नेता बनने के लिए सिपाही ने छोड़ी नौकरी, इस्तीफे में बताया क्यों राजनीति में जाना चाह रहा
यूपी के बरेली में एक सिपाही ने नेता बनने और राजनीति में आने के लिए पुलिस सेवा यानी नौकरी से इस्तीफा दे दिया है। उसने अपना इस्तीफा सोशल मीडिया पर डाला है और वीडियो भी जारी कर इस्तीफा देने और राजनीति में जाने का कारण विस्तार से बताया है।

एक तरफ जब सिपाही बनने के लिए मारामारी मची हुई है। यूपी में पिछले ही हफ्ते तीन दिनों तक सिपाही भर्ती की परीक्षा में युवाओं का रेला उमड़ा दिखाई दिया था। उसी यूपी में अब एक सिपाही ने नौकरी छोड़कर नेतागिरी करने का मन बना लिया है। उसने सिपाही की नौकरी छोड़ने के लिए इस्तीफा दिया है। इस्तीफे में बकायदे इसका जिक्र किया है कि वह राजनीति में क्यों जाना चाहता है। उसका इस्तीफा सोशल मीडिया पर भी वायरल हो रहा है। उसने जीआरपी थाने और एसएसपी को अपना इस्तीफा डाक से भेजने का दावा किया है। मामला बरेली जिले का है।
मुरादाबाद के मैनाटेर के रहने वाले हेड कांस्टेबल मोहम्मद जमशेद की मूल तैनाती थाना फतेहगंज पूर्वी में है। वह एक साल के लिए जीआरपी के बरेली जंक्शन थाने से संबद्ध चल रहे हैं। रविवार सुबह एसएसपी को संबोधित उसका एक पत्र सोशल मीडिया पर वायरल हुआ। इसमें जमशेद ने लिखा है कि जब से उसने पुलिस की वर्दी पहनी है, तब से उसे बहुत सम्मान मिला। पुलिस की नौकरी से बहुत सारा ज्ञान मिला और उसने भी पूरी ईमानदारी से नौकरी की है।
आगे लिखा कि पिछले कुछ समय से देश और प्रदेश में सांप्रदायिकता बढ़ रही है। ऐसे में सांप्रदायिकता कम करने के लिए वह राजनीति में जाना चाहता है। इसी कारण वह पुलिस सेवा से त्यागपत्र दे रहा है। पत्र पर 14 जून 2026 की तारीख अंकित है। यह पत्र वायरल होने के बाद कयास लगते रहे और फिर शाम को उसने वीडियो वायरल करके डाक से एसएसपी और जीआरपी थाने को अपना त्यागपत्र देने की बात कही।
वीडियो भी आया सामने
इस्तीफे के साथ सिपाही का एक वीडियो भी सामने आया है। इसमें एक हाथ में इस्तीफा लेकर सिपाही कह रहा है कि दोस्तों वह दिन आ गया है, नौकरी छोड़ना आसान नहीं होता है। हमारा मकसद भी छोटा नहीं है। हम सांप्रदायिकता के खिलाफ लड़ रहे हैं। उन ताकतों के खिलाफ लड़ रहे हैं जो देश में बंटवारा करना चाहती हैं, लोगों को नफरत की आग में झोंककर देश को बांटना चाहती हैं। हम समानता, एकता, धर्मनिरपेक्षता लाएंगे। इसके लिए ही हम पुलिस सेवा से अपना त्यागपत्र दे रहे हैं।
जीआरपी से किया रिलीव लेकिन लाइन नहीं पहुंचा
पत्र के सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद इसकी प्रामाणिकता को लेकर सवाल उठने लगे। इस पर जीआरपी इंस्पेक्टर सुशील वर्मा से बात की गई तो उन्होंने बताया कि हेड कांस्टेबल उनके पास आया था लेकिन उन्होंने इस्तीफा नहीं लिया और मूल थाने में तैनाती के लिए उसे वापस कर दिया।
वहीं, एसएसपी अनुराग आर्य के अनुसार सोशल मीडिया पर हेड कांस्टेबल का इस्तीफा वायरल होने की सूचना मिली है। मगर ऐसा कोई पत्र अभी प्राप्त नहीं हुआ है। हेड कांस्टेबल से बात करके उसकी काउंसलिंग कराने के बाद आगे निर्णय लिया जाएगा।




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