15 जून तक रहेगा पुरुषोत्तम मास, भगवान विष्णु की करें पूजा
Basti News - बस्ती। इस वर्ष ज्येष्ठ मास विशेष धार्मिक महत्व लेकर आया है। इस बार ज्येष्ठ

बस्ती। इस वर्ष ज्येष्ठ मास विशेष धार्मिक महत्व लेकर आया है। इस बार ज्येष्ठ मास में अधिक मास अर्थात पुरुषोत्तम मास का संयोग बन रहा है। पंडित देवस्य मिश्र ने बताया कि 17 मई से अधिक मास (पुरुषोत्तम मास) प्रारंभ होगा, जो 15 जून तक चलेगा।
अधिक मास का महत्व
उन्होंने बताया कि अधिक मास में विवाह, गृह प्रवेश, मुंडन, जनेऊ संस्कार, नामकरण, भूमि पूजन तथा नए व्यवसाय की शुरुआत जैसे मांगलिक कार्यों के लिए शुभ मुहूर्त नहीं माने जाते हैं। धार्मिक मान्यता के अनुसार इस अवधि में ग्रह-नक्षत्र मांगलिक कार्यों के अनुकूल नहीं रहते, इसलिए बड़े शुभ कार्य स्थगित करने की सलाह दी जाती है। ज्योतिषाचार्य पं. देवस्य मिश्र ने बताया कि अधिक मास भगवान विष्णु को अत्यंत प्रिय माना गया है। भगवान विष्णु के एक नाम ‘पुरुषोत्तम’ के कारण इसे पुरुषोत्तम मास भी कहा जाता है। इस माह में भगवान विष्णु और उनके अवतारों की विशेष पूजा-अर्चना का विधान है।
पूजा और अनुष्ठान
मंदिरों में दर्शन-पूजन, तीर्थ स्नान, सत्संग, मंत्र जाप, दान-पुण्य एवं धार्मिक अनुष्ठानों का विशेष महत्व माना गया है। पंडित देवस्य मिश्र ने बताया कि अधिक मास में भगवान विष्णु, भगवान शिव तथा श्रीकृष्ण की विशेष पूजा करने से पुण्य फल प्राप्त होता है। इस दौरान विष्णु पुराण, श्रीमद्भागवत पुराण, रामायण और श्रीमद्भगवद्गीता के 14वें अध्याय का नियमित पाठ करना शुभ माना गया है। इससे कार्यक्षेत्र की परेशानियां दूर होती हैं और मानसिक शांति प्राप्त होती है। उन्होंने बताया कि अधिक मास में शालीग्राम भगवान की पूजा का विशेष महत्व है। रोजाना शालीग्राम के समक्ष घी का दीपक जलाने से अखंड सौभाग्य की प्राप्ति होती है। साथ ही उन्होंने बताया कि इस दौरान भगवान शिव के अभिषेक का भी विशेष महत्व होता है। अधिक मास में भगवान शिव की पूजा आराधना फलदायी मानी गई है। शिवलिंग पर चंदन का लेप, बिल्व पत्र, धतूरा, आंकड़े के फूल, दही, पंचामृत और शहद अर्पित करना शुभ माना गया है।
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