डिप्टी कमिश्नर प्रभा भंडारी की दूसरी जमानत अर्जी भी खारिज, डेढ़ करोड़ की घूस मांगने में हुई थी गिरफ्तारी
यूपी में झांसी की सीजीएसटी डिप्टी कमिश्नर प्रभा भंडारी की दूसरी जमानत अर्जी भी खारिज हो गई है। फर्मों को टैक्स में अवैध रूप से छूट देकर डेढ़ करोड़ की रिश्वत मांगने व रिश्वत लेने की आरोप में गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था।

UP News: डेढ़ करोड़ रुपये की घूस मांगने के आरोप में गिरफ्तार झांसी की सीजीएसटी की डिप्टी कमिश्नर प्रभा भंडारी की दूसरी जमानत अर्जी भी खारिज हो गई। जमानत अर्जी एंटी करप्शन (सीबीआई) के विशेष न्यायाधीश ने खारिज की है। डिप्टी कमिश्नर को आपत्तिजनक दस्तावेज, अनक्लियर स्टॉक के साथ साथ टैक्स चोरी के साक्ष्य मिलने के बावजूद फर्मों को टैक्स में अवैध रूप से छूट देकर डेढ़ करोड़ की रिश्वत मांगने व रिश्वत लेने की आरोप में गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था।
इसके पूर्व 28 जनवरी को सीबीआई कोर्ट ने प्रभा भंडारी की ओर से दी गई पहली जमानत अर्जी को सुनवाई के बाद खारिज कर दिया था। सीबीआई ने रिश्वत कांड के आरोपियों के खिलाफ कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की थी। सीबीआई ने विवेचना के बाद आरोपी प्रभा भंडारी के ऊपर आजीवन कारावास से दंडनीय धाराए बढ़ा दी थी। लिहाजा आरोपी प्रभा भंडारी की ओर से बढ़ी हुई धाराओं में जमानत की मांग वाली दूसरी अर्जी दी गई थी। अभियोजन की ओर से बताया गया था कि गुप्त सूचना के आधार पर इस मामले में 30 दिसंबर 2025 को सीबीआई ने रिपोर्ट दर्ज की थी।
सीबीआई ने बताया कि झांसी की सीजीसटी कमिश्नर प्रभा भंडारी, अधीक्षक अनिल कुमार तिवारी व अधीक्षक अजय शर्मा अन्य आरोपियों के साथ मिलकर व्यापारिक कंपनियों व फर्मों को अवैध रूप से टैक्स में छूट दे रहे है। मामला निपटने के ले रिश्वत ले रहे हैं। आगे बताया गया की 18 दिसंबर 2025 को आरोपी सीजीएसटी की डिप्टी कमिश्नर प्रभा भंडारी और अन्य अधिकारियों ने मैसर्स जय अंबे प्लाईवुड व मैसर्स जय दुर्गा हार्डवेयर झांसी के गोदामों पर टैक्स चोरी के संबंध में छापा मारा गया। टैक्स चोरी संबंधित कई सारे आपत्तिजनक दस्तावेज और अनक्लियर स्टॉक बरामद हुए थे।
फर्म के मालिक लोकेश तुलानी, राजेंद्र मंगतानी और तेजपाल मंगतानी ने नरेश कुमार गुप्ता एडवोकेट के ज़रिए मामले को अवैध रूप से सेटल करने के लिए बोला। बताया गया अधीक्षक अनिल कुमार तिवारी ने बताया कि सर्च के दौरान प्रभा भंडारी ख़ुद मौजूद थी और फ़र्मो से बहुत से आपत्तिजनक दस्तावेज बरामद हुए है।




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