पारा 42 के पार, गर्म हवा ने सबको किया बेहाल
Balia News - 0 मौसम की तल्खी से आमजन के साथ बेजुबाना भी परेशान मरम्मत की राह निहार रहे शहर के दर्जनों आरओ प्लांट (सचित्र, पिक: 08 व 09) बलिया, संवाददाता। वैशाख म

बलिया, संवाददाता। वैशाख महीने में मौसम की तल्खी का असर आमजन के साथ बेजुबानों पर पड़ने लगा है। पिछले तीन दिनों से पारा 40 के पार रहने के साथ ही गर्म हवाओं के झोंकों ने सबको बेहाल कर दिया है। स्थिति यह है कि शनिवार को अधिकतम तापमान 41 व न्यूनतम 25 था, रविवार सुबह को अधिकतम 41 व न्यूनतम 26 तथा सोमवार अधिकतम तापमान 42 व न्यूनतम 27 डिग्री रिकार्ड किया गया। भीषण गर्मी के कारण डिहाईड्रेशन से पीड़ित मरीजों से सरकारी व निजी अस्पताल पट गए हैं। जिला अस्पताल के ओपीडी पर नजर डालें तो आम दिनों की तुलना में दोगुने मरीज पहुंच रहे हैं, जिसमें सबसे ज्यादा डिहाइड्रेशन से पीड़ित हैं।
भीषण गर्मी का असर आमजन की सेहत के बेजुबानों पर पड़ता दिख हरा है। वहीं इसका प्रतिकूल असर सब्जी के उत्पादन पर भी पड़ने लगा है। जिले में भीषण गर्मी का कहर जारी है। बढ़ते तापमान से खासकर छोटे बच्चों की सेहत अधिक बिगड़नी शुरू हो गई है। दोपहर में शहर से गांव तक के बाजार, सड़क व गलियां सूनी पड़ जा रही हैं। जरूरी काम से घर से बाहर निकलने वाले लोग छाता व गमछा से धूप से अपना पूरी तरह बचाव कर निकल रहे हैं। गर्म हवाओं के झोंकों से लोगों की हलख सूखने लगे हैं। इन सबके बीच शहर में दर्जनों स्थानों पर लाखों की लागत से स्थापित आरओ प्लांट खुद प्यासे हैं, तो वह आमजन की प्यास कैसे बुझायेंगे। आश्चर्य तो यह है कि सब देखते और जानते हुए भी जिम्मेदार मौन धारण किए हैं। मौसम विभाग ने इस साल सामान्य से अधिक गर्मी पड़ने की संभावना जतायी है। इस हालात में भीषण गर्मी से जल्द राहत मिलने की उम्मीद नहीं दिख रही है।भीषण गर्मी में पेयजल को भटक रहे लोगबेल्थरारोड। एक ओर से तेज धूप और गर्म हवाओं के थपेड़ों ने जन जीवन को अस्त-ब्यस्त कर दिया है। वहीं सरकार की ओर से आमजन को शुद्ध पेयजल सुलभ कराने के लिए नगर और ग्रामीण इलाकों में स्थापित आरओ प्लांट और हैंडपम्प सरकारी मशीनरी की लापरवाही की भेंट चढ़ गए हैं, जिसके कारण लोगों को अपनी प्यास बुझाने के लिए इधर-उधर भटकना पड़ रहा है। पानी की जरूरत गर्मी के दिनों में सबसे ज्यादा पड़ती है। लेकिन शहर में लगे आरओ तथा गांव के हैंडम्पप अपनी मरम्मत की राह निहार रहे हैं। यही नहीं तहसील क्षेत्र के अधिकांश पंचायतों में लाखों की लागत से बने अमृत सरोवर समेत अन्य तालाब,पोखरे अप्रैल महीने में सुख गए हैं, जिसके कारण जंगली जानवर और पक्षियां भी प्यास बुझाने के लिए भटक रही हैं। आलम यह है कि सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सीयर, तहसील परिसर, रेलवे चौराहा आदि में लाखों की लागत से आरओ प्लांट मरम्मत के अभाव में शोपीस बने हुए हैं। बाजार में दूरदराज से खरीद-फरोख्त करने आने वालों को पेयजल की समस्याओं से जूझना पड़ रहा है। सार्म्थवान लोग तो बोतल बंद पानी खरीदकर अपनी प्यास बुझा ले रहे हैं। लेकिन हाशिए के लोग अपनी प्यास बुझाने के लिए भटक रहे हैं। समाजसेवी नीरज तिवारी ने प्रशासन का ध्यानाकृष्ट कराते हुए नगर में लगे आरओ प्लांट की तत्काल मरम्मत कराने की मांग की है। तहसील अधिवक्ता राशिद कमाल पाशा ने तहसील में लगा आरओ प्लांट के मरम्म्त की मांग की है।तापमान सामान्य होने पर एसी में करें प्रवेश: डॉ. विनोदबलिया। जिला अस्पताल के वरिष्ठ फिजिशियन डॉ. विनोद कुमार ने भीषण गर्मी में बीमार पड़ने से बचने के लिए कुछ ऐहतियात बरने की सलाह दिए हैं। उन्होंने बताया कि किसी भी परिस्थिति में अधिक देर तक धूप में न रहें। कूलर व एसी लगे कमरों से अचानक धूप में निकलने से परहेज करें। वहीं धूप से आने के बाद तुरंत एसी व कूलर वाले कमरों में प्रवेश नहीं करें। बताया कि धूप से आने पर शरीर का तापमान सामान्य होने पर ही कूलर और एसी के सामने बैठें। शरीर में पानी की कमी न हो इसे लेकर समय समय पर पानी पीते रहें। हरे साग-सब्जी, फलों का सेवन करें, हल्का व सुपाच्य आहार लें। जहां तक संभव हो लिक्विड आहार ले, लाभप्रद होगा। इस मौमस में एहतिया बरतना बेहद जरूरी है।
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