बदायूं डबल मर्डर: अब नहीं चलेगा बुलडोजर, आरोपी की 26 दुकानों को लेकर प्रशासन की नई तैयारी
Badaun News: बदायूं में एचपीसीएल के दो अधिकारियों की हत्या के आरोपी की 26 दुकानों को प्रशासन ने सील कर दिया है। इन दुकानों को बुलडोजर से तोड़ने के बजाय नया प्रस्ताव तैयार कर शासन को भेजा गया है।

Badaun News: उत्तर प्रदेश के बदायूं जिले में एचपीसीएल (HPCL) प्लांट के दो अधिकारियों की सनसनीखेज हत्या के मामले में प्रशासन ने बड़ा और कड़ा फैसला लिया है। सैजनी गांव में डीजीएम सुधीर गुप्ता और डिप्टी मैनेजर हर्षित मिश्रा की दिनदहाड़े हत्या करने वाले आरोपियों की अवैध संपत्तियों पर अब योगी सरकार का बुलडोजर नहीं चलेगा, बल्कि उन संपत्तियों का उपयोग गरीबों के कल्याण के लिए किया जाएगा। प्रशासन ने आरोपी द्वारा सरकारी जमीन पर बनाई गई सभी 26 दुकानों को सील कर उन्हें जरूरतमंदों को आवंटित करने का प्रस्ताव तैयार किया है। इससे पहले मंगलवार को छह दुकानों को बुलडोजर से धराशायी किया गया था।
अवैध निर्माण पर प्रहार, दो और दुकानें सील
बुधवार शाम दातागंज के एसडीएम धर्मेंद्र सिंह ने भारी पुलिस बल के साथ सैजनी गांव का सघन निरीक्षण किया। इस दौरान टीम को पता चला कि हत्यारोपी और उसके परिवार ने सरकारी जमीन पर कब्जा कर दो और नई दुकानें बना रखी थीं। एसडीएम के निर्देश पर इन दोनों दुकानों को भी तत्काल प्रभाव से सील कर दिया गया। गौरतलब है कि सोमवार और मंगलवार को हुई शुरुआती कार्रवाई में पहले ही 24 दुकानें सील की जा चुकी थीं, जिसके बाद अब कुल सील की गई दुकानों की संख्या 26 हो गई है।
बुलडोजर नहीं, अब होगा आवंटन
आमतौर पर माफियाओं और अपराधियों के अवैध निर्माण को ढहाने की परंपरा रही है, लेकिन इस मामले में प्रशासन ने एक नई मिसाल पेश करने की योजना बनाई है। एसडीएम धर्मेंद्र सिंह ने स्पष्ट किया कि इन दुकानों को तोड़ने के बजाय अब इन्हें गरीबों और पात्र जरूरतमंदों को आवंटित करने का प्रस्ताव शासन को भेजा जाएगा। शासन से हरी झंडी मिलते ही इन दुकानों में क्षेत्र के भूमिहीन और गरीब लोग अपना व्यापार शुरू कर सकेंगे। प्रशासन का मानना है कि इससे सरकारी संपत्ति का सदुपयोग होगा और गरीबों को आजीविका का साधन मिलेगा।
अवैध वसूली और 'तहबाजारी' का भंडाफोड़
जांच में एक और चौंकाने वाला तथ्य सामने आया है। आरोपी और उसके परिजन न केवल सरकारी जमीन पर काबिज थे, बल्कि वे वहां साप्ताहिक बाजार भी लगवाते थे। इस बाजार में आने वाले छोटे दुकानदारों से आरोपी का परिवार अवैध रूप से 'तहबाजारी' (वसूली) करता था। प्रशासन ने इसे गंभीर वित्तीय अपराध माना है। एसडीएम ने घोषणा की है कि अवैध वसूली के इस मामले में आरोपियों के खिलाफ गुरुवार को एक और नया मुकदमा दर्ज किया जाएगा।
दातागंज एसडीएम के अनुसार, हत्यारोपियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। एक तरफ जहाँ हत्या के मामले में कानूनी कार्रवाई तेज कर दी गई है, वहीं उनकी आर्थिक कमर तोड़ने के लिए उनकी बेनामी और अवैध संपत्तियों को कुर्क किया जा रहा है।




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