बाबर की बात करने वाले बर्बाद हो जाएंगे; मथुरा में बाबा रामदेव बोले- राम और कृष्ण का है ये देश
योग गुरु बाबा रामदेव ने बुधवार को मथुरा में कहा कि ये देश भगवान राम, कृष्ण और हनुमान का है। बाबर का देश नहीं है जो बाबर की बात करेगा वह बर्बाद हो जाएगा। दरअसल, रमणरेती आश्रम में कार्ष्णि गोपाल जयंती के मौके पर वह शामिल होने पहुंचे थे।

यूपी के मथुरा में योग गुरु बाबा रामदेव ने बुधवार को कहा कि ये देश भगवान राम, कृष्ण और हनुमान का है। बाबर का देश नहीं है जो बाबर की बात करेगा वह बर्बाद हो जाएगा। दरअसल, रमणरेती आश्रम में कार्ष्णि गोपाल जयंती का 95वां वार्षिक महोत्सव श्रद्धा, भक्ति और अध्यात्म के विराट संगम के रूप में मनाया जा रहा है। महावन क्षेत्र स्थित इस प्रसिद्ध आश्रम में आयोजित धार्मिक महाकुंभ में देशभर से संत-महात्मा और हजारों श्रद्धालु जुटे, जिससे पूरे क्षेत्र में आस्था का सैलाब उमड़ पड़ा। इसी में शामिल होने बाबा रामदेव आए थे।
महोत्सव के दौरान योग गुरु बाबा रामदेव ने योग शिविर का संचालन करते हुए योगासन के शारीरिक और मानसिक लाभों पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि योग से शरीर निरोग रहता है और मन को शांति मिलती है। इस अवसर पर उन्होंने कार्ष्णि गुरुशरणानंद महाराज को सनातन संस्कृति की परंपरा का महान प्रतिनिधि बताया। अपने संबोधन में बाबा रामदेव ने समसामयिक विषयों पर भी बेबाक राय रखी। बंगाल से जुड़े एक प्रश्न पर उन्होंने कहा, 'भारत भगवान राम, कृष्ण और हनुमान का देश है, यह बाबर का देश नहीं है। जो बाबर की बात करेंगे, वे बर्बाद हो जाएंगे।'
अविमुक्तेश्वरानंद से जुड़े विवाद पर भी रखी राय
बाबा रामदेव ने प्रयागराज में स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद से जुड़े विवाद पर भी अपनी राय रखी। उन्होंने संत समाज को आपसी विवादों से दूर रहने की नसीहत दी। वहीं, मलूक पीठाधीश्वर स्वामी राजेंद्र दास महाराज ने रमणरेती की महिमा का बखान करते हुए कहा कि यह स्थान कलयुग में स्वर्ग का द्वार है। उन्होंने बताया कि यहीं स्वामी ज्ञानदास महाराज को साक्षात रमणबिहारी के दर्शन हुए थे और इस भूमि की रज में लोटकर ठाकुर जी का चिंतन करने से भक्त भवसागर से पार हो जाता है।
कथावाचक रमेश ओझा ने दिया प्रवचन
प्रसिद्ध कथावाचक रमेश भाई ओझा ने 'नवदा भक्ति' पर प्रकाश डालते हुए बताया कि रामचरितमानस और श्रीमद्भागवत में वर्णित भक्ति के नौ प्रकार मानव कल्याण का मार्ग प्रशस्त करते हैं। कार्यक्रम में स्वामी ज्ञानानंद महाराज, कार्ष्णि सुमेधानंद, कार्ष्णि बृजानंद, स्वामी विश्ववेशरानंद, कार्ष्णि गोविंदानंद, कार्ष्णि हरदेवानंद, कार्ष्णि श्याम सुंदर महाराज, कार्ष्णि नागेंद्र महाराज और आचार्य अशोक जोशी सहित अनेक संतों ने भी अपने प्रवचनों से श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक ऊर्जा से भर दिया। महोत्सव में बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक और भक्तगण उपस्थित रहे। पूरे आयोजन ने रमणरेती को भक्ति, योग और सनातन चेतना के केंद्र के रूप में एक बार फिर स्थापित कर दिया।




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