यूपी में लॉरेंस विश्नोई के नाम से फैलाया खौफ, AMU कर्मचारी ने 8 लोगों से मांगी 2 करोड़ की रंगदारी
एएमयू में लोवर डिविजन क्लर्क के पद पर काम करने वाले हसमत हुसैन को रंगदारी मांगने का ऑडिइया कहां से आया कोई नहीं जानता। लेकिन उसने जिस तरह अलीगढ़ से दिल्ली जाकर शहर के ज्वेलर, डॉक्टर और प्रोफेसरों को लॉरेंस विश्नोई के नाम पर रंगदारी की मांग वाले लेटर पोस्ट किए उससे हर कोई हैरान है।

उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ में लॉरेंस विश्नोई के नाम का खौफ फैलाकर रंगदारी मांगे जाने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। रंगदारी कोई और नहीं बल्कि अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी (AMU) का एक कर्मचारी मांग रहा था। पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया है। सोमवार को अलीगढ़ के एसएसपी (SSP) नीरज जादौन ने प्रेस कांफ्रेंस करके इस पूरे मामले का खुलासा किया। एसएसपी ने डिटेल में बताया कि कैसे इस कर्मचारी ने आठ लोगों को आतंकित करने की कोशिश की और पर्दे के पीछे रहकर लॉरेंस विश्नोई के नाम पर रंगदारी मांग रहा था।
एसएसपी ने बताया कि छह जून की शाम को शहर के एक प्रतिष्ठित ज्वेलर ने मुझसे संपर्क कर बताया था कि उन्हें एक लेटर मिला है जिसमें 50 हजार यूएस डीटी (लगभग 50 लाख रुपए) की डिमांड की गई है। यह डिमांड लॉरेंस विश्नोई ने की है। उसने अपने ब्लॉकचेन का एड्रेस भी दे रखा था। उस क्यूआर कोड पर बिटक्वाइन ट्रांसफर करने को कहा गया था जिसकी वैल्यू 50 लाख रुपए के आसपास है। इसी तरह एक प्रतिष्ठित डॉक्टर ने भी उनसे संपर्क किया था। उनसे भी इसी तरह स्पीड पोस्ट से लेटर भेजकर ब्लॉकचेन के माध्यम से पैसों की डिमांड की गई थी। दोनों की शिकायत को अत्यंत गंभीरता से लिया गया। उन्हें सुरक्षा भी मुहैया कराई गई। गोपनीयता भी बरती गई। सीओ सर्वम सिंह के नेतृत्व में टीम का गठन किया गया। पोस्ट ऑफिस से बात की गई। एक टीम दिल्ली गई। यूपी पुलिस ने इस मामले में दिल्ली पुलिस की भी मदद ली।
जांच के दौरान हमें अलीगढ़ के ही रहने वाले एक व्यक्ति का पता चला जो अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी में लोवर डिविजन क्लर्क है। इसके पहले दिल्ली के जिस पोस्ट ऑफिस से लेटर पोस्ट हुए थे वहां से पता चला कि आठ लेटर पोस्ट हुए थे। आठों कहीं न कहीं से एएमयू से संबंधित थे। इसमें एएमयू से पढ़ चुके ज्वेलर्स, डॉक्टर और प्रोफेसरों समेत आठ लोग शामिल थे जिन्हें स्पीड पोस्ट से लेटर भेजकर रंगदारी मांग गई थी। इसके बाद पुलिस ने आरोपी हसमत हुसैन को हिरासत में ले लिया। पूछताछ में उसने बताया कि उसने दिल्ली जाकर वहां एक होटल में रहकर स्पीड पोस्ट किए थै। आठ लोगों से दो-ढाई करोड़ की डिमांड की गई थी। धमकी दी गई थी कि यदि सात-आठ जून तक पैसे नहीं ट्रांसफर किए बिटक्वाइन के माध्यम से आपके घरवालों को नुकसान पहुंचाया जाएगा।
हसमत हुसैन के पास से पुलिस को एक मोबाइल फोन और फर्जी आधार कार्ड भी मिला है। इस आधार कार्ड का इस्तेमाल वह होटलों में आईडी के रूप में करता था। लेटर में इसने खुद को लॉरेंस विश्नोई कै रूप में पेश किया था। हसमत ने जिन लोगों से भी रंगदारी मांगी थी उन सभी को वह पहले से जानता था। उनकी संपत्ति के बारे में उसे पहले से जानकारी थी। एसएसपी ने कहा कि किसी को भी किसी से डरने की जरूरत नहीं है। पुलिस ऐसे मामलों को बेहद गंभीरता से लेती है और ऐसे लोगों को तत्काल कानून के शिकंजे में लाया जाएगा। एसएसपी ने स्पष्ट किया कि पकड़े गए आरोपी का लॉरेंस विश्नोई से कोई संबंध नहीं है। वह उसके नाम का इस्तेमाल कर धन उगाही करना चाहता था।




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