70 लाख की रिश्वत में डिप्टी कमिश्नर प्रभा भंडारी समेत 2 अफसरों की मुश्किलें बढ़ेंगी, ईडी का ऐक्शन शुरू
70 लाख की रिश्वत में डिप्टी कमिश्नर प्रभा भंडारी समेत 2 अफसरों की मुश्किलें बढ़ेंगी। प्रभा भंडारी व दो अधीक्षकों अनिल तिवारी और अजय शर्मा के खिलाफ मनी लांड्रिंग एक्ट का मुकदमा दर्ज होगा। ईडी ने इस कार्रवाई से पहले जीएसटी और सीबीआई से अब तक की कार्रवाई व एफआईआर का ब्योरा मांगा है।

झांसी में 70 लाख रुपए रिश्वत मांगने के मामले की आरोपी सीजीएसटी की डिप्टी कमिश्नर प्रभा भंडारी व दो अधीक्षकों अनिल तिवारी और अजय शर्मा के खिलाफ मनी लांड्रिंग एक्ट का मुकदमा दर्ज होगा। ईडी ने इस कार्रवाई से पहले जीएसटी और सीबीआई से अब तक की कार्रवाई व एफआईआर का ब्योरा मांगा है। उधर इस मामले में सीबीआई ने मंगलवार को जीएसटी के तीन कर्मचारियों से पूछताछ की है।
सीबीआई ने व्यापारियों की शिकायत पर झांसी के जीएसटी कार्यालय में छापा मारा था। उस समय डिप्टी कमिश्नर प्रभा भंडारी और अधीक्षक अनिल तिवारी व अजय शर्मा को रिश्वत लेने के आरोप में पकड़ा था। इस कार्रवाई के बाद छापेमारी में एक करोड़ 30 लाख रुपये भी बरामद हुए थे। इतनी बड़ी रकम बरामद होने पर जांच आगे बढ़ी तो सामने आया कि यहां रिश्वत का खेल बहुत पहले से चल रहा है। इस कार्रवाई के बाद कुछ और पीड़ितों ने भी सीबीआई से शिकायत की थी। कई खुलासे होने पर ईडी ने इस प्रकरण का संज्ञान लिया है। ईडी सूत्रों के मुताबिक जल्दी ही इस मामले में कुछ और तथ्य सामने आने के बाद तीनों आरोपियों के खिलाफ मनी लांड्रिंग का मुकदमा दर्ज किया जाएगा। फिर इस मुकदमे में तीनों आरोपियों की न्यायिक रिमांड ली जाएगी।
तीन और कर्मचारियों से हुई पूछताछ
सीबीआई को इस मामले में कई जानकारियां हाथ लगी है। इसी आधार पर सीबीआई ने जीएसटी के तीन और कर्मचारियों से पूछताछ की है। इन कर्मचारियों को डिप्टी कमिश्नर के रिश्वत प्रकरण की पूरी जानकारी थी। ये लोग भी मददगार रहे थे। हालांकि तीनों कर्मचारियों ने इस बात से इंकार किया है। सीबीआई ने उन्हें कुछ साक्ष्य भी दिखाए जिसके बारे में उनसे जवाब मांगा गया है।




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