दावत के बाद दूल्हे समेत कई की हालत बिगड़ी, बुजुर्ग महिला की मौत; अमरोहा-संभल में घटनाओं से अफरातफरी
यूपी के अमरोहा और संभल में शादी की दावत खाने से सैकड़ों लोग फूड प्वाइजनिंग का शिकार हो गए। अमरोहा में इलाज के दौरान एक बुजुर्ग महिला की मौत हो गई, वहीं संभल में दूल्हा और उसके पिता समेत तीन सौ से ज्यादा लोग बीमार हैं।

UP News: उत्तर प्रदेश के अमरोहा और संभल जिलों में शादी समारोहों की खुशियां उस समय अफरातफरी और मातम में बदल गईं, जब दावत का खाना खाने से सैकड़ों लोग फूड प्वाइजनिंग का शिकार हो गए। इन दो अलग-अलग घटनाओं में अब तक एक बुजुर्ग महिला की मौत हो चुकी है, जबकि दूल्हे और उसके पिता समेत करीब 350 से अधिक लोगों की हालत खराब है। भीषण गर्मी के बीच खराब भोजन (दूषित खाद्य पदार्थ) को इस सामूहिक बीमारी की मुख्य वजह माना जा रहा है।
अमरोहा: दावत के बाद महिला की मौत, गांव में दहशत
अमरोहा के बछरायूं क्षेत्र के गांव कमालपुर काजी में 19 अप्रैल को एक बैंक्वेट हॉल में लगन का कार्यक्रम आयोजित था। दावत खाने के बाद मेहमानों को पेट दर्द और उल्टी-दस्त की शिकायत शुरू हुई। मंगलवार देर शाम उपचार के दौरान 70 वर्षीय बुजुर्ग महिला फूलवती की मौत हो गई। परिवार के नौ अन्य सदस्य अभी भी मंडी धनौरा और गजरौला के निजी अस्पतालों में भर्ती हैं, जिनमें से कुछ की हालत चिंताजनक बनी हुई है। ग्रामीणों का आरोप है कि भीषण गर्मी के कारण भोजन खराब हो गया था, जिससे संक्रमण फैला।
संभल: रसमलाई और लॉन्ज ने बिगाड़ी 350 लोगों की तबीयत
दूसरी ओर, संभल के पवांसा ब्लॉक स्थित मिलक साकिन शोभापुर गांव में सोमवार रात बारात के दौरान अफरातफरी मची। गुन्नौर के फत्तेहपुर गांव से आई बारात में जैसे ही मेहमानों ने भोजन किया, उनकी तबीयत बिगड़ने लगी। सबसे पहले दूल्हा और उसके पिता को उल्टी-दस्त शुरू हुए, जिसके बाद देखते ही देखते करीब 350 लोग बीमार पड़ गए। ग्रामीणों का दावा है कि दावत में परोसी गई रसमलाई और लौकी की लॉन्ज का स्वाद खराब था। स्थिति इतनी बिगड़ गई कि मरीजों को आसपास के पांच अलग-अलग गांवों के निजी चिकित्सकों के पास भर्ती कराना पड़ा। करीमपुर घेर से भात भरने आए 50 में से 35 लोग भी इसकी चपेट में आ गए।
स्वास्थ्य विभाग बेखबर, निजी अस्पतालों में मची रही दौड़
हैरानी की बात यह है कि दोनों ही जिलों के स्वास्थ्य विभाग ने इतनी बड़ी घटनाओं की जानकारी होने से इनकार किया है। सरकारी मदद न मिलने पर ग्रामीणों ने निजी स्तर पर ड्रिप चढ़वाकर मरीजों का अपने स्तर प इलाज कराया। संभल की घटना के बाद गांव की व्यवस्थाएं पूरी तरह चरमरा गईं और देर रात तक अफरातफरी का माहौल रहा। फिलहाल दोनों गांवों में दहशत है और लोग स्वास्थ्य विभाग की टीम के पहुंचने का इंतजार कर रहे हैं।




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