बदायूं डबल मर्डर: गमगीन परिवार पर दोहरी मार, DGM सुधीर गुप्ता की मेरठ स्थित ससुराल में लाखों की चोरी
बदायूं में हुए चर्चित एचपीसीएल (HPCL) डबल मर्डर केस के बीच एक और दुखद खबर सामने आई है। मृतक डिप्टी जनरल मैनेजर (DGM) सुधीर गुप्ता के मेरठ स्थित ससुराल में चोरों ने बड़ी वारदात को अंजाम दिया है।

Meerut News: उत्तर प्रदेश के बदायूं में एचपीसीएल बायोगैस प्लांट के भीतर हुए जघन्य हत्याकांड के घाव अभी भरे भी नहीं थे कि पीड़ित परिवार पर दुखों का एक और पहाड़ टूट पड़ा है। प्लांट के उप महाप्रबंधक (DGM) स्वर्गीय सुधीर गुप्ता की मेरठ स्थित ससुराल में चोरों ने उस समय धावा बोल दिया, जब पूरा परिवार बदायूं में शोक संवेदनाएं व्यक्त करने और अंतिम संस्कार की रस्मों में शामिल होने गया हुआ था। शातिर चोरों ने बंद मकान का ताला तोड़कर लाखों रुपये के जेवरात और नकदी पर हाथ साफ कर दिया।
शोक में डूबा था परिवार, पीछे से घर खंगाला
घटना मेरठ के मेडिकल थाना क्षेत्र स्थित पॉश कॉलोनी मयूर विहार की है। यहाँ रहने वाले प्रसिद्ध आर्किटेक्ट बालकृष्ण गुप्ता के दामाद सुधीर गुप्ता की 12 मार्च को बदायूं के सैजनी स्थित प्लांट में गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। दामाद की मौत की खबर मिलते ही बालकृष्ण गुप्ता अपने पूरे परिवार के साथ ताला बंद कर बेटी के घर (बदायूं) चले गए थे। घर सूना पाकर चोरों ने दीवार फांदकर प्रवेश किया और इत्मीनान से वारदात को अंजाम दिया।
तिजोरी तोड़ी और फ्रिज खोलकर खाना भी खाया
सोमवार को जब परिवार वापस लौटा, तो घर के मुख्य द्वार और कमरों के ताले टूटे देख उनके पैरों तले जमीन खिसक गई। अंदर का नजारा और भी खौफनाक था; अलमारियां खुली पड़ी थीं और कीमती सामान बिखरा हुआ था। चोरों ने लॉकर को कटर या भारी औजार से काटकर उसमें रखे करीब 10 लाख रुपये मूल्य के सोने-चांदी के जेवरात और भारी नकदी चोरी कर ली। हैरानी की बात यह है कि वारदात के बाद चोरों ने रसोई में जाकर फ्रिज से खाना निकाला और उसे खाकर आराम से फरार हो गए।
पुलिस और फॉरेंसिक टीम ने शुरू की जांच
सूचना मिलते ही मेडिकल थाना पुलिस और सीओ सिविल लाइन अभिषेक तिवारी मौके पर पहुंचे। घटना की गंभीरता को देखते हुए फॉरेंसिक टीम और डॉग स्क्वायड को भी बुलाया गया। विशेषज्ञों ने घर के विभिन्न हिस्सों से उंगलियों के निशान (फिंगरप्रिंट्स) उठाए हैं। पुलिस आसपास के घरों और रास्तों पर लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है ताकि संदिग्धों की पहचान की जा सके।
जल्द खुलासे का दावा
सीओ सिविल लाइन ने बताया कि पीड़ित परिवार की तहरीर पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। मामले के खुलासे के लिए स्थानीय पुलिस के साथ-साथ स्वाट (SWAT) टीम को भी लगाया गया है। इस घटना ने मयूर विहार जैसी सुरक्षित मानी जाने वाली कॉलोनी में पुलिस गश्त पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। एक ओर परिवार अपने दामाद की हत्या के इंसाफ की लड़ाई लड़ रहा है, वहीं इस चोरी ने उन्हें आर्थिक और मानसिक रूप से तोड़कर रख दिया है।




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