रील बनाने के लिए बच्चे का ‘अपहरण’, फिरौती के लिए किशोरों की कॉल से मचा हड़कंप
यूपी के कानपुर में रील बनाने के लिए बच्चे के अपहरण के नाटक से सनसनी फैल गई है।बर्रा में दो किशोरों के मजाक से बच्चे का परिवार दहशत में आ गया। बच्चे से ही उसकी मां को फोन कराया गया था और दो लाख मांगे गए थे।

कानपुर में रील बनाने के लिए दो किशारों की ओर से किया गए मजाक ने एक परिवार को कुछ देर के लिए दहशत में डाल दिया। दरअसल, किशोरों ने रील बनाने के लिए 10 साल के बच्चे को फोन देकर मां को फोन कराया कि उसका अपहरण हो गया और दो लाख रुपये चाहिए। 20 मिनट बाद फिर से फोन कर बताया कि वह ठीक है और घर आ रहा है। बच्चा जब घर पहुंचा तो परिजन उसे लेकर बर्रा थाने पहुंचे। पूछताछ में पता चला कि किशोरों ने इंस्टाग्राम पर वीडियो बनाने के लिए ऐसा किया था। पुलिस फोन करवाने वाले बच्चों की तलाश कर रही है। उनके मोबाइल बंद जा रहे हैं।
डीसीपी साउथ दीपेंद्र नाथ चौधरी ने बताया कि बर्रा आठ निवासी अमित शुक्ला प्राइवेट कर्मी हैं। परिवार में पत्नी निधि,10 वर्षीय बेटा हर्षल और छोटा बेटा यशू है। अमित के अनुसार हर्षल मेहरबान सिंह का पुरवा स्थित स्कूल में कक्षा 4 का छात्र है। बुधवार शाम करीब 7:30 बजे वह केडीएमए के पास स्थित मंडी से सब्जी लेने गया था। उसे रास्ते में 14-15 साल के दो लड़के मिले। जो बातों में उलझाकर केडीएमए स्कूल के पास सुनसान जगह ले गए। यहां उन्होंने उसे फोन देकर पत्नी निधि के नंबर पर फोन कराया।
7:55 बजे आए फोन में बच्चे ने खुद के अपहरण होने और फिरौती देने की बात कही। इसके बाद फोन कट गया। अपहरण की सूचना पर पूरा परिवार दहशत में आ गया। दोबारा नए नंबर से कॉल आई। इस बार कहा कि किदवईनगर स्थित स्कूल के पास पांच हजार रुपये पहुंचा देना। हालांकि कुछ पलों बाद ही यू-ट्यूबर होने की बात कहकर इसे मजाक बताया। कहा कि वह प्रैंक कर रहे थे। डीसीपी साउथ दीपेंद्र नाथ चौधरी ने बताया कि रिपोर्ट दर्ज कर मामले की जांच की जा रही है।
मां बोली-मेरी तो जान निकल गई
निधि ने बताया कि जैसे ही बेटे के अपहरण की सूचना मिली, एक पल के लिए मेरी जान निकल गई। उन्होंने बताया दूसरा फोन आया तब जाकर राहत मिली। उन्होंने कहा कोई ऐसा प्रैंक करने की बात सोच भी कैसे सकता है। जरूर किसी ने सोची समझी साजिश के तहत बेटे को पकड़ा। उसे ले जाने का मौका नहीं मिला तो प्रैंक का नाम दे दिया।
बढ़ता रील का चस्का और पुलिस की सख्ती
सोशल मीडिया पर 'व्यूज' और 'फॉलोअर्स' की अंधी दौड़ ने किशोरों को इस कदर संवेदनहीन बना दिया है कि वे अपराध और मजाक के बीच का अंतर भूल गए हैं। पुलिस का कहना है कि यह पहली बार नहीं है जब रील बनाने के चक्कर में किसी ने कानून के साथ खिलवाड़ किया हो। इस घटना के बाद पुलिस ने अभिभावकों को भी चेतावनी दी है कि वे अपने बच्चों की सोशल मीडिया गतिविधियों पर नजर रखें। डीसीपी ने सख्त लहजे में कहा कि प्रैंक के नाम पर किसी के मानसिक उत्पीड़न या कानून-व्यवस्था को चुनौती देने वालों को कतई बख्शा नहीं जाएगा और ऐसे यूट्यूबर्स व रील बनाने वालों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर कड़ी विधिक कार्रवाई की जाएगी।




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