आज से शुरू होगा मलमास, नहीं होंगे मांगलिक कार्य
Balia News - बलिया, संवाददाता। मलमास (अधिक मास या पुरुषोत्तम मास) 17 मई से शुरू होगा

बलिया, संवाददाता। मलमास (अधिक मास या पुरुषोत्तम मास) 17 मई से शुरू होगा जो 15 जून तक चलेगा। अर्थात हिंदी का ज्येष्ठ महीना 30 की जगह 60 दिनों का होगा और पुरुषोत्तम मास बनने का मौका ज्येष्ठ मास को 27वें वर्ष में बेहद संयोग के साथ मिल रहा है। एक महीने तक चलने वाला यह समय मांगलिक कार्यों के लिए उपयुक्त नहीं होता है। इस दौरान विवाह, गृह प्रवेश या अन्य शुभ कार्य वर्जित रहेगा। चूकि इस महीने के स्वामी स्वयं भगवान विष्णु (पुरुषोत्तम) हैं, इसलिए इसे पुरुषोत्तम मास के नाम से पुकारा जाता है।फेफना क्षेत्र के थम्हनपुरा निवासी आचार्य डॉ. अखिलेश उपाध्याय ने बताया कि पुरुषोत्तम मास में भले ही शादी, मुंडन या गृह प्रवेश जैसे मांगलिक कार्य वर्जित होते हैं, लेकिन इस महीने में भगवान विष्णु की पूजा, जप, तप और दान-पुण्य करने से अनंत गुना फल की प्राप्ति होती है।
बताया कि यह महीना भगवान विष्णु और श्रीकृष्ण को समर्पित होता है। लिहाजा इस महीने में श्रीमद्भागवत कथा, विष्णु सहस्रनाम और सत्यनारायण व्रत विशेष महत्व पुराणों में वर्णित है। डॉ. उपाध्याय ने बताया कि यह महीना अंतर्मन की शुद्धि, ध्यान और ईश्वर भक्ति के लिए समर्पित होता है। ऐसे में जरूरतमंदों को दान देना, दीप जलाना और पवित्र नदियों में स्नान करना अत्यंत फलदायी होता है। इस साल मलमास के कारण साल 2026 में हिंदू कैलेंडर में 12 की जगह 13 महीने होंगे, जो इसे एक खास और दुर्लभ वर्ष बनायेंगे। ग्रह दोष की शांति के लिए महामृत्युंजय मंत्र का जप करना सबसे श्रेष्ठ होता है। साथ ही पुरुषोत्तम मास की कथा सुनने से मोक्ष की प्राप्ति होती है।
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