Malm sa Begins Today Spiritual Significance and Impact on Auspicious Events मलमास आज से, 15 जून तक शादी-विवाह समेत सभी शुभ काम रहेंगे वर्जित, Kodarma Hindi News - Hindustan
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मलमास आज से, 15 जून तक शादी-विवाह समेत सभी शुभ काम रहेंगे वर्जित

इस वर्ष 17 मई से मलमास (अधिकमास) की शुरुआत हो रही है, जो 15 जून तक चलेगा। इस दौरान विवाह जैसे मांगलिक कार्य वर्जित रहते हैं। पंडित विनोद पांडेय के अनुसार, यह समय भगवान विष्णु की भक्ति, व्रत और दान के लिए विशेष है। मलमास 59 दिनों तक चलेगा, जिसके बाद 21 जून से शुभ कार्य शुरू होंगे।

Sat, 16 May 2026 04:35 PMNewswrap हिन्दुस्तान, कोडरमा
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मलमास आज से, 15 जून तक शादी-विवाह समेत सभी शुभ काम रहेंगे वर्जित

कोडरमा, वरीय संवाददाता। इस वर्ष 17 मई यानी आज से मलमास (अधिकमास) की शुरुआत हो रही है, जो 15 जून तक रहेगा। सनातन धर्म में मलमास को विशेष आध्यात्मिक साधना और पूजा-पाठ का समय माना जाता है, जबकि इस अवधि में विवाह, गृह प्रवेश, मुंडन, नामकरण जैसे सभी मांगलिक कार्य वर्जित रहते हैं। झुमरीतिलैया निवासी पंडित विनोद पांडेय बताते हैं कि प्रत्येक तीन वर्ष के अंतराल पर पंचांग की गणना के आधार पर अधिकमास लगता है। इस बार यह ज्येष्ठ मास में पड़ रहा है, जिसके कारण ज्येष्ठ का महीना कुल 59 दिनों का हो जाएगा। जो 19 साल बाद आया एक दुर्लभ संयोग है। यह सामान्य 30 के बजाय दो महीनों (59 दिन) तक चलेगा, जिससे आने वाले सभी पर्व- त्योहार 18 से 20 दिन विलंब से आएंगे। ज्येष्ठ मास दो मई से प्रारंभ हुआ जो कि अधिक मास के कारण 29 जून तक रहेगा। दरअसल, सूर्य और चंद्रमा की चाल में संतुलन बनाए रखने के लिए अधिकमास जोड़ा जाता है, ताकि पंचांग और मौसम के बीच सामंजस्य बना रहे。

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मलमास का महत्व

पंडित विनोद पांडेय बताते हैं कि मलमास को ‘पुरुषोत्तम मास’ भी कहा जाता है, जो भगवान विष्णु को समर्पित होता है। इस दौरान भक्तजन व्रत, दान, जप-तप और धार्मिक अनुष्ठानों में विशेष रूप से रुचि लेते हैं। मान्यता है कि इस माह में किया गया दान-पुण्य और भक्ति कई गुना फलदायी होता है। गीता पाठ, भागवत कथा, विष्णु सहस्रनाम और सत्संग का विशेष महत्व बताया गया है।

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शुभ कार्यों की वापसी

अब 21 जून से बजेगी शहनाई इस अवधि में शुभ कार्यों पर रोक रहती है, इसलिए विवाह जैसे कार्यक्रमों को आगे बढ़ा दिया जाता है। ज्योतिषियों के अनुसार, मलमास समाप्त होने के बाद 21 जून से पुनः शुभ लग्न शुरू हो जाएंगे, जिससे शादी-विवाह और अन्य मांगलिक कार्यों की रौनक लौट आएगी। पंडित विनोद पांडेय बताते हैं कि मलमास आत्मचिंतन, संयम और आध्यात्मिक उन्नति का समय है। इस दौरान व्यक्ति को सांसारिक इच्छाओं से दूर रहकर भगवान की भक्ति में लीन रहना चाहिए। यही कारण है कि इसे नकारात्मक नहीं बल्कि आध्यात्मिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण और शुभ माना जाता है।

पंचाग में लग्न की स्थिति

जून 2026: 21, 22, 23, 24, 25, 26, 27, 29

जुलाई 2026: 1, 6, 7, 11, 12

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