योगी के मंत्री संजय निषाद के लिए चुनौती बने बिहार वाले मुकेश सहनी, अल्टीमेटम के साथ यात्रा का ऐलान
विकासशील इंसान पार्टी के प्रमुख मुकेश सहनी ने योगी के मंत्री संजय निषाद पर जोरदार हमला बोला। उन्होंने निषाद आरक्षण के मुद्दे पर डॉ. निषाद को 6 महीने का अल्टीमेटम दिया है और 25 जुलाई से 101 दिनों की संकल्प यात्रा निकालने का ऐलान किया है।

उत्तर प्रदेश की सियासत में 'निषाद' वोटों की दावेदारी को लेकर अब एक नया और दिलचस्प मोड़ आ गया है। बिहार के 'सन ऑफ मल्लाह' यानी विकासशील इंसान पार्टी (वीआईपी) के संस्थापक पूर्व मंत्री मुकेश सहनी ने उत्तर प्रदेश में दस्तक देकर योगी सरकार के मंत्री डॉ. संजय निषाद को खुली चुनौती दे दी है। मिर्जापुर पहुंचे मुकेश सहनी ने संजय निषाद पर तीखा हमला बोला और उन्हें समाज के मुद्दों से भटकने वाला नेता करार दिया।कहा कि कभी हम और संजय निषाद एक साथ निषाद आरक्षण और समाज के उत्थान के लिए संघर्ष करते थे। लेकिन सत्ता मिलते ही संजय निषाद अपने रास्तों से भटक गए हैं।
प्रेस वार्ता में सहनी ने आरोप लगाया कि डॉ. निषाद अब मंदिर-मस्जिद के विवादों में उलझ गए हैं और उन्हें केवल अपने परिवार और बेटे के राजनीतिक भविष्य की चिंता है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि संजय निषाद सत्ता की मलाई खा रहे हैं और समाज आज भी खुद को ठगा हुआ महसूस कर रहा है।
101 दिनों की संकल्प यात्रा का ऐलान
मुकेश सहनी ने यूपी में अपनी ताकत दिखाने के लिए एक बड़ी योजना का खुलासा किया है। उन्होंने घोषणा की कि आगामी 25 जुलाई को वीरांगना फूलन देवी के शहादत दिवस के अवसर पर वे पूरे उत्तर प्रदेश में 101 दिनों की 'संकल्प यात्रा' पर निकलेंगे। इस यात्रा का मुख्य उद्देश्य निषाद समाज को एकजुट करना और उन्हें अपनी राजनीतिक शक्ति का एहसास कराना है। इस दौरान सहनी "आरक्षण नहीं तो गठबंधन नहीं और गठबंधन नहीं तो भाजपा को वोट नहीं" के नारे के साथ गांव-गांव जाएंगे।
6 महीने का अल्टीमेटम और इंडिया गठबंधन का न्योता
सहनी ने डॉ. संजय निषाद को स्पष्ट शब्दों में 6 महीने का समय दिया है। उन्होंने कहा कि यदि संजय निषाद इस अवधि के भीतर समाज के लिए आरक्षण सुनिश्चित कर लेते हैं, तो हम भी उन्हें समर्थन देंगे। लेकिन यदि वे ऐसा करने में विफल रहते हैं, तो उन्हें भाजपा का साथ छोड़कर इंडिया (INDIA) गठबंधन में शामिल हो जाना चाहिए। सहनी ने दावा किया कि यूपी से योगी सरकार और केंद्र से मोदी सरकार को उखाड़ फेंकना ही उनका एकमात्र लक्ष्य है।
मिशन-2027 की तैयारी
मुकेश सहनी ने साफ कर दिया कि वे फिलहाल टिकट या सीटों के लिए नहीं, बल्कि संगठन को मजबूत करने के लिए यूपी आए हैं। उन्होंने कहा कि भाजपा शासित राज्यों में विकास गायब है और वहां केवल जनता को गुमराह किया जा रहा है। 2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर उन्होंने अभी से शंखनाद कर दिया है, जिससे यह स्पष्ट है कि आने वाले समय में निषाद वोट बैंक को लेकर संजय निषाद और मुकेश सहनी के बीच एक बड़ी जंग देखने को मिलेगी।
इससे पहले 2022 के विधानसभा चुनाव में भी मुकेश सहनी ने यूपी में ताल ठोंकी थी। हालांकि उन्हें यूपी में कोई फायदा तो नहीं हुआ लेकिन बिहार में बड़ा नुकसान झेलना पड़ा था। बीजेपी के सख्त रुख अपनाने पर मुकेश सहनी को नीतीश सरकार से बर्खास्त कर दिया गया था। सहनी के सभी तीन विधायकों को बीजेपी ने अपनी पार्टी में शामिल कर लिया था।




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