भाजपा विधायकों को 5 करोड़, सपा MLA को 1 करोड़; फंड में भेदभाव से माता नाराज, योगी से शिकायत
माता प्रसाद पाण्डेय ने मुख्यमंत्री योगी से शिकायत की है कि सत्तारूढ़ दल बीजेपी और विपक्षी सपा विधायकों के बीच धनराशि के आवंटन में भेदभाव किया जा रहा है। माता प्रसाद पाण्डेय ने इस संबंध में मुख्यमंत्री योगी को पत्र लिखा है।

UP News: उत्तर प्रदेश के नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पाण्डेय ने मुख्यमंत्री योगी को पत्र लिखकर शिकायत की है कि त्वरित विकास योजना के तहत सत्तारूढ़ दल बीजेपी और विपक्षी सपा विधायकों के बीच धनराशि के आवंटन में भेदभाव किया जा रहा है। माता प्रसाद के पत्र में कहा गया है कि सत्तापक्ष के विधायकों को सड़क निर्माण के लिए 5-5 करोड़ रुपये दिए गए हैं, जबकि विपक्षी विधायकों को मात्र 1-1 करोड़ रुपये ही आवंटित किए गए हैं। इस असमानता को लेकर उन्होंने कड़ी आपत्ति जताई है।
नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद ने अपने पत्र में कहा कि प्रदेश का समग्र विकास तभी संभव है जब सभी क्षेत्रों में समान रूप से संसाधनों का वितरण हो। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि केवल एक पार्टी के क्षेत्रों का विकास करने से पूरे राज्य का संतुलित विकास नहीं हो सकता। माता प्रसाद पाण्डेय ने मुख्यमंत्री से मांग की है कि विपक्षी दलों के विधायकों को भी सत्तापक्ष के समान 5-5 करोड़ रुपये की धनराशि दी जाए, ताकि सभी क्षेत्रों में विकास कार्य समान रूप से हो सकें।
सपा विधायकों ने भाजपा के खिलाफ पारित किया अति निंदा प्रस्ताव
वहीं समाजवादी पार्टी के विधायक दल की बैठक बुधवार को सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव की उपस्थिति में पार्टी के राज्य मुख्यालय लखनऊ में हुई, जिसमें अति निंदा प्रस्ताव सर्वसम्मति से पारित किया गया। विधानसभा में विरोधी दल के नेता माता प्रसाद पाण्डेय ने भी निंदा प्रस्ताव पारित घोषित किया। यह निंदा प्रस्ताव भाजपा द्वारा महिला आरक्षण को लेकर संसद में पेश किए गए नारी वंदन अधिनियम के विरोध में किया गया है।
केंद्र की भाजपा व उनकी सहयोगी दलों की घोर निंदा
अति निंदा प्रस्ताव में कहा गया है कि हम इस ‘अति निंदा प्रस्ताव’ द्वारा केंद्र की भाजपा व उनकी सहयोगी दलों की घोर निंदा करते हैं जो महिला आरक्षण का ढोंग करती हैं। जिनका मंसूबा इस बिल के बहाने निर्वाचन क्षेत्रों का मनचाहा परिसीमन कर चुनाव जीतना था, न कि सच में महिलाओं को उनके हक़-अधिकार देकर उनका सशक्तीकरण या सबलीकरण करना। प्रस्ताव में कहा गया है कि हम इस बात की भी घोर निंदा करते हैं कि भाजपा महिला आरक्षण को लेकर झूठ फैला रही है कि ये बिल विपक्ष ने पास नहीं होने दिया, जबकि ये बिल सभी दलों ने मिल कर पास किया था और जो बिल पास नहीं हो सका वह दरअसल परिसीमन बिल था। हम इस बात की भी घोर निंदा करते हैं कि भाजपा ने महिला आरक्षण में पिछड़ी व अल्पसंख्यक महिलाओं के राजनीतिक प्रतिनिधित्व के प्रश्न पर कोई स्पष्ट प्रावधान नहीं किया है।




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