यूपी के 1.86 करोड़ परिवारों को योगी का होली का तोहफा, फ्री सिलेंडर के लिए 1,500 करोड़ रुपए दिए
यूपी के 1.86 करोड़ परिवारों को सीएम योगी ने होली का तोहफा दिया है। इन परिवारों के लिए फ्री गैस सिलेंडर के लिए 1,500 करोड़ रुपए जारी कर दिया है। सीएम योगी ने इस अवसर पर दस लाभार्थी महिलाओं को स्वयं सब्सिडी राशि के प्रतीकात्मक चेक सौंपे।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने होली पर शनिवार को लोकभवन में प्रधानमंत्री उज्जवला योजना के तहत प्रदेश के 1.86 करोड़ परिवारों को गैस सिलेंडर रिफिल सब्सिडी की 1500 करोड़ रुपये की धनराशि जारी की। योगी ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी जी के मार्गदर्शन में गरीब, अन्नदाता किसान, महिलाओं और युवाओं को प्राथमिकता के आधार पर सरकारी योजनाओं से लाभान्वित करने का कार्य जारी है। होली व दीपावली पर लाभार्थियों परिवारों को एक-एक नि:शुल्क सिलेंडर रिफिल की सुविधा दी जा रही है। उज्ज्वला योजना के तहत देश में 10 करोड़ से अधिक लोगों को गैस कनेक्शन की सुविधा प्रदान की गई है, जिसमें उत्तर प्रदेश में 1.86 करोड़ परिवारों को इसका लाभ मिला है। सीएम योगी ने इस अवसर पर दस लाभार्थी महिलाओं को स्वयं सब्सिडी राशि के प्रतीकात्मक चेक सौंपे।
सबका साथ-सबका विकास ही मंत्र
सीएम योगी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शासन की योजनाओं को प्राथमिकता के आधार पर गरीब, अन्नदाता किसान, महिलाओं और युवाओं से जोड़ने का कार्य किया है। प्रधानमंत्री कहते भी हैं कि देश में केवल चार जातियां हैं। ये जातियां गरीब, किसान, महिला और युवा हैं। इसमें सभी पंथ, संप्रदाय, मत और मजहब समाहित हैं। ऐसे में जब भी किसी योजना का लाभ दिया जाएगा तो उसका मंत्र केवल “सबका साथ, सबका विकास” ही होगा। कोरोना महामारी समाप्त हुए काफी समय हो चुका है, लेकिन आज भी देश के 80 करोड़ लोगों को मुफ्त राशन की सुविधा मिल रही है। इनमें अकेले उत्तर प्रदेश के 15 करोड़ लाभार्थी शामिल हैं। यह सरकार की गरीबों के प्रति संवेदनशीलता का प्रमाण है।
जो समाज के लिए काम करेगा, सरकार उसके साथ खड़ी रहेगी
मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि आयुष्मान भारत योजना के तहत देश के 50 करोड़ लोगों को प्रतिवर्ष 5 लाख रुपये तक की स्वास्थ्य गारंटी दी जा रही है। 70 वर्ष से अधिक आयु के सभी नागरिकों को भी 5 लाख रुपये तक की कैशलेस चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है, जिसका लाभ देश के किसी भी सूचीबद्ध अस्पताल में लिया जा सकता है। शिक्षकों तथा बेसिक, माध्यमिक और उच्च शिक्षा के शिक्षणेत्तर कर्मचारियों, शिक्षामित्रों तथा अनुदेशकों को भी प्रतिवर्ष 5 लाख रुपये तक की कैशलेस स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। जो समाज के लिए कार्य करेगा, समाज और सरकार दोनों उसके लिए खड़े रहेंगे। ऐसा पहले नहीं था, क्योंकि पहले की सरकारों की सोच संकीर्ण थी। पहले की सरकारें जातीय खेमों में बंटी हुई थीं और समाज को लड़ाने का काम किया जाता था। माफिया समानांतर शासन चलाते थे, अराजकता का माहौल था। उस दौरान न बेटी सुरक्षित थी और ना व्यापारी। पर्व-त्योहारों से पहले उपद्रव की घटनाएं हो जाती थीं, जिसके कारण कर्फ्यू लग जाता था और उत्साह भंग हो जाता था। आज स्थिति पूरी तरह बदल चुकी है। प्रदेश में न कर्फ्यू है और न दंगे। कानून-व्यवस्था सुदृढ़ हुई है और निवेश के लिए सकारात्मक वातावरण बना है।




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