cm yogi reviewed these 3 topics in a high-level meeting warned against el nino and said keep grain reserves strong सीएम योगी ने मंडी टैक्स सिस्टम में सुधार का दिया आदेश, अल नीनो को लेकर चेताया भी, Uttar-pradesh Hindi News - Hindustan
More

सीएम योगी ने मंडी टैक्स सिस्टम में सुधार का दिया आदेश, अल नीनो को लेकर चेताया भी

सीएम योगी ने अल नीनो के संभावित प्रभाव का उल्लेख करते हुए कहा कि आगामी वर्षों में फसलों पर इसका असर पड़ सकता है। इसे ध्यान में रखते हुए प्रदेश को खाद्यान्न सुरक्षा के लिए अभी से तैयार रहना होगा। उन्होंने कहा कि राज्य के खाद्यान्न भंडार पर्याप्त और मजबूत होने चाहिए।

Wed, 20 May 2026 06:26 PMAjay Singh लाइव हिन्दुस्तान
share
सीएम योगी ने मंडी टैक्स सिस्टम में सुधार का दिया आदेश, अल नीनो को लेकर चेताया भी

UP News : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि मंडी टैक्स और शुल्क व्यवस्था में सुधार किया जाएं। बैठक में समिति ने सुझाव दिया कि उत्तर प्रदेश में पंजीकृत मिलों द्वारा राज्य के भीतर प्रसंस्करण के लिए खरीदे गए गेहूं पर मंडी शुल्क व विकास उपकर में छूट दी जाए, लेकिन व्यापारिक गतिविधियों पर यह छूट लागू न हो।

मुख्यमंत्री ने बुधवार को गेहूं के इन-हाउस प्रसंस्करण को बढ़ावा देने की रणनीति पर भी विस्तृत समीक्षा की। प्रदेश की मंडियों को आधुनिक, स्वच्छ और आकर्षक बनाया जाना चाहिए। उन्होंने निर्देश दिए कि मंडियों में साफ-सफाई, रंगाई-पुताई, पर्वों के दौरान लाइटिंग, अतिक्रमण हटाने और बेहतर प्रबंधन की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। उन्होंने अल नीनो के संभावित प्रभाव का उल्लेख करते हुए कहा कि आगामी वर्षों में फसलों पर इसका असर पड़ सकता है, इसलिए प्रदेश को खाद्यान्न सुरक्षा के लिए अभी से तैयार रहना होगा। उन्होंने कहा कि राज्य के खाद्यान्न भंडार पर्याप्त और मजबूत होने चाहिए।

read moreये भी पढ़ें:
ये भी पढ़ें:यूपी में जहां सबसे ज्यादा गर्मी वहां कैसा है हाल? 11 शहरों में आग उगल रहा सूरज

मुख्यमंत्री को बैठक में बताया गया कि यूपी देश का सबसे बड़ा गेहूं उत्पादक राज्य है। वर्ष 2025-26 में प्रदेश में 372 लाख मीट्रिक टन गेहूं उत्पादन का अनुमान है, जबकि कुल उपलब्धता 407 लाख मीट्रिक टन तक पहुंचती है। प्रदेश में लगभग 2.88 करोड़ किसान गेहूं उत्पादन से जुड़े हैं। इसके बावजूद सीमित प्रसंस्करण क्षमता के कारण बड़ी मात्रा में गेहूं कच्चे अनाज के रूप में दूसरे राज्यों में चला जाता है, जिससे मूल्य संवर्धन, जीएसटी राजस्व और रोजगार के अवसर प्रदेश से बाहर चले जाते हैं।

read moreये भी पढ़ें:
ये भी पढ़ें:UP: इन कर्मचारियों के लिए गुड न्यूज, पे-स्केल, ACP , ग्रेच्युटी के लिए बनी कमेटी
ये भी पढ़ें:यूपी के इस विभाग में बदली ट्रांसफर पॉलिसी, जिला बाहर तबादले पर नया आदेश
ये भी पढ़ें:सीएम योगी के एक संदेश ने शिक्षकों में भर दिया जोश, सामने आने लगीं ऐसी तस्वीरें

प्रदेश में 559 रोलर फ्लोर मिल्स हैं, जिनकी कुल मिलिंग क्षमता 218.4 लाख मीट्रिक टन है, लेकिन वास्तविक उपयोग केवल 126.45 लाख मीट्रिक टन तक सीमित है। इसके अलावा 40 हजार से अधिक आटा चक्कियां भी संचालित हैं। रिपोर्ट में कहा गया कि यदि राज्य के भीतर ही गेहूं प्रसंस्करण को बढ़ावा मिले तो रोजगार, बिजली खपत, जीएसटी संग्रह और खाद्य उद्योगों में बड़ा विस्तार हो सकता है।

लेटेस्ट Hindi News, Lucknow News, Meerut News, Ghaziabad News, Agra News, Kanpur News , Pareet Yadav Death Live और UP News अपडेट हिंदी में पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।