4 मेडिकल कॉलेजों में आरक्षण संबंधी HC के फैसले को चुनौती देगा समाज कल्याण विभाग: मंत्री असीम अरुण
यूपी के चार मेडिकल कॉलेजों में अनुसूचित जाति के अभ्यर्थियों को स्पेशल कंपोनेंट के तहत दिए जाने वाले आरक्षण को लेकर अब समाज कल्याण विभाग हाईकोर्ट के फैसले को चुनौती देगा। राज्यमंत्री असीम अरुण ने मंगलवार को इसकी घोषणा की।

उत्तर प्रदेश के चार मेडिकल कॉलेजों में अनुसूचित जाति के अभ्यर्थियों को स्पेशल कंपोनेंट के तहत दिए जाने वाले आरक्षण को लेकर अब समाज कल्याण विभाग इलाहाबाद हाईकोर्ट के फैसले को चुनौती देगा। विभाग के स्वतंत्र प्रभार राज्यमंत्री असीम अरुण ने मंगलवार को इसकी घोषणा की। इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ द्वारा जालौन, कन्नौज, अंबेडकर नगर और सहारनपुर के मेडिकल कॉलेजों में एससी वर्ग के अभ्यर्थियों को 70 फीसदी आरक्षण दिए जाने संबंधी स्वास्थ्य और समाज कल्याण विभाग के शासनादेशों को निरस्त करने के आदेश दिए थे।
इस मामले में स्वास्थ्य विभाग ने इस वर्ष काउंसलिंग निरस्त न किए जाने को लेकर कोर्ट में स्पेशल अपील दायर की थी। इसके बाद डिवीजन बेंच ने भी एकल बेंच के शासनादेशों को निरस्त किए जाने संबंधी फैसले को बरकरार रखा। हालांकि काउंसलिंग निरस्त करने के फैसले पर रोक लगा दी। अब इसके बाद समाज कल्याण विभाग शासनादेशों को निरस्त किए जाने के निर्णय को चुनौती देगा।
इस संबंध में समाज कल्याण विभाग के राज्यमंत्री असीम अरुण ने मंगलवार को सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर किए पोस्ट में लिखा कि उत्तर प्रदेश में चार मेडिकल कॉलेजों की स्थापना स्पेशल कंपोनेंट प्लान के तहत की गई थी। जिस कारण यहां पर आरक्षण अलग मानक पर चलता है। इसमें हमने माननीय उच्च न्यायालय द्वारा पारित आदेश का अध्ययन किया।
राज्यमंत्री असीम अरुण ने लिखा कि समाज कल्याण विभाग उत्तर प्रदेश भी इसमें पार्टी बनेगा क्योंकि स्पेशल कंपोनेंट प्लान की जिम्मेदारी हमारी है। कमजोर वर्गों के हित को सुरक्षित रखने के लिए हम आदेश के विरुद्ध अपील करेंगे।




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