कन्नौज में असीम अरुण के अपमान पर संग्राम, भाजपा कार्यकर्ता सड़क पर उतरे, जीटी रोड जाम
Asim Arun Kannauj: कन्नौज में डीएम के देर से आने के कारण कार्यक्रम शुरू होने से पहले ही यूपी सरकार के मंत्री असीम अरुण के लौटने से भाजपा कार्यकर्ता भड़क गए और शुक्रवार को जीटी रोड जाम कर दिया।

Asim Arun Kannauj: उत्तर प्रदेश सरकार के समाज कल्याण मंत्री असीम अरुण को लेकर कन्नौज के सरकारी कार्यक्रम में अपमानजनक प्रशासनिक लापरवाही से भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के कार्यकर्ता उबल पड़े हैं। भाजपा कार्यकर्ताओं ने कन्नौज में शुक्रवार को सड़क पर प्रदर्शन किया और जीटी रोड पर जाम लगा दिया। बीजेपी कार्यकर्ता सीएम योगी आदित्यनाथ से कन्नौज के डीएम आशुतोष अग्निहोत्री, एसपी विनोद कुमार और एसडीओ वैशाली पर प्रोटोकॉल उल्लंघन के आरोप में कार्रवाई करने की मांग कर रहे हैं। असीम अरुण गुरुवार को 45 मिनट तक कन्नौज के कलेक्टर का इंतजार करने के बाद प्रोग्राम शुरू हुए बिना ही लौट गए थे, क्योंकि आयोजकों ने कह दिया कि जब डीएम आएंगे, तभी कार्यक्रम शुरू होगा। वह भी तब जब असीम अरुण कार्यक्रम के मुख्य अतिथि थे।
मंत्री असीम अरुण को चीफ गेस्ट बनाकर बुलाने के बाद एसडीएम से डीएम स्तर तक प्रशासनिक लापरवाही को लेकर शुक्रवार को सियासी गुस्सा फूट पड़ा। भाजपा कार्यकर्ता सड़क पर उतरे और मकरंद नगर में जाम लगा जमकर नारेबाजी की l इसके कारण करीब सवा घंटे हंगामा चला। रोमा स्मारक पर आयोजित कार्यक्रम में असीम अरुण को शाम 5:30 बजे मुख्य अतिथि बनाकर बुलाया गया था। असीम निर्धारित समय पर पहुंच गए, लेकिन तब तक न तो डीएम पहुंचे थे और न ही अन्य वरिष्ठ अधिकारी।
मंत्री के अनुसार, उनके पहुंचने के 15 मिनट बाद एसडीएम और एडीएम पहुंचे। करीब 45 मिनट इंतजार के बावजूद डीएम के नहीं आने और आगे आने का सही समय नहीं बताने के बाद असहज स्थिति के बीच मंत्री कार्यक्रम स्थल से चले गए थे। बाद में अधिकारियों ने कार्यक्रम संपन्न कराया, लेकिन जनप्रतिनिधि इससे दूर रहे। इसके बाद भाजपा नेताओं ने भी कार्यक्रम से दूरी बना ली।
घटना के विरोध में शुक्रवार को भाजपा कार्यकर्ताओं ने मकरंद नगर में जीटी रोड पर जाम लगाकर प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की और एसडीएम को हटाने की मांग की। बाद में भाजपा जिलाध्यक्ष वीर सिंह भदौरिया के हस्तक्षेप से जाम खुलवाया गया। उन्होंने कहा कि प्रोटोकॉल के तहत अफसरों को पहले से मौजूद रहना चाहिए था, लेकिन ऐसा नहीं हुआ, जो अस्वीकार्य है। मंत्री असीम अरुण ने डीएम को पत्र लिखकर कड़ी नाराजगी जताई है।




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