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जीएसटी डिप्टी कमिश्नर प्रभा भंडारी संग पकड़े गए अधीक्षकों की काली कमाई आई सामने, नया केस दर्ज

झांसी जीएसटी घूसकांड में डिप्टी कमिश्नर प्रभा भंडारी के साथ पकड़े गए अधीक्षकों अजय कुमार शर्मा और अनिल कुमार तिवारी पर सीबीआई ने आय से अधिक संपत्ति का नया केस दर्ज किया है। जांच में करोड़ों की काली कमाई उजागर हुई है। 

Wed, 25 March 2026 01:02 PMYogesh Yadav लखनऊ हिन्दुस्तान
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जीएसटी डिप्टी कमिश्नर प्रभा भंडारी संग पकड़े गए अधीक्षकों की काली कमाई आई सामने, नया केस दर्ज

झांसी सीजीएसटी कार्यालय में 1.5 करोड़ रुपये की घूसखोरी के बहुचर्चित मामले में गिरफ्तार किए गए अधिकारियों पर शिकंजा और कस गया है। सीबीआई (CBI) की लखनऊ एंटी करप्शन ब्रांच ने तत्कालीन दो अधीक्षकों, अजय कुमार शर्मा और अनिल कुमार तिवारी, के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति (Disproportionate Assets) के दो अलग-अलग नए मुकदमे दर्ज किए हैं। जांच में सामने आया है कि इन अधिकारियों ने अपनी वैध आय से कई गुना अधिक संपत्ति अवैध रास्तों से जमा की थी।

क्या था झांसी सीजीएसटी घूसकांड?

भ्रष्टाचार का यह खेल पिछले वर्ष 31 दिसंबर को उजागर हुआ था, जब सीबीआई ने झांसी स्थित सीजीएसटी कार्यालय में बड़ी छापेमारी की थी। उस वक्त टीम ने दोनों अधीक्षकों को एक व्यापारी से 70 लाख रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया था। इस मामले में केवल अधीक्षक ही नहीं, बल्कि तत्कालीन डिप्टी कमिश्नर प्रभा भंडारी और अन्य सहयोगियों की भी संलिप्तता पाई गई थी। छापेमारी के दौरान सीबीआई को न केवल नकद राशि, बल्कि भारी मात्रा में सोने के जेवर और बेनामी संपत्तियों के दस्तावेज भी बरामद हुए थे।

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अजय कुमार शर्मा: 3.53 करोड़ की अवैध कमाई

सीबीआई द्वारा जारी ताजा विवरण के अनुसार, अधीक्षक अजय कुमार शर्मा के वित्तीय लेन-देन की जब गहन जांच की गई, तो चौंकाने वाले आंकड़े सामने आए। जांच अवधि के दौरान उनका वैध आय-व्यय लगभग 1.40 करोड़ रुपये पाया गया, लेकिन इसी अवधि में उनके पास 3.53 करोड़ रुपये से अधिक की ऐसी संपत्ति मिली, जिसका उनके पास कोई वैध स्रोत नहीं था। इस 'काली कमाई' के बारे में पूछे जाने पर वे कोई संतोषजनक जवाब नहीं दे सके।

अनिल कुमार तिवारी: आय से 191% अधिक संपत्ति

दूसरे अधीक्षक अनिल कुमार तिवारी की स्थिति भी कुछ अलग नहीं है। एक जनवरी 2022 से 31 दिसंबर 2025 के बीच की जांच अवधि में उनकी कुल संपत्ति 1.99 करोड़ रुपये पाई गई। सीबीआई के मुताबिक, यह उनकी वैध कमाई से लगभग 191 प्रतिशत अधिक है। उन्होंने इस छोटी सी अवधि में 1.10 करोड़ रुपये की अतिरिक्त अवैध संपत्ति अर्जित की।

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विभागीय अधिकारियों में हड़कंप

सीबीआई द्वारा आय से अधिक संपत्ति के नए केस दर्ज किए जाने के बाद जीएसटी विभाग के गलियारों में हड़कंप मचा हुआ है। सूत्रों का कहना है कि सीबीआई अब इस बात की जांच कर रही है कि भ्रष्टाचार की यह चेन कितनी लंबी थी और क्या मुख्यालय स्तर के कुछ अन्य बड़े अधिकारी भी इस सिंडिकेट का हिस्सा थे। आने वाले दिनों में कुछ और अधिकारियों और कर्मचारियों पर गाज गिरना तय माना जा रहा है।

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