हीटवेव से बचाव : सदर अस्पताल में स्पेशल 6 बेड का एसी वार्ड तैयार
वार्ड में सभी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध ,जीवन रक्षक दवाओं की उपलब्धता की गयी सुनिश्चित वित हीटवेव के खतरे को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह सतर्क हो गया है। मरीजों को त्वरित और बेहतर इलाज उपलब्ध...

वार्ड में सभी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध ,जीवन रक्षक दवाओं की उपलब्धता की गयी सुनिश्चित प्रखंड स्तर पर भी स्वास्थ्य केंद्रों में बनाया गया वार्ड फोटो 4 हीट वेव से निपटने को लेकर सदर अस्पताल में बनकर तैयार एसी वार्ड छपरा, हमारे संवाददाता। बढ़ती गर्मी और संभावित हीटवेव के खतरे को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह सतर्क हो गया है। मरीजों को त्वरित और बेहतर इलाज उपलब्ध कराने के लिए सदर अस्पताल में छह बेड का विशेष एसी युक्त हीटवेव वार्ड तैयार किया गया है। इस वार्ड में हीट स्ट्रोक से पीड़ित मरीजों के इलाज के लिए सभी जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं।
जिला स्वास्थ्य समिति के डीपीएम अरविंद कुमार ने बताया कि डेडिकेटेड वार्ड में ऑक्सीजन, ठंडा पानी के लिए फ्रिज, जीवन रक्षक दवाएं और आवश्यक चिकित्सा उपकरण विभागीय निर्देशानुसार पहले से ही उपलब्ध करा दिए गए हैं। फिलहाल हीटवेव से प्रभावित मरीजों का इलाज इमरजेंसी वार्ड में ऑन-ड्यूटी डॉक्टरों द्वारा किया जाएगा, लेकिन मरीजों की संख्या बढ़ने पर इस विशेष वार्ड को पूरी तरह सक्रिय कर अलग से चिकित्सकों की तैनाती की जाएगी। उन्होंने यह भी बताया कि जिले के सभी प्रखंड स्तरीय स्वास्थ्य केंद्रों में भी हीटवेव वार्ड बनाए गए हैं और उनकी नियमित मॉनिटरिंग की जा रही है, ताकि किसी भी आपात स्थिति में तुरंत इलाज उपलब्ध कराया जा सके। आवश्यक दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित अस्पतालों में विशेष रूप से ओर एस घोल, पैरासिटामोल, आईवी फ्लूइड (सलाइन), ग्लूकोज, इलेक्ट्रोलाइट्स और अन्य जरूरी दवाएं उपलब्ध कराई गई हैं। इसके साथ ही मरीजों के शरीर का तापमान नियंत्रित करने और त्वरित उपचार के लिए आवश्यक चिकित्सा उपकरण भी वार्ड में मौजूद हैं। सभी प्रखंड स्तरीय अस्पतालों को भी दवाओं की आपूर्ति कर दी गई है और नियमित रूप से स्टॉक की निगरानी की जा रही है, ताकि किसी भी आपात स्थिति में मरीजों को तत्काल और प्रभावी इलाज मिल सके। सभी आवश्यक संसाधन उपलब्ध अस्पताल प्रबंधक राजेश्वर प्रसाद ने बताया कि हमारी टीम 24 घंटे निगरानी में है और इमरजेंसी सेवाओं को भी सुदृढ़ किया गया है। यदि हीट स्ट्रोक के मरीजों की संख्या बढ़ती है, तो इस वार्ड को तुरंत पूर्ण रूप से सक्रिय कर अतिरिक्त डॉक्टरों और स्टाफ की तैनाती की जाएगी। सभी आवश्यक संसाधन उपलब्ध हैं। ऑक्सीजन, जीवन रक्षक दवाएं, ठंडा पानी और जरूरी उपकरण पहले से ही व्यवस्थित कर दिए गए हैं। हीटवेव के प्रमुख लक्षण • तेज बुखार (40°सी या अधिक) • सिरदर्द और चक्कर आना • उल्टी या मतली • तेज धड़कन • त्वचा का सूखा और लाल होना • बेहोशी या भ्रम की स्थिति हीटवेव से बचाव के उपाय • दोपहर 12 बजे से 3 बजे के बीच बाहर निकलने से बचें • अधिक मात्रा में पानी, ओआरएस या तरल पदार्थ लें • हल्के, ढीले और सूती कपड़े पहनें • धूप में निकलते समय छाता, टोपी या गमछा का इस्तेमाल करें • खाली पेट बाहर न निकलें • बच्चों और बुजुर्गों का विशेष ध्यान रखें क्या करें अगर किसी को हीट स्ट्रोक हो? • तुरंत छांव या ठंडी जगह पर ले जाएं • शरीर पर ठंडा पानी डालें या गीले कपड़े से पोंछें • तुरंत नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराएं कोट हीटवेव के बढ़ते खतरे को देखते हुए सदर अस्पताल सहित जिले के सभी स्वास्थ्य केंद्रों में आवश्यक दवाओं की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित कर दी गई है। स्वास्थ्य विभाग द्वारा हीट स्ट्रोक और डिहाइड्रेशन के इलाज में उपयोग होने वाली जीवन रक्षक दवाएं पहले से ही स्टॉक में रखी गई हैं, ताकि आपात स्थिति में किसी प्रकार की कमी न हो। डॉ. राजकुमार चौधरी सिविल सर्जन छपरा सदर अस्पताल छपरा से शशि भूषण पांडे तापमान बढ़ा तो बनियापुर में बिजली की आंखमिचौली शुरू बनियापुर, एक प्रतिनिधि। तापमान के बढ़ने के साथ ही बिजली की आंख मिचौली शुरू हो गयी है। बिजली की अनियमित आपूर्ति से लोग परेशान हो रहे हैं। सोमवार को पूरे दिन अनियमित आपूर्ति हुई। दिन हो या रात, बार-बार हो रही कटौती से जनजीवन प्रभावित हो रहा है। स्थानीय अभय सिंह, शंभु सिंह, अमर ओझा सहित दर्जनों लोगों का कहना है कि जैसे-जैसे गर्मी बढ़ रही है, बिजली की समस्या भी गंभीर होती जा रही है। रात के समय बिजली गुल हो जाने से लोगों की नींद पूरी नहीं हो पा रही है। उमस भरी गर्मी में पंखे और कूलर बंद हो जाने से बच्चे, बुजुर्ग और बीमार सबसे अधिक प्रभावित हो रहे हैं। व्यवसायियों पर भी इसका असर साफ दिख रहा है। दुकानदारों का कहना है कि बिजली की अनियमितता के कारण उनका काम प्रभावित हो रहा है। कई छोटे कारोबार, जो पूरी तरह बिजली पर निर्भर हैं, उन्हें नुकसान उठाना पड़ रहा है। लोगों ने विद्युत विभाग से जल्द से जल्द इस समस्या का समाधान करने की मांग की है। उनका कहना है कि अगर समय रहते व्यवस्था में सुधार नहीं हुआ, तो स्थिति और भी गंभीर हो सकती है। इधर, विभागीय अधिकारियों के अनुसार बिजली की बढ़ती मांग और तकनीकी कारणों से यह समस्या उत्पन्न हो रही है, जिसे जल्द ही दूर करने का प्रयास किया जा रहा है। ( बनियापुर से के.के. गुप्ता की रिपोर्ट )
लेटेस्ट Hindi News , बॉलीवुड न्यूज, बिजनेस न्यूज, टेक , ऑटो, करियर , और राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।




साइन इन