badaun hpcl murder case accused ajay pratap singh bulldozer action illegal shops demolished saini village बदायूं डबल मर्डर में योगी सरकार का बड़ा एक्शन, आरोपी की दुकानों पर गरजा बुलडोजर, Uttar-pradesh Hindi News - Hindustan
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बदायूं डबल मर्डर में योगी सरकार का बड़ा एक्शन, आरोपी की दुकानों पर गरजा बुलडोजर

बदायूं के सैजनी गांव में HPCL के डीजीएम और मैनेजर की हत्या के आरोपी अजय प्रताप सिंह की छह अवैध दुकानों पर प्रशासन का बुलडोजर चला। सरकारी जमीन पर अतिक्रमण कर बनाई गई इन दुकानों को भारी सुरक्षा के बीच ध्वस्त कर दिया गया। अधिकारियों की हत्या के बाद पुलिस और प्रशासन ने यह बड़ी दंडात्मक कार्रवाई की है।

Tue, 17 March 2026 01:21 PMYogesh Yadav लाइव हिन्दुस्तान, बदायूं (दातागंज)
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बदायूं डबल मर्डर में योगी सरकार का बड़ा एक्शन, आरोपी की दुकानों पर गरजा बुलडोजर

यूपी के बदायूं में एचपीसीएल (HPCL) के दो अधिकारियों की हत्या के मामले योगी सरकार की सख्ती के बाद एक और बड़ा एक्शन हुआ है। मंगलवार को हत्याकांड के मुख्य आरोपी अजय प्रताप सिंह की दुकानों को बुलडोजर से ध्वस्त कर दिया गया। उसकी छह दुकानों को बुलडोजर से धराशायी किया गया है। प्रशासन ने दो दिन पहले इन दुकानों को लेकर नोटिस जारी किया था। हत्याकांड के बाद एसपी समेत कई अधिकारियों को भी यहां हटाया गया है। आरोपी भी एनकाउंटर के बाद पुलिस की गिरफ्त में आ चुका है।

नोटिस की मियाद खत्म होते ही शुरू हुआ एक्शन

यह कार्रवाई दातागंज तहसील प्रशासन और लोक निर्माण विभाग (PWD) की संयुक्त टीम द्वारा की गई। जांच में पाया गया था कि आरोपी अजय प्रताप सिंह ने सड़क किनारे की सरकारी जमीन पर अवैध कब्जा कर पक्की दुकानों का निर्माण कराया था। प्रशासन ने इस संबंध में आरोपी के परिजनों को दो दिन का अल्टीमेटम देते हुए नोटिस जारी किया था। जैसे ही नोटिस की अवधि समाप्त हुई, मंगलवार सुबह एसडीएम दातागंज के नेतृत्व में लाव-लश्कर सैजनी गांव पहुंच गया।

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इलाका छावनी में तब्दील

ध्वस्तीकरण की कार्रवाई के दौरान किसी भी संभावित विरोध या कानून-व्यवस्था बिगड़ने की आशंका को देखते हुए पूरे गांव को छावनी में तब्दील कर दिया गया था। पीएसी और कई थानों की पुलिस ने गांव के प्रवेश द्वारों को सील कर दिया था। कार्रवाई के दौरान आरोपी के घर के आसपास किसी को भी आने की अनुमति नहीं दी गई। बुलडोजर के गर्जन के बीच ग्रामीण अपने घरों की छतों से इस दृश्य को देखते रहे। प्रशासन का उद्देश्य केवल अतिक्रमण हटाना ही नहीं, बल्कि समाज में यह संदेश देना भी है कि जघन्य अपराध करने वालों को सरकारी संरक्षण या रियायत नहीं मिलेगी।

क्या था वह जघन्य हत्याकांड?

विदित हो कि 12 मार्च को सैजनी स्थित एचपीसीएल बायोगैस प्लांट के भीतर एक खौफनाक वारदात हुई थी। मुख्य आरोपी अजय प्रताप सिंह ने प्लांट के भीतर घुसकर डीजीएम सुधीर गुप्ता और डिप्टी मैनेजर हर्षित मिश्रा की गोली मारकर हत्या कर दी थी। अधिकारियों की सरेआम हत्या से न केवल जिले में बल्कि पूरे प्रदेश के औद्योगिक जगत में हड़कंप मच गया था। इस वारदात के बाद से ही पुलिस आरोपी की कुंडली खंगाल रही थी, जिसके बाद उसके अवैध साम्राज्य पर यह चोट की गई है।

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एसडीएम ने मीडिया से बात करते हुए बताया कि राजस्व विभाग की पैमाइश में ये दुकानें पूरी तरह अवैध पाई गई थीं। पुलिस के अनुसार, आरोपी के अन्य संपत्तियों और आय के स्रोतों की भी जांच की जा रही है। इस कार्रवाई के बाद से अन्य भू-माफियाओं और अपराधियों में भी खौफ का माहौल है।

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