सामूहिक विवाह समारोह में गड़बड़ी पर असीम अरुण सख्त, 3 सदस्यीय कमेटी बना सौंपी जांच
शिकायतों में कहा गया है कि सामूहिक विवाह समारोह के दौरान कई पात्र जोड़ों को निर्धारित विवाह उपहार सामग्री उपलब्ध नहीं कराई गई। वहीं जिन जोड़ों को सामग्री वितरित की गई, उसकी गुणवत्ता मानकों के अनुरूप नहीं पाई गई। यह भी कहा गया कि निर्धारित अधिकतम सीमा के विपरीत 100 से अधिक जोड़ों के विवाह कराए गए।

उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद में पिछले साल पांच दिसंबर को आयोजित सामूहिक विवाह समारोह में सामने आई अनियमितताओं को लेकर समाज कल्याण मंत्री राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) असीम अरुण ने सख्त रुख अपना लिया है। मामले को गंभीरता से लेते उन्होंने जांच के आदेश दिए हैं। इसके लिए तीन सदस्यीय जांच समिति का गठित की गई है, जो मौके पर जाकर जांच करेगी। कमेटी को 12 फरवरी तक अपनी रिपोर्ट सौंपने का आदेश दिया गया है।
यह शिकायत आई है सामने
शिकायतों में कहा गया है कि सामूहिक विवाह समारोह के दौरान कई पात्र जोड़ों को निर्धारित विवाह उपहार सामग्री उपलब्ध नहीं कराई गई। वहीं जिन जोड़ों को सामग्री वितरित की गई, उसकी गुणवत्ता मानकों के अनुरूप नहीं पाई गई। इसके साथ ही यह भी कहा गया कि निर्धारित अधिकतम सीमा के विपरीत 100 से अधिक जोड़ों के विवाह कराए गए। राज्यमंत्री असीम अरुण ने कहा कि समाज कल्याण योजनाओं में किसी भी प्रकार की लापरवाही, अनियमितता या भ्रष्टाचार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। रिपोर्ट के आधार पर दोषी पाए जाने वाले अधिकारियों और संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
जांच समिति में ये अधिकारी शामिल
जांच समिति में समाज कल्याण विभाग के संयुक्त निदेशक पी के त्रिपाठी, उपनिदेशक अमरजीत सिंह और जिला समाज कल्याण अधिकारी अनामिका सिंह शामिल हैं।
इन बिंदुओं पर होगी जांच
1- सामूहिक विवाह कार्यक्रम में शासन द्वारा निर्धारित अधिकतम जोड़ों की संख्या का पालन किया गया या नहीं। 100 से अधिक जोड़ों के विवाह की अनुमति किस स्तर पर दी गई।
2-योजना का लाभ पाने वाले जोड़ों की पात्रता और अपात्र लाभार्थियों की स्थिति।
3-कार्यक्रम के आयोजन और व्यवस्थाओं में हुई लापरवाही
4-विवाह कार्यक्रम के आयोजन और व्यवस्थाओं में कहां-कहां लापरवाही हुई।
5-पात्र जोड़ों को विवाह के लिए तय उपहार सामग्री मिली या नहीं। जो उपहार सामग्री दी गई, उसकी गुणवत्ता ठीक थी या नहीं।




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