहलाद घाट निवासी शुभम जायसवाल मुख्य कड़ी है। वह वर्तमान में दुबई में छिपा हुआ है। सोमवार को अपर जिला जज/एफटीसी मनोज कुमार की कोर्ट ने रोहनिया थाने के एक अन्य मामले में भी शुभम को भगोड़ा घोषित कर दिया। वह पहले से ही कोतवाली थाने के मुकदमे में भगोड़ा घोषित है। विशेष अभियोजक अधिकारी सुनील सिंह और अरविंद श्रीवास्तव के अनुसार, भगोड़ा घोषित होने के बाद अब उसकी संपत्ति कुर्क करने की राह भी साफ हो गई है।
दुबई से प्रत्यर्पण की राह होगी आसान
शुभम जायसवाल के खिलाफ यह पहला ऐसा मामला है जिसमें इतनी सघनता के साथ चार्जशीट तैयार की गई है। पुलिस अधिकारियों का मानना है कि इस मजबूत चार्जशीट के आधार पर अब इंटरपोल के माध्यम से शुभम के खिलाफ 'रेड कॉर्नर नोटिस' जारी कराने में मदद मिलेगी। साथ ही, दुबई प्रशासन से उसके प्रत्यर्पण (Extradition) की प्रक्रिया में भी तेजी आएगी। पुलिस इस सिंडिकेट से जुड़े 40 अन्य फर्म संचालकों की भूमिका की भी सघन जांच कर रही है।
क्या है पूरा मामला?
बीते साल 15 नवंबर को कोतवाली थाने में कोडीन युक्त कफ सिरप की अवैध तस्करी का खुलासा हुआ था। जांच में पता चला कि शुभम और उसके पिता भोला प्रसाद फर्जी कागजात के आधार पर पूरे उत्तर भारत और नेपाल तक नशीले सिरप की सप्लाई करते थे। इस नेटवर्क में कई बड़े दवा कारोबारी और फर्जी जीएसटी फर्म संचालक शामिल थे, जो कागजों पर दवाओं का हेरफेर कर करोड़ों का काला कारोबार कर रहे थे।




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