मस्जिद-मदरसों को टारगेट कर रही भाजपा, संभल में बुलडोजर ऐक्शन पर भड़के सांसद जियाउर्रहमान
संभल में अवैध अतिक्रण पर बनी मस्जिद को गिराए जाने को लेकर सपा सांसद जियाउर्रहमान भड़क गए। उन्होंने पुलिस-प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाते हुए भाजपा सरकार पर निशाना साधा।

Sambhal News: संभल में अवैध अतिक्रमण पर बनी मस्जिदों और मदरसों पुलिस-प्रशासन की कार्रवाई लगातार जारी है। मस्जिद तोड़े जाने को लेकर तीन दिन से चल रही कार्रवाई रविवार को भी जारी रही। मस्जिद पर बुलडोजर ऐक्शन को लेकर अब सपा सांसद जियाउर्रहमान भड़क गए। उन्होंने भाजपा सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए जोरदार हमला बोला। सांसद जियाउर्रहमान ने कहा, अधिकारियों ने आंख पर पट्टी बांधकर एक तय निशाने के साथ यह कार्रवाई की है।
उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा मस्जिद-मदरसों और कब्रिस्तानों को जानबूझकर टारगेट कर रही है। जब-जब चुनाव आते हैं तो भाजपा इस तरह की हरकतें शुरू कर देती है। भाजपा सरकार नीति के तहत मुसलमानों को भी बांटने का काम कर रही है, लेकिन वह बंटेंगे नहीं। सांसद ने आगे कहा, लाख कोशिशों के बावजूद संभल प्रशासन ने कसेरूवा गांव में मस्जिद को शहीद कर दिया। उन्होंने कहा, मस्जिद शहद होने के बाद पूरे गांव में गम और मातम का माहौल है। मां-बहनों की आंखें नम हैं और बच्चे सहमे हुए हैं। उन्होंने कहा, नाइंसाफी के खिलाफ यह आवाज हमेशा बुलंद होती रहेगी।
सड़क से संसद और कोर्ट तक लड़ेंगे लड़ाई
सांसद बर्क ने कसेरूआ गांव की मस्जिद पर हुई कार्रवाई को जल्दबाजी में उठाया गया कदम बताते हुए कहा कि प्रशासन ने बिना उचित प्रक्रिया अपनाए मस्जिद को ध्वस्त कर दिया। उन्होंने कहा कि वह जनता के प्रतिनिधि हैं और यदि जनता के साथ किसी प्रकार की ज्यादती होगी तो वह खुलकर उसके खिलाफ आवाज उठाएंगे। इस मामले में वह सड़क से लेकर संसद और न्यायालय तक लड़ाई लड़ेंगे। संविधान के अनुच्छेद-25 के तहत प्रत्येक नागरिक को अपने धर्म के पालन और धार्मिक स्थलों की रक्षा का अधिकार प्राप्त है, लेकिन इस मामले में उस अधिकार के साथ खिलवाड़ किया गया है। उनका दावा है कि संबंधित मस्जिद लगभग 150 वर्ष पुरानी है और वक्फ बोर्ड में पंजीकृत है। ऐसी स्थिति में प्रशासन को उस पर फैसला सुनाने का अधिकार नहीं था। तहसील प्रशासन पर धार्मिक स्थलों को निशाना बनाने का आरोप लगाते हुए कहा कि यह मामला तीन बार जिलाधिकारी न्यायालय में पहुंचा। दो बार जिलाधिकारी सुनवाई के लिए नहीं बैठे और तीसरी बार सुनवाई के दौरान निर्णय सुना दिया गया। लोगों ने अनुरोध किया था कि उनके अधिवक्ता किसी कारणवश उपस्थित नहीं हो सके हैं, इसलिए अगली तारीख दी जाए, लेकिन उनकी मांग नहीं मानी गई।
ग्रामीणों को नहीं दिया गया नोटिस
सांसद बर्क ने आरोप लगाया कि दो दिन पहले देर रात निर्णय तैयार किया। बैक डेट में टीम गठित कर ध्वस्तीकरण की कार्रवाई कर दी गई। उन्होंने कहा कि ग्रामीणों को नोटिस भी नहीं दिया गया। वह हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ताओं के संपर्क में हैं तथा मस्जिद ध्वस्त कराने वाले अधिकारियों के खिलाफ न्यायालय का दरवाजा खटखटाएंगे। पत्रकार वार्ता के दौरान सांसद ने लोगों से संयम बनाए रखने की अपील भी की। कहा कि पुलिस और प्रशासन से लड़ाई लाठी-डंडे से नहीं बल्कि कानून के दायरे में रहकर लड़नी चाहिए। यदि किसी धार्मिक स्थल के साथ अन्याय होता है तो लोग मजबूती से अपनी आवाज उठाएं और कानूनी रास्ता अपनाएं। किसी अधिकारी के गलत कार्य से डरने की जरूरत नहीं है, न्यायालय में चुनौती देने पर इंसाफ अवश्य मिलेगा।
इस्लाम धर्म का प्रतीक है हरा झंडा
मस्जिद के भीतर आई लव मोहम्मद के पोस्ट मिलने पर सांसद ने कहा कि उनके धर्म के लोग अल्लाह से मोहब्बत करते हैं। हरे रंग के झंडे मिलने संबंधी चर्चाओं पर भी सांसद ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि हरा रंग इस्लाम धर्म का प्रतीक का हिस्सा है और मुस्लिम समाज ईद मिलादुन्नबी जैसे अवसरों पर ऐसे झंडों का उपयोग करता है। उनके अनुसार इस मुद्दे को अनावश्यक रूप से प्रचारित कर लोगों का ध्यान मुख्य विषय से भटकाने का प्रयास किया जा रहा है। सांसद बर्क ने कहा कि यदि मामले में कोई गलत रिपोर्ट दर्ज की जाती है तो उसे भी न्यायालय में चुनौती दी जाएगी। उन्होंने भरोसा जताया कि आने वाले समय में न्याय मिलेगा और जो लोग शक्ति के बल पर गलत कार्य कर रहे हैं, उन्हें उसका परिणाम भुगतना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि वह कानूनी दायरे में रहकर क्षेत्र के लोगों के साथ मिलकर इस लड़ाई को आगे बढ़ाएंगे।




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