खामेनेई की मौत पर बिना इजाजत निकाला शोक जुलूस, 150 से अधिक लोगों पर केस दर्ज
खामेनेई की हत्या के विरोध में बिना अनुमति के प्रदर्शन करने के मामले में पुलिस ने सहारनपुर में सख्त रुख अपनाते हुए 32 नामजद और सैकड़ों अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। रविवार को शिया समुदाय के लोगों ने काले झंडे हाथ में लेकर जुलूस निकाला और विरोध प्रदर्शन किया।

Saharanpur News: शिया समुदाय के धर्मगुरु अयातुल्ला अली खामेनेई की हत्या के विरोध में बिना अनुमति के प्रदर्शन करने के मामले में पुलिस ने सहारनपुर में सख्त रुख अपनाते हुए 32 नामजद और सैकड़ों अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। रविवार को शिया समुदाय के लोगों ने जाफर नवाज स्थित शिया मस्जिद से चौकी सराय तक काले झंडे हाथ में लेकर जुलूस निकाला और विरोध प्रदर्शन किया। पुलिस ने बिना अनुमति जुलूस और प्रदर्शन को गंभीरता से लेते हुए कार्रवाई की है।
पुलिस के अनुसार मिर्जा अबुल हसन, शफी हैदर आब्दी, केसर अब्बास, फरहत मेहंदी और मुसैय्यद जैदी निवासी मोहल्ला अंसारियां, थाना नगर कोतवाली के खिलाफ विभिन्न धाराओं में नामजद मुकदमा दर्ज किया गया है। इसके अलावा 120 अज्ञात लोगों के विरुद्ध भी मामला दर्ज कर उनकी पहचान की जा रही है। उधर नानौता में रविवार देर रात खामनेई की मौत पर रविवार को नगर में शोक जुलूस निकालने पर पुलिस ने 26 नामजद सहित दर्जनों अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है।
खामेनेई की मौत पर बुलंदशहर में लगाए काले झंडे
वहीं, बुलंदशहर ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला खामनेई की मौत पर शिया समुदाय में आक्रोश फैला हुआ है। रविवार से गम और गुस्से में घिरे लोगों ने औरंगाबाद के इमामबाड़े और मकानों के आगे काले झंडे लगा दिए हैं। कुछ लोग दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन में भी शामिल हुए। शिया बाहुल्य मोहल्ला सादात के लोगों के साथ महिलाएं भी गम में डूब गईं। बड़े वाले इमामबाड़े और मकानों के आगे काले झंडे लगाकर शांतिपूर्ण ढंग से विरोध प्रदर्शन किया।
प्रयागराज में दूसरे दिन भी प्रदर्शन
अमेरिका और इजरायल के संयुक्त हमले में ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्लाह अली खामेनेई की मौत के विरोध में दूसरे दिन भी प्रयागराज में प्रदर्शन हुआ। जिले के सिविल लाइंस में पत्थर गिरजाघर स्थित धरनास्थल पर करेली, रानीमंडी और दरियाबाद से बड़ी संख्या में लोग पहुंचे। प्रदर्शनकारियों के हाथों में खामेनेई की तस्वीर लेकर शिया-सुन्नी भाई-भाई और तुम कितने हुसैनी मारोगे, हर घर से हुसैनी निकलेगा जैसा नारे लगाकर अपना विरोध किया। वहीं, कई लोगों के आंखों में आंसू थे।
कानपुर में तीन दिन का शोक
सुप्रीम लीडर अयातुल्ला सैयद अली खामेनेई की अमेरिकी-इजरायली हमले में मौत के बाद कानपुर के मुस्लिम समाज में विशेषकर शिया समुदाय में गम ओ गुस्से की लहर दौड़ गई। शिया हजरात ने मजलिसें कर ईरानी नेता को शहीद करार देते हुए तीन दिन के शोक का ऐलान किया। वहीं, सुन्नी उलमा ने घटना पर अमेरिका-इजरायल के खिलाफ गहरी नाराजगी जताई।




साइन इन