cghs treatment payment limit increased to 10 lakh for central government employees health ministry order पांच की जगह दस लाख तक का मुफ्त इलाज, लाखों कर्मचारियों के लिए आदेश हुआ जारी, Uttar-pradesh Hindi News - Hindustan
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पांच की जगह दस लाख तक का मुफ्त इलाज, लाखों कर्मचारियों के लिए आदेश हुआ जारी

स्वास्थ्य मंत्रालय ने केंद्रीय कर्मचारियों के लिए CGHS इलाज भुगतान की सीमा 5 लाख से बढ़ाकर 10 लाख रुपये कर दी है। अब विभाग प्रमुख 10 लाख तक के मेडिकल क्लेम को मंजूरी दे सकेंगे।

Wed, 25 Feb 2026 08:22 AMYogesh Yadav प्रयागराज, प्रमुख संवाददाता
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पांच की जगह दस लाख तक का मुफ्त इलाज, लाखों कर्मचारियों के लिए आदेश हुआ जारी

केंद्र सरकार ने अपने लाखों कर्मचारियों को बड़ी चिकित्सा राहत देते हुए सीजीएचएस (सेंट्रल गवर्नमेंट हेल्थ स्कीम) के तहत इलाज के भुगतान की सीमा को दोगुना कर दिया है। अब केंद्रीय कर्मचारी गंभीर बीमारियों की स्थिति में 10 लाख रुपये तक के इलाज का भुगतान सीधे अपने विभाग प्रमुख (Head of Department) की स्वीकृति से प्राप्त कर सकेंगे। स्वास्थ्य मंत्रालय के इस कदम से उन कर्मचारियों को बड़ी मदद मिलेगी, जिन्हें महंगे इलाज के लिए फंड की मंजूरी के चक्कर में लंबी कागजी कार्यवाही से गुजरना पड़ता था।

10 साल बाद बढ़ी वित्तीय शक्ति

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की अनु सचिव हेमलता सिंह द्वारा जारी आदेश के अनुसार, विभाग प्रमुखों की वित्तीय शक्तियों में यह बड़ा विस्तार लगभग एक दशक बाद किया गया है। इससे पहले 23 नवंबर 2016 को यह सीमा दो लाख से बढ़ाकर पांच लाख रुपये की गई थी। अब इसे सीधे 10 लाख रुपये कर दिया गया है। नया नियम लागू होने के बाद, यदि किसी कर्मचारी के इलाज का खर्च 10 लाख रुपये तक आता है, तो उसे मंत्रालय या उच्चाधिकारियों के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे; उसका विभाग प्रमुख ही इसे स्वीकृत करने के लिए अधिकृत होगा। हालांकि, यदि इलाज का खर्च 10 लाख रुपये से अधिक होता है, तो उसके लिए केंद्र सरकार द्वारा नामित उच्च अधिकारियों से विशेष अनुमति लेनी अनिवार्य होगी।

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पैनल के बड़े अस्पतालों में मिलेगा लाभ

ऑल इंडिया ऑडिट एंड अकाउंट्स पेंशनर्स एसोसिएशन के कार्यकारी अध्यक्ष सुभाष चंद्र पांडेय ने इस फैसले का स्वागत करते हुए बताया कि सीजीएचएस के पैनल में शामिल वेलनेस सेंटर अक्सर मरीजों को बेहतर इलाज के लिए बड़े और विशेषज्ञ अस्पतालों (जैसे अपोलो, मैक्स या फोर्टिस) में रेफर करते हैं। इन अस्पतालों में सर्जरी या गंभीर रोगों के इलाज का खर्च अक्सर पांच लाख की पुरानी सीमा को पार कर जाता था। सीमा बढ़ने से अब कर्मचारियों को अस्पताल में भर्ती होने और भुगतान सुनिश्चित करने में कम कठिनाई होगी।

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पेंशनरों के लिए फिलहाल इंतजार

इस आदेश का एक महत्वपूर्ण पहलू यह भी है कि वर्तमान में यह केवल सेवारत केंद्रीय कर्मचारियों के लिए प्रभावी माना जा रहा है। पेंशनरों के संगठन का कहना है कि स्वास्थ्य मंत्रालय ने अभी पेंशनभोगियों के लिए अलग से कोई स्पष्ट दिशा-निर्देश या नया आदेश जारी नहीं किया है। पेंशनर्स एसोसिएशन उम्मीद कर रहा है कि जल्द ही सरकार उनके लिए भी इसी तरह की राहत की घोषणा करेगी, क्योंकि बढ़ती उम्र में इलाज का खर्च उनके लिए एक बड़ी चुनौती बना हुआ है।

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