अंसल बिल्डर का एक और फर्जीवाड़ा, आवंटियों के अरबों के प्लॉट भी एलडीए में रख दिए बंधक
अंसल बिल्डर का एक और कारनामा सामने आया है। अंसल ने एलडीए में आवंटियों के अरबों के प्लॉट बंधक रख दिए हैं। 2016 में फ्री होल्ड रजिस्ट्री करने के बाद 2019 में इन्हें बंधक रख दिया गया। बिल्डर ने अपना प्लॉट व जमीन बताकर दूसरे लोगों के प्लॉट बंधक रखवा दिए।

UP News: अंसल प्रॉपर्टीज एंड इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड का सुशांत गोल्फ सिटी में एक और फर्जीवाड़ा सामने आया है। जिन प्लॉटों की रजिस्ट्री अंसल कंपनी वर्ष 2014 से 2016 में ही खरीदारों के नाम कर चुकी थी उसे भी वर्ष 2019 में लखनऊ विकास प्राधिकरण में बंधक रख दिया। अब जब लोग अपने मकान का नक्शा पास कराने आ रहे हैं तो उन्हें पता चल रहा है कि उनकी जमीन तो बंधक है।
अंसल बेच चुका था जमीन, फिर भी एलडीए में रखा बंधक
अंसल के कई खरीददार ऐसे सामने आए हैं जिन्हें खुद अंसल ने ही जमीन की रजिस्ट्री की है। उनसे पूरा पैसा जमा कराया है। सुशांत गोल्फ सिटी के 200 वर्गमीटर के ऐसे कई भूखण्ड बंधक रखे हैं जो बेचे जा चुके थे। भूखण्ड संख्या जी/2/009 की फ्रीहोल्ड रजिस्ट्री उसने इसके आवंटी के नाम सात अक्तूबर 2016 को ही कर दी थी। इसके बावजूद 18 जनवरी 2019 को बिल्डर ने इस भूखण्ड को एलडीए में बंधक रख दिया। यही नहीं उसने एलडीए के साथ पंजीकृत मार्गेज डीड करवा दी। डीड में बिल्डर ने इसे अपनी संपत्ति बताया। इसी तरह उसने शोभा पाण्डेय व अनिल पाण्डेय की जमीन को भी अपनी बताकर एलडीए में बंधक रख दिया।
एलडीए को 4500 करोड़ की आर्थिक क्षति पहुंचाई
अंसल एपीआई बिल्डर ने एक तरफ जहां आम लोगों को ठगा है वहीं, उसने प्राधिकरण को भी नहीं छोड़ा है। जबकि प्राधिकरण ने ही उसे हाईटेक टाउनशिप का लाइसेंस दिया। उसका डीपीआर व नक्शा पास किया। तमाम राहत दी। उसने एलडीए को कुल 4500 करोड़ रुपये का चूना लगाया है। अब मामला एनसीएलटी में होने की वजह से प्राधिकरण उससे कोई वसूली भी नहीं कर पा रहा है।
टाउनशिप नीति के तहत बंधक रखी गई थी जमीन
हाईटेक टाउनशिप नीति के तहत डेवलपर को कॉलोनी का विकास कार्य पूरा होने तक अपनी भूमि का एक हिस्सा प्राधिकरण के पास बंधक रखना था, ताकि विकास कार्य अधूरा रहने की स्थिति में प्राधिकरण के हित सुरक्षित रहें। लेकिन अंसल ने जमीन बंधक रखने में ही धोखाधड़ी कर दी।
खरीदारों को नक्शा पास कराने में आ रही दिक्कत
पीड़ित खरीदारों का कहना है कि जब उन्होंने अपने प्लॉट पर भवन निर्माण के लिए मानचित्र पास कराने की प्रक्रिया शुरू की तो उन्हें जानकारी मिली कि उनका प्लॉट मॉर्गेज डीड में शामिल है। इसके कारण निर्माण संबंधी अनुमति नहीं दी जा रही है। नक्शा नहीं पास किया जा रहा है।
एलडीए की 411 एकड़ बंधक जमीन भी बेच डाली
अंसल ने आवंटियों के साथ ही खेल नहीं किया है, उसने एलडीए के साथ भी धोखाधड़ी की है। बिल्डर ने वर्ष 2019 में 411 एकड़ जमीन बंधक रखी थी। एलडीए के साथ धोखाधड़ी करते हुए उसने यह जमीन भी 2020 से 2025 के बीच बेच डाली। अब एलडीए भी फर्जीवाड़े का शिकार हो गया है। उधर आम खरीददार भी परेशान घूम रहे हैं।




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