Brother moves High Court to save JE Rambhavan from death penalty for child sexual abuse बच्चों से हैवानियत करने वाले जेई की फांसी टलवाने हाईकोर्ट पहुंचा भाई, बोला- निर्दोष हैं दोनों, Uttar-pradesh Hindi News - Hindustan
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बच्चों से हैवानियत करने वाले जेई की फांसी टलवाने हाईकोर्ट पहुंचा भाई, बोला- निर्दोष हैं दोनों

मृत्युदंड की सजा पाए जेई रामभवन और उसकी पत्नी के बचाव में अब उनका भाई राजाभैया आगे आया है। राजाभैया ने दोनों को निर्दोष बताते हुए सजा के खिलाफ इलाहाबाद हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। वह सोमवार को अपने अधिवक्ता के माध्यम से हाईकोर्ट में अपील दाखिल करेगा।

Mon, 23 Feb 2026 09:58 AMPawan Kumar Sharma संवाददाता, बांदा
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बच्चों से हैवानियत करने वाले जेई की फांसी टलवाने हाईकोर्ट पहुंचा भाई, बोला- निर्दोष हैं दोनों

यूपी के बांदा में रामभवन और उसकी पत्नी के बचाव में जेई का भाई आया है। उसने दोनों निर्दोष बताया है। दोनों की मृत्युदंड की सजा टालने के लिए वह हाईकोर्ट पहुंच गया है। सोमवार को अधिवक्ता के माध्यम से वह सजा के खिलाफ अपील दायर करेगा। उसने कहा कि हमे विश्वास है कि भाई को हाईकोर्ट से राहत जरूर मिलेगी।

जेई रामभवन ने चित्रकूट में सिंचाई विभाग में तैनाती के दौरान अपनी पत्नी दुर्गावती के साथ मिलकर नाबालिग बच्चों के साथ हैवानियत करता रहा। चर्चित मामले में सीबीआई के साक्ष्यों व विवेचना के आधार पाक्सो एक्ट के विशेष न्यायाधीश प्रदीप कुमार मिश्रा ने ऐतिहासिक फैसला सुनाते हुए शुक्रवार को जेई रामभवन व उसकी पत्नी दुर्गावती को फांसी की सजा सुनाई थी। उधर, नरैनी कस्बा के जवाहर नगर मोहल्ला निवासी राजाभैया का कहना है कि छोटे भाई जेई रामभवन को गलत फंसाया गया है। सीबीआई ने साक्ष्य जो पेश किए हैं, वह सही नहीं हैं। उन्हें भरोसा है कि छोटे भाई रामभवन और उसकी पत्नी दुर्गावती को हाईकोर्ट से इंसाफ जरूर मिलेगा।

राजाभैया ने कहा कि वह हाईकोर्ट में अधिवक्ता के जरिए अपील दायर कराएंगे। दोनों को मृत्युदंड से बचाने के लिए वह पूरी ताकत लगाएंगे। रामभवन के अधिवक्ता भूरा प्रसाद निषाद का कहना है कि रामभवन के कागजात तैयार करा दिए हैं। उनके भाई सोमवार को इस मामले में रिट दायर करेंगे।

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बच्चों के साथ हैवानियत में मृत्यु दंड की सजा पा चुके जेई रामभवन के खिलाफ पाक्सो एक्ट सहित छह अन्य मामले और दर्ज हैं। दिल्ली की सीबीआई टीम ने वर्ष 2020 में जेई राम भवन और पत्नी रानी दुर्गावती के खिलाफ यौन शोषण समेत अन्य धाराओं में रिपोर्ट दिल्ली में दर्ज कराई थी। वर्ष 2022 व 23 में सीबीआई ने दिल्ली में दो और लखनऊ की सीबीआई टीम ने लखनऊ में पाक्सो एक्ट सहित चार मामले दर्ज कराए थे। अदालत में अभी इन मुकदमों की तारीखें पड़ रही हैं। यही वजह है कि मृत्युदंड की सजा पाए जेई रामभवन को नैनी के सेंट्रल जेल में नहीं भेजा जा रहा है। दोषी जेई रामभवन यहां मंडल कारागार में ही रहेगा। उसके यहां रहने की वजह से पत्नी दुर्गावती को भी लखनऊ के नारी निकेतन नहीं भेजा जाएगा।

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दूसरे के नाम से बना रखी थीं तीन मेल आईडी

सीबीआई की जांच में सामने आया था कि रामभवन ने तीन मेल आईडी भी बना रखी थीं। जिसमें दूसरों के नाम से मेल आईडी बनाकर प्रयोग करता था। इसमें याहू, जी मेल, और हुसमेल डाट काम की साइट से बनाई थी। इसमें उसने नव विजय, संजय विजनवा के नाम से आईडी बना रखी थीं। इसी तरह तीन नंबर भी प्रयोग करता था।

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