Ayodhya Ram Mandir donation funds Embezzlement Allegations against trust Akhilesh Yadav CM Yogi Adityanath अयोध्या राम मंदिर में चढ़ावे की चोरी पर विवाद, ट्रस्ट के कर्मचारी के घर गोबर में मिले 10 लाख; पूरा मामला, Uttar-pradesh Hindi News - Hindustan
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अयोध्या राम मंदिर में चढ़ावे की चोरी पर विवाद, ट्रस्ट के कर्मचारी के घर गोबर में मिले 10 लाख; पूरा मामला

Ram Mandir: अयोध्या श्रीराम मंदिर में दान के पैसे के गबन के आरोपों ने तूल पकड़ लिया है। नेता प्रतिपक्ष अखिलेश यादव लगातार इस मुद्दे पर सवाल उठा रहे हैं। राज्य सरकार ने इस मामले में तीन सदस्यीय SIT का गठन कर दिया है।

Sun, 14 June 2026 01:42 PMUpendra Thapak लाइव हिन्दुस्तान
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अयोध्या राम मंदिर में चढ़ावे की चोरी पर विवाद, ट्रस्ट के कर्मचारी के घर गोबर में मिले 10 लाख; पूरा मामला

Ayodhya Ram Mandir: अयोध्या के श्री राम मंदिर में चढ़ावे की चोरी के आरोपों के बाद नया विवाद खड़ा हो गया है। समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने दावा किया था कि राम मंदिर में भक्तों ने जो दान चढ़ाया है उसका गबन हुआ है। इन आरोपों के बाद और ट्रस्ट के कहने पर उत्तर प्रदेश सरकार ने तीन सदस्यीय विशेष जांच समिति (SIT) का गठन किया है। इस पूरे घटनाक्रम के बाद हुई धर-पकड़ में मंदिर के दान पेटी से निकले कैश की गिनती से जुड़े एक कर्मचारी के घर पर गोबर में दबे 10 लाख रुपए कैश मिले हैं। इसके बाद मामला और भी ज्यादा गंभीर हो गया है।

हर दिन करोड़ों रुपए के दान को संभालने वाले श्री राम मंदिर में पैसे के गबन की खबरों के बीच पूरे देश में इसकी चर्चा हो रही है। इन आरोपों की वजह से ट्रस्ट के ऊपर भी सवाल उठ रहे हैं। आइए जानते हैं अभी तक इस पूरे घटनाक्रम में क्या हुआ है...

समाजवादी पार्टी ने लगाए गंभीर आरोप

अयोध्या के श्रीराम मंदिर में दान में आए पैसे में गबन की खबरें सबसे पहले उस वक्त शुरू हुई जब 7 जून को समाजवादी पार्टी की सरकार में मंत्री रहे पवन पांडेय ने मंदिर से करोड़ों रुपए के गबन का आरोप लगाया। इसके समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भी सोशल मीडिया साइट पर इस मुद्दे को उठाया और कोर्ट से इस मामले पर स्वतः संज्ञान लेने का आग्रह किया। उन्होंने लिखा, "भगवान राम के उपासकों के लिए एक बेहद संवेदनशील समाचार है राम मंदिर में आए चढ़ावे की करोड़ों की रकम गायब पाई गई है। यह मंदिर के ट्रस्ट के लिए बेहद शर्मनाक स्थिति है। न्यायालय से स्वतः संज्ञान लेने की माँग है क्योंकि इसका सीधा संबंध वैश्विक स्तर पर समस्त सनातनी समाज की प्रभु राम में गहरी आस्था से जुड़ा है।"

अखिलेश यादव के आरोपों के बाद ट्रस्ट का बयान आया

इसके बाद भाजपा की तरफ से लगातार अखिलेश यादव के इन बयानों को राजनीति से ओत-प्रोत बताया गया। हालांकि, विवाद उस समय बढ़ गया, जब पूर्व भाजपा सांसद बृजभूषण शरण सिंह ने कहा कि उन्हें दान की राशि के कथित दुरुपयोग की जानकारी है। हालांकि, उन्होंने इस मुद्दे पर कोई जानकारी देने से इनकार कर दिया।

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समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष के इस बयान के बाद श्रीराम मंदिर ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय का बयान भी सामने आया। उन्होंने कहाकि मंदिर नियमित रूप से आने वाले ट्रस्ट का ऑडिट करवाता है। ऐसे में किसी भी गलती की गुंजाइश नहीं है। हालांकि, उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि वर्तमान ऑडिट अभी चल रहा है। अभी तक कोई गड़बड़ी सामने नहीं आई है। ट्रस्ट की तरफ से कहा गया कि यह सभी आरोप तीर्थ क्षेत्र की छवि को खराब करने के लिए और करोड़ों श्रृद्धालुओं की भावनाओं को आहत करने की गंभीर साजिश का हिस्सा हैं।

ट्रस्ट के महासचिव चंपतराय और ट्रस्ट का बयान भले ही सामने आ गया हो, लेकिन मंदिर में गबन की खबरों के बाद मामला तूल पकड़ गया। सरकार की तरफ से भी इस पर तमाम ऐक्शन की खबरें सामने आईं। इतना ही नहीं पीएमओ ने भी इन आरोपों पर नोटिस जारी कर जवाब मांग लिया।

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पीएमओ की एंट्री

राम मंदिर ट्रस्ट के ऊपर लगते गबन के आरोपों के बीच 9 जून को ट्रस्ट के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्रा ने ट्रस्ट के सदस्यों के साथ बैठक की और दान में आने वाले पैसे और सोने-चांदी को लेकर चर्चा की। इसके बाद ट्रस्ट के एक सदस्य ने हिंदुस्तान टाइम्स से बात करते हुए इन आरोपों की जांच के लिए एसआईटी बनाने की मांग की। उन्होंने कहा, "श्री राम मंदिर ट्रस्ट के ऊपर गबन के जो आरोप लग रहे हैं उनका सच एसआईटी की जांच में ही सामने आ सकता है। अगर इसकी जांच ट्रस्ट करता है, तो इस पर कई सवाल उठेंगे।

SIT का गठन, कर्मचारी के घर मिले 10 लाख

ट्रस्ट के आग्रह पर उत्तर प्रदेश सरकार ने तीन सदस्यीय एसआईटी का गठन कर दिया गया। इस टीम में लखनऊ मंडल आयुक्त विजय विश्वास पंत, लखनऊ रेंज के डीआईजी किरन एस. और वित्त विभाग के विशेष सचिव नील रत्न शामिल हैं।

तमाम आरोप-प्रत्यारोपों के बीच पुलिस ने श्रीराम जन्मभूमि ट्रस्ट के नकदी गिनती से जुड़े एक कर्मचारी के घर पर 10 लाख रुपए भी बरामद किए हैं। आरोपी ने कैश को गोबर में छिपा कर रखा था। हालांकि, अभी तक यह साफ नहीं हो पाया है कि यह पैसा किसका है।

राम मंदिर के पूर्व लेखा प्रभारी महिपाल सिंह ने लगाए आरोप

इन तमाम खबरों के बीच राम मंदिर के पूर्व लेखा प्रभारी महिपाल सिंह ने भी तीखे आरोप लगाए। उन्होंने बताया कि मंदिर में पिछले काफी समय से इस तरह की घटनाएं हो रही हैं। उन्होंने जब इसकी जानकारी चंपत राय को दी इसके बाद भी कुछ ऐक्शन नहीं हुआ। उलटे उन्हें ही वहां से हटा दिया गया। यही नहीं उन्होंने आरोप लगाया कि पिछले सात से आठ महीनों के सीसीटीवी फुटेज को भी डिलीट करवा दिया गया है। इसके अलावा उन्होंने सोना-चांदी और अन्य धातुओं को लेकर भी गबन की बात कही।

अखिलेश यादव के साथ कांग्रेस ने भी तेज किया हमला

लगातार इन तमाम आरोपों के बीच राज्य की सियासत भी गरमा गई है। समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने दावा किया कि इस साजिश के मुख्य आरोपी ज्यादा दूर नहीं है। उन्होंने शनिवार को सोशल मीडिया साइट एक्स पर पोस्ट करके कहा, “इस साजिश की जड़ बहुत गहराई में नहीं है। इसलिए यदि सच्चाई उजागर करनी है तो कार्रवाई करने के लिए भी ज्यादा दूर जाने की आवश्यकता नहीं है। यदि पुलिस दोषियों की पहचान करने में असमर्थ है, तो हम मदद कर सकते हैं।” अखिलेश यादव के अलावा यूपी कांग्रेस के अध्यक्ष अजय राय न भी इस पूरे मामले की स्वतंत्र जांच की मांग की।

भाजपा क्या बोली?

इस पूरे मामले पर भाजपा की तरफ से अभी सधी हुई प्रक्रिया आई है। उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री सूर्या प्रताप साही ने कहा कि श्री राम मंदिर ट्रस्ट पहले ही अपनी जांच शुरू कर चुका है। वह अपने नियमों और प्रक्रियाओं के अनुसार कार्रवाई करेगा। उन्होंने कहा कि यह मामला मुख्य रूप से ट्रस्ट के क्षेत्राधिकार में आता है। ऐसे में ट्रस्ट और एसआईटी इसकी जांच करेगीय़

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