उत्पादन बढ़ाने को 12 हजार मिट्टी नमूनों का होगा जांच
Bhadoni News - उत्पादन बढ़ाने को 12 हजार मिट्टी नमूनों का होगा जांच उत्पादन बढ़ाने को 12 हजार मिट्टी नमूनों का होगा जांच उत्पादन बढ़ाने को 12 हजार मिट्टी नमूनों का होगा

ज्ञानपुर, संवाददाता। किसानों को मिट्टी की खूबी और कमियों की जानकारी देने के लिए होगा म़़ृदा परीक्षण, वित्तीय वर्ष 2026-27 में बेजवां स्थित कृषि विज्ञान केंद्र की लैब में कुल 12 हजार मृदा सैंपलों का परीक्षण कराया जाएगा। साथ ही किसानों का मृदा स्वास्थ्य कार्ड भी बनाया जाएगा। उप कृषि निदेशक डा. अश्वनी कुमार सिंह ने बताया कि कृषकों को उनके खेतों की मिट्टी की जानकारी देने में मिट्टी परीक्षण प्रयोगशाला कारगर साबित हो रही है। इससे किसानों को उनके खेत में फसल के अनुसार खाद डालने में आसानी होगी। विभिन्न प्रकार के मशीनों और रसायनों के द्वारा मिट्टी की प्रकृति को जांचा जाता है।
मिट्टी के नमूनों के संग्रहण के लिए ग्रिड बनाया जाता है। सिंचित क्षेत्र के लिए 10 हेक्टेयर और असिंचित क्षेत्र के लिए 2.5 हेक्टेयर का ग्रिड बनाया जाता है। प्रत्येक ग्रिड से ग्रामीण कृषि विकास अधिकारी के द्वारा मिट्टी का एक नमूना लिया जाता है। 500 ग्राम का एक नमूना बनाया जाता है इस मिट्टी को सुखाकर और छानकर एक थैली में लिया जाता है। जिसे जांच के लिए निकट की मिट्टी परीक्षण प्रयोगशाला में भेजा जाता है। मिट्टी की जांच के लिए 12 पैरामीटर निर्धारित हैं। जिनमें पीएच, ईसी, ऑर्गेनिक कार्बन, नाइट्रोजन, फास्फोरस, पोटेशियम, सल्फर, जिंक, बोरॉन, आयरन, मैंग्नीज और कॉपर जैसे सूक्ष्म और गौण तत्व की जमीन में उपलब्धता की जांच की जाती है। इन तत्वों की जांच के आधार पर किसान को मृदा स्वास्थ्य कार्ड दिया जाता है।ऐसे काम करता है यह प्रयोगशालाज्ञानपुर। कृषि उप निदेशक डा. अश्वनी कुमार सिंह ने बताया कि मृदा स्वास्थ्य कार्ड के जरिए किसानों को अपने खेतों की मिट्टी की जानकारी मिलती है। रिपोर्ट के आधार पर किसान, उर्वरक कि मात्रा, अन्य फसल के उत्पादन के लिए यूरिया फॉस्फोरस और पोटाश की मात्रा, जमीन अम्लीय या क्षारीय की जानकारी पाते है। साथ ही उसकी मिट्टी में कौन-कौन-सी फसलों का अच्छा उत्पादन हो सकता है इसके बारे में भी पता चलता है।546 गांव में मृदा नमूना का होगा जांचज्ञानपुर। कृषि उप निदेशक डा. अश्वनी कुमार सिंह ने बताया कि जिले में मिट्टी की सेहत की जांच पर जोर दिया जा रहा है। इसके लिए 546 गांव में विभागीय स्तर से मृदा परीक्षण कराया जाएगा। मिट्टी के इन नमूनों को 12 पैरामीटर पर जाचां जाएगा, जिससे मृदा स्वास्थ्य से सम्बंधित कई जानकारीया किसानों को मिलेगी। मिट्टी को उपजाऊ बनाने के लिए कृषि विभाग ने कमर कस ली है।
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